डायनासोर की मौजूदगी बताने वाले प्रो. साहनी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 31 Jul 2020 05:13 PM IST
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प्रो. अशोक साहनी
प्रो. अशोक साहनी - फोटो : amar ujala

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गुजरात में डायनासोर की मौजूदगी बताने वाले लखनऊ निवासी भू-विज्ञानी प्रो. अशोक साहनी को केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2020 के लिए चुना है। मंत्रालय ने उन्हें अपने शोध पर एक वेबिनार व्याख्यान के लिए भी आमंत्रित किया है।
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प्रो. साहनी के चयन के लिए मंत्रालय के सचिव डॉ. एम राजीवन ने एक पत्र उनको भेजा है। प्रो. साहनी का यह चयन जियोलॉजी, पैलियोंटोलॉजी और बायोस्ट्रैटीग्राफी में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए किया गया है। कोरोना की वजह से उनको यह सम्मान प्रो. साहनी के महात्मा गांधी मार्ग स्थित आवास पर भेजा जाएगा।
प्रो. साहनी का काम जंतुओं के जीवाश्म के अध्ययन के लिए रहा है। डायनासोर उनके प्रिय विषय रहे हैं। नर्मदा के तट से डायनासोर राजसौरस नर्मडेन्सिस के जीवाश्म और अस्थिपंजर की खोज के बाद उनका नाम चर्चा में आया। वहीं, डायनासोर के गोबर में करोड़ों साल पुरानी घास की उपस्थिति भी उन्होंने प्रमाणित की।
पूरी दुनिया में उनके इस शोध को प्रमाणित और सराहा गया। प्रो. साहनी का एक बड़ा शोधकार्य गुजरात में बिखरे पड़े डायनासोर के अंडों को पहचान कर उनकी ओर ध्यान आकृष्ट करना भी है। वह भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के अलावा अन्य कई वैज्ञानिकों संस्थाओं के फैलो भी हैं। मिनेसोटा विवि से पीएचडी प्रो. साहनी ने एलयू में भी शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
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