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सांड के हमले में फटा किसान का पेट, एंबुलेंस कर्मचारी ने यूं बचाई जान
Wed, 02 Dec 2020 01:07 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 02 Dec 2020 01:07 PM IST
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घायल की देखभाल करता कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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एंबुलेंसकर्मी की सूझबूझ के चलते सांड के हमले में घायल एक किसान की जान बच गई है। किसान को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया है। उसकी हालत में सुधार हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, हरदोई के शिव लालपुर निवासी मुलायम (30) खेत में काम कर रहा था।
उसी दौरान एक सांड ने उसे पटक दिया, जिससे उसका पेट फट गया। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां वार्ड ब्वॉय टांका लगाने जा रहा था, लेकिन वहां मौजूद जीवीके ईएमआरआई एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) रन सिंह ने उसे रोका।
इस दौरान इमरजेंसी में आए डॉक्टर ने भी टांका लगाने से मना किया। बताया कि टांका लगाने से अंदर ऑक्सीजन भरने का डर रहता है। तत्काल ईएमटी ने एंबुलेंस चालक धर्मवीर सिंह को बुलाया और घायल को लेकर वे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रवाना हुए।
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उसी दौरान एक सांड ने उसे पटक दिया, जिससे उसका पेट फट गया। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां वार्ड ब्वॉय टांका लगाने जा रहा था, लेकिन वहां मौजूद जीवीके ईएमआरआई एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) रन सिंह ने उसे रोका।
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इस दौरान इमरजेंसी में आए डॉक्टर ने भी टांका लगाने से मना किया। बताया कि टांका लगाने से अंदर ऑक्सीजन भरने का डर रहता है। तत्काल ईएमटी ने एंबुलेंस चालक धर्मवीर सिंह को बुलाया और घायल को लेकर वे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रवाना हुए।
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डॉक्टरों से बनाए रखा संपर्क
ट्रॉमा जाते वक्त एंबुलेंस कर्मी हरदोई और एंबुलेंस सेंटर के कंट्रोल रूम के डॉक्टर के लगातार संपर्क में रहे। डॉक्टरों के बताए अनुसार, घायल को चार लीटर प्रति मिनट के हिसाब से ऑक्सीजन देते रहे। प्राथमिक उपचार की सभी जरूरतों का ध्यान रखते हुए उसे ट्रॉमा में भर्ती कराया गया। लोगों ने ईएमटी की सतर्कता और सूझबूझ की तारीफ की।