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'मन की बात' में फिर हुआ बाराबंकी का जिक्र, 'चिया की खेती' करने वाले हरिश्चंद्र की मोदी ने की सराहना

Mon, 01 Mar 2021 11:06 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी Published by: ishwar ashish Updated Mon, 01 Mar 2021 11:06 AM IST
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Prime minister narendra Modi talks about a farmer in Mann ki baat.
किसान हरिश्चन्द्र - फोटो : amar ujala

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में एक बार फिर से जिला बाराबंकी का जिक्र हुआ। पीएम ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में यहां के किसान हरिश्चन्द्र को सराहा। किसान हरिश्चन्द्र ‘चिया के बीज’ की खेती कर रहे है। डीएम डॉ आदर्श सिंह ने इसके लिए ट्वीट कर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। डीएम ने कहा है कि डेढ़ वर्ष में यह चौथा अवसर है जब देश के साथ बाराबंकी की दास्तां साझा की गई है।

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बता दें कि यूपी में पहली बार सिद्धौर के अमसेरूवा गांव में किसान हरिश्चन्द्र ने चिया सीड की खेती शुरू की है। हरिश्चन्द्र सुल्तानपुर में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात हैं। पीएम ने मन की बात कार्यक्रम में चिया सीड की खेती के बारे में कहा कि भारत में इसे ज्यादातर बाहर से मंगाया जाता है।
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स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े लोग इसे काफी महत्व देते हैं। दुनिया में इसकी काफी मांग भी है इसलिए चिया सीड में भी आत्मनिर्भरता का बीड़ा लोग उठा रहे हैं। ऐसे ही बाराबंकी के हरिश्चन्द्र ने खेती शुरू की है। इससे उनकी आय भी बढ़ेगी और आत्मनिर्भर भारत अभियान में मदद भी मिलेगी।

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क्या है चिया सीड?

इसकी फसल रामदाना जैसी होती है। फसल लगभग 115 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। 1500 से 1800 रुपये प्रति किलो की दर पर बिकती है। प्रति बीघा 75 हजार का खर्च आता है और शुद्ध मुनाफा डेढ़ से दो लाख रुपये तक होता है। चिया सीड अंतरराष्ट्रीय बाजार से सिर्फ ऑनलाइन ही मंगाया जा सकता है। इसकी खेती के लिए जलवायु हल्की ठंडी अनुकूल है।

वीआईपी भोजन में प्रयुक्त होता है चिया सीड
बता दें, चिया सीड की खेती चीन में अधिक होती है। इसके बाद अमेरिका में भोजन के लिए उगाया जाता है। इससे लड्डू, चावल और हलवा जैसे व्यंजन बनते हैं। जिनका प्रयोग वीआईपी भोजन में होता है। चिया सीड की खेती भारत में मंदसौर और नीमच में अभी तक होती थी।

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