{"_id":"58e202ac4f1c1bbf6e5b4afe","slug":"lucknow-girl-mrinalini-mitra-selected-project-for-peace","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ की बिटिया मृणालिनी दूर करेगी रायबरेली के गांव का अंधेरा","category":{"title":"Bashindey","title_hn":"बाशिंदे ","slug":"bashindey"}}
लखनऊ की बिटिया मृणालिनी दूर करेगी रायबरेली के गांव का अंधेरा
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Mon, 03 Apr 2017 02:54 PM IST
विज्ञापन
मृणालिनी मित्रा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली का एक गांव है पुरे पांडे, इस गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंचाई जा सकी। अब इस गांव का अंधेरा दूर करने का दारोमदार है लखनऊ की बिटिया मृणालिनी मित्रा पर। अमेरिका की डेविसन यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट्स मृणालिनी का चयन प्रोजेक्ट फॉर पीस के लिए चुना गया है।
विज्ञापन
खास है कि प्रोजेक्ट के लिए 120 स्टूडेंट्स चुने गए हैं, जिसमें चुनी गईं वह पहली भारतीय हैं। रायबरेली के गांव पुरे पांडे में कुछ दुकानदारों ने सोलर पैनल लगा रखे हैं। यहां बमुश्किल मोबाइल चार्ज कर पाते हैं लोग। वहीं दुकानदारों से मनमानी कीमत चार्जिंग के एवज में वसूली जाती है।
विज्ञापन
मृणालिनी ने जो प्रोजेक्ट तैयार किया है, उससे एक पंखा, एलईडी और मोबाइल चार्ज किया जा सकेगा। डेविस प्रोजेक्ट फॉर पीस अंडर स्नातक के विद्यार्थियों के लिए चलाया जाता है। इसके तहत पुरे पांडे के लोगों को एक सोलर पैनल दिया जाएगा। इससे उन्हें सात वॉट की बिजली 12 घंटे तक मिलेगी।
विज्ञापन
मृणालिनी के पिता एके मित्रा ने बताया कि वह इस समय अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है। जून से प्रोजेक्ट शुरू होगा। रायबरेली के बाद इसे कई जिलों में शुरू करने की योजना है।
दरअसल इससे पहले भी सोलर पैनल लगाने की कोशिश की गई थी, लेकिन बैठरी के मेंटेनेंस का खर्चा नहीं निकाल पा रहे थे स्थानीय निवासी।विवाद के चलते लोग एक दूसरे की तार काट देते थे। इस प्रोजेक्ट के तहत एक कोष बनाकर मेंटेनेंस का खर्चा निकाला जाएगा। लोगों से पांच रुपये रोज इस कोष में जमा कराए जाएंगे।