पिता माली, मां करती है घरों में काम, बेटी एमबीए करने जाएगी अमेरिका
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मां घरों में जाकर काम करती है। पिता माली हैं। बिटिया अमेरिका में एमबीए की पढ़ाई करेगी। माता-पिता के सपनों को नया आकाश दिया है गोमतीनगर के ग्वारी की रहने वाली प्रीति रावत ने।
प्रीति को अमेरिका के कम्युनिटी कॉलेज की ओर से स्कॉलरशिप मिली है। इसके तहत उसे अमेरिका में रहकर पढ़ाई का मौका मिलेगा। स्कॉलरिशप में उसके रहने-खाने और आने-जाने बंदोबस्त भी होगा।
उसकी सफलता पर घर के साथ ही स्कूल में भी खुशी का माहौल है।
बिटिया के अमेरिका जाने की बात पर मंशाराम और राजेश्वरी चौंकते हैं। मंशाराम बोल पड़ते हैं-पिछले हफ्ते प्रीति ने बताया कि वो अमेरिका जाकर पढ़ाई करेगी, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ।
हमने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था। मंशाराम की तीन बेटियों में प्रीति सबसे बड़ी है। दो छोटी बेटियां शालिनी और शालू आठवीं और 12वीं की पढ़ाई प्रेरणा स्कूल से ही कर रही हैं। प्रीति ने 2013 में गोमतीनगर के प्रेरणा गर्ल्स स्कूल से 12वीं पास की है।
यह स्कूल स्टडी हॉल फाउंडेशन की ओर से खराब आर्थिक स्थित वाले बच्चों के लिए चलाया जाता। संस्था की ओर से ‘दीदीज’ के नाम से एक और संस्था चलाई जाती है जिसमें इन बच्चों की मांओं को काम दिया जाता है।
प्रीति की तमन्ना है अपना घर खरीदने की
12वीं के बाद प्रीति इसी संस्था में यूनिफॉर्म स्टोर संभालती है। एक साल तक एमबीए की पढ़ाई के बाद उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा। प्रीति अमेरिका के लिए अगस्त में रवाना होगी।
इससे पहले इसी स्कूल की जानकी नाम की छात्रा भी वर्ष 2014 में अमेरिका में स्कॉलरशिप के लिए चुनी जा चुकी है। प्रीति बताती है कि प्रेरणा स्कूल में उसकी टीचर्स ने इस स्कॉलरशिप के बारे में बताया था।
उनके कहने पर उसने आवेदन फॉर्म भरा था। आवेदन फॉर्म भरने के बाद उसका मौखिक साक्षात्कार लिया गया। दिसंबर में इसके लिए उसके पास काल आई। फोन पर इंटरव्यू हुआ। इसके बाद उसे दिल्ली बुलाया गया। जहां पर उसका टेस्ट लिया गया।
पिछले सप्ताह 18 मई को उसके पास फोन आया। उसे बताया गया कि स्कॉलरशिप के लिए उसका चुनाव हो गया है। प्रीति के अनुसार उसका सपना है कि एमबीए की पढ़ाई करने के बाद वह अच्छी जॉब करे।
जॉब से मिलने वाले पैसों से उसकी तमन्ना अपना घर खरीदने की है। प्रीति का परिवार फिलहाल गोमतीनगर के ग्वारी में किराए पर रहता है। उसका परिवार मूल रूप से गोसाईंगंज के बेली गांव का रहने वाला है।