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पांच साल के देवाग्य बने केजीएमयू के आईबैंक के वेलनेस ब्रांड एंबेसडर
Fri, 08 Mar 2019 04:42 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 08 Mar 2019 04:42 PM IST
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कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट और आई बैंक प्रभारी डाॅ अरुण कुमार शर्मा ने देवाग्य को सम्मानित किया
- फोटो : amar ujala
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यूं तो उनकी उम्र महज पांच साल है, लेकिन वाद्य यंत्र पर अंगुलियां ऐसे थिरकती हैं कि बड़े-बड़े दांतों तले अंगुली दबा लें। यहां बात हो रही है राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित देवाग्य दीक्षित की। इन्हें केजीएमयू ने बृहस्पतिवार को अपने आईबैंक का वेलनेस ब्रांड एंबेस्डर बनाया।
मौके पर कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट और आईबैंक प्रभारी डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने देवाग्य को सम्मानित भी किया। डॉ. शर्मा ने बताया कि महानगर निवासी देवाग्य लामार्ट में प्रेप का छात्र है। पांच साल की उम्र में ही वह ड्रम, राजोन, सिंथेसाइजर, डोमपाक और गिटार बजा लेता है।
उसने दो साल की उम्र में ही वाद्य यंत्र बजाना शुरू कर दिया था। अद्भुत प्रतिभा के धनी देवाग्य के पास सात राष्ट्रीय स्मृति रिकॉर्ड हैं। वेेनेजुएला राजदूत के जरिये भारत में सबसे कम उम्र के इस ड्रमर को सम्मानित भी किया था।
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डॉ. शर्मा ने बताया कि देवाग्य हीलिंग ध्वनि से समाज के उत्थान का भी काम कर रहा है। वह स्लम में रहने वाले 1200 लोगों तक पहुंच गया है। डॉ. अरुण ने बताया कि आईबैंक की टीम और देवाग्य मिलकर नेत्रदान जागरूकता के लिए अभियान चलाएंगे।
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मौके पर कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट और आईबैंक प्रभारी डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने देवाग्य को सम्मानित भी किया। डॉ. शर्मा ने बताया कि महानगर निवासी देवाग्य लामार्ट में प्रेप का छात्र है। पांच साल की उम्र में ही वह ड्रम, राजोन, सिंथेसाइजर, डोमपाक और गिटार बजा लेता है।
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उसने दो साल की उम्र में ही वाद्य यंत्र बजाना शुरू कर दिया था। अद्भुत प्रतिभा के धनी देवाग्य के पास सात राष्ट्रीय स्मृति रिकॉर्ड हैं। वेेनेजुएला राजदूत के जरिये भारत में सबसे कम उम्र के इस ड्रमर को सम्मानित भी किया था।
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डॉ. शर्मा ने बताया कि देवाग्य हीलिंग ध्वनि से समाज के उत्थान का भी काम कर रहा है। वह स्लम में रहने वाले 1200 लोगों तक पहुंच गया है। डॉ. अरुण ने बताया कि आईबैंक की टीम और देवाग्य मिलकर नेत्रदान जागरूकता के लिए अभियान चलाएंगे।
एक सेकेंड में 30 बीट निकालने में माहिर
देवाग्य
- फोटो : amar ujala
मां रश्मि दीक्षित ने बताया कि देवाग्य की संगीत की शुरुआती शिक्षा घर से हुई। पिता प्रतीक दीक्षित ने उसे ड्रम बजाना सिखाया। इसके बाद घर पर ही शिक्षक लगा दिया गया। रश्मि बताती हैं कि देवाग्य अब तक दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में 120 से अधिक शो कर चुका है। वह ड्रम पर एक सेकेंड में 30 बीट निकालता है।
यूपी में दो लाख लोग रोशनी के इंतजार में
डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि भारत में कार्निया ट्रांसप्लांट के लिए 20 लाख लोग वेटिंग में हैं। यूपी में यह संख्या दो लाख है। इसे कम करने के लिए नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करना होगा। बताया कि वर्ष 2016 में स्थापना के बाद से केजीएमयू आईबैंक 1200 लोगों का कार्निया ट्रांसप्लांट किया जा चुका है।
यूपी में दो लाख लोग रोशनी के इंतजार में
डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि भारत में कार्निया ट्रांसप्लांट के लिए 20 लाख लोग वेटिंग में हैं। यूपी में यह संख्या दो लाख है। इसे कम करने के लिए नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करना होगा। बताया कि वर्ष 2016 में स्थापना के बाद से केजीएमयू आईबैंक 1200 लोगों का कार्निया ट्रांसप्लांट किया जा चुका है।