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लखनऊः गरीब बच्चों में शिक्षा का उजाला फैला रहे हैं आईटीआई के छात्र अभय
Fri, 09 Aug 2019 04:55 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 09 Aug 2019 04:55 PM IST
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बच्चों को पढ़ाते अभय सिंह
- फोटो : amar ujala
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आईटीआई के छात्र अभय सिंह को अपने भविष्य को संवारने की चिंता तो है ही साथ ही वो मलिन बस्तियोें में रह रहे गरीब बच्चों के भविष्य के प्रति भी संवेदनशील हैं। वे रोजाना मलिन बस्तियों में जाकर वहां के बच्चों को को बेसिक शिक्षा देते हैं। यही नहीं, उनको डांस और खेल भी सिखाते हैं।
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अभय सिंह ने लखनऊ के श्री जय नारायण पीजी कॉलेज से बीकॉम किया और भीमराव अंबेडकर आईटीआई कॉलेज से फिटर ट्रेड में डिप्लोमा कर रहे हैं। बीकॉम की पढ़ाई के दौरान उन्हें सड़क पर भीख मांग रहे बच्चों ने इतना द्रवित किया कि ऐसे बच्चों के लिए उन्होंने कुछ करने की ठानी।
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अपने साथी सोमनाथ कश्यप के साथ मिलकर बदलाव एक कदम शिक्षा की ओर संस्था का गठन किया और मलिन बस्तियों के बच्चों को पढ़ाने लगे। ऐसे बच्चों को पहले तो एकत्रित करने का काम किया जो कूड़ा बीनते हैं व भीख मांगते हैं। उनके अभिभावकों को इन बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित किया। यह सिलसिला शुरू हुआ तो धीरे-धीरे बढ़ता ही गया।
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वे रोजाना ऐसे कई बच्चों को एकत्रित कर उन्हें अंग्रेजी, हिंदी और गणित की बेसिक शिक्षा देते हैं। यही नहीं हर रविवार को उन्हीं बच्चों को डांस और खेल भी सिखाते हैं। पढ़ाई और खेलकूद में जो भी सामग्री लगती है वह बच्चों को निशुल्क प्रदान करते हैं। कॉपी-किताब समेत सभी प्रकार की पाठ्य सामग्री को अपने साथियों के साथ मिलकर निशुल्क देते हैं। बच्चों को बेसिक शिक्षा देने के बाद उनका सरकारी स्कूलों में दाखिला भी करवाते हैं।
बढ़ता गया सामाजिक सरोकारों का दायरा
बच्चों को पढ़ाने से शुरू हुआ सामाजिक सरोकारों का यह सिलसिला बढ़ता ही गया। अपने साथियों के साथ मिलकर वे शादी और होटलों में बचे खाने को एकत्रित करने लगे और उसे गरीब लोगों के बीच वितरित करने का पुनीत कार्य भी शुरू कर दिया। अभय बताते हैं कि समाज में यदि कोई भूखा सोता है तो यह सबसे बड़ा अभिशाप है।
इसके साथ ही वे लोगों को जागरूक कर ब्लड डोनेशन के प्रति प्रेरित करने लगे। अपने साथियों के साथ मिलकर कई बार ब्लड डोनेट किया। यही नहीं मलिन बस्तियों में बालिका व महिला स्वास्थ्य केप्रति भी जागरूक करते हैं। उन्हें खुद को स्वच्छ रखने के साथ अपने आसपास के क्षेत्र को भी स्वच्छ रखने की सीख देते हैं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए पौधरोपण अभियान भी चलाते हैं। इसके अलावा समय-समय पर नुक्कड़ नाटक कर विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर जागरूक करते हैं।
इसके साथ ही वे लोगों को जागरूक कर ब्लड डोनेशन के प्रति प्रेरित करने लगे। अपने साथियों के साथ मिलकर कई बार ब्लड डोनेट किया। यही नहीं मलिन बस्तियों में बालिका व महिला स्वास्थ्य केप्रति भी जागरूक करते हैं। उन्हें खुद को स्वच्छ रखने के साथ अपने आसपास के क्षेत्र को भी स्वच्छ रखने की सीख देते हैं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए पौधरोपण अभियान भी चलाते हैं। इसके अलावा समय-समय पर नुक्कड़ नाटक कर विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर जागरूक करते हैं।