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कैंब्रिज के काव्य पाठ में शामिल होंगे पंकज प्रसून, बोले- कवि मन की वैक्सीन बनाता है

Tue, 19 Jan 2021 04:10 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 19 Jan 2021 04:10 PM IST
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Pankaj Prasoon will recite poem on Republic Day in Cambridge University.
पंकज प्रसून - फोटो : amar ujala

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी इंडिया सोसायटी की ओर से गणतंत्र दिवस के अवसर पर होने वाले आयोजन में बैसवारे के कवि पंकज प्रसून भी शामिल होंगे। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से काव्यपाठ के लिए उन्हें बुलाया गया है। कोविड की वजह से यह कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से होगा।

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कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी इंडिया सोसायटी के अध्यक्ष निशांत सक्सेना के अनुसार पंकज प्रसून का चयन उनके व्यंग्य और विज्ञान मिश्रित कविताओं के आधार पर किया गया है। वह इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम का संचालन कैम्ब्रिज के एशियन और मिडिल ईस्टर्न विभाग के ऐशवर्ज कुमार करेंगे।
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इस कार्यक्रम में पोलैंड की कवयित्री एलिक्जा इजराइल से लडमिला केबोतेरेब एवं ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. पद्मेश गुप्ता भाग लेंगे। यह कार्यक्रम कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकेगा। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय इंडिया सोसायटी की स्थापना जवाहर लाल नेहरू ने की थी। यह कैम्ब्रिज का सबसे बड़ा संगठन है, जो भारत और कैम्ब्रिज के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाने का कार्य कर रहा है।

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यह हिंदी कविता की जीत है

पंकज प्रसून इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा बनने को उत्साहित हैं। उनका कहना है कि यह हिंदी कविता की जीत है। वह बताते हैं कि वर्ष 2009 में उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से विश्व भाषा हिंदी-दशा व दिशा पर एमफिल की थी तब उन्होंने उसमें कैम्ब्रिज में हिंदी पर लेख लिखा था। उन्होंने कभी सोचा ही नहीं था कि एक दिन वहीं से बुलावा आएगा।

बैसवारे में जन्मे पंकज प्रसून पिछले डेढ़ दशक से लखनऊ में रह रहे हैं। उनकी अब तक सात किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से दो बार सम्मानित किया जा चुका है। वह पेशे से केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान लखनऊ में तकनीकी अधिकारी हैं। पंकज कहते हैं कि वैज्ञानिक तन की और कवि मन की वैक्सीन बनाता है।

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