डिजिटल के लिए ,,, कोरोना से बचना है तो बढ़ाएं अपनी इम्यूनिटी माई सिटी रिपोर्टर लखनऊ। कोरोना से बचने के लिए इम्यूनिटी यानी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना जरूरी है। इम्यूनिटी मजबूत होगी तो वायरस का असर कम होगा। किचन में लौंग, हल्दी, इलायची आदि पर्याप्त मात्रा में रखने की जरूरत है। खानपान में बदलाव करके छोटी-छोटी बीमारियों से बचा जा सकता है। आपको सेहतमंद बनाए रखने के लिए अमर उजाला ने कुछ आयुर्वेदिक चिकित्सकों से बातचीत की। जानिए क्या है डॉक्टरों की सलाह- ऋतु के अनुसार रखें खानपान आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. शिवशंकर त्रिपाठी का कहना है कि इन दिनों नवरात्र भी चल रहा है। ऐसी स्थिति में सात्विक भोजन का प्रयोग करें। आमतौर पर शिशिर ऋतु में कफ अधिक बनता है। यह वसंत ऋतु आने पर पिघलता है, जो श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसलिए कफ को बढ़ाने वाले खानपान यानी खट्टा दही, गन्ने का रस, रात के समय फल का सेवन नहीं करना चाहिए। सुबह सोकर उठते ही गुनगुने पानी में नीबू का रस मिलाकर पीना फायदेमंद होता है। करीब 30 से 40 मिनट तक घर में ही टहलना चाहिए। इसके अलावा अनुलोम विलोम करें। सरसों, तिल या नारियल के तेल से शरीर में मालिश करें। खटाई, अचार, मसाले का सेवन कम करें। रात में सोते वक्त खजूर या मुनक्का लेना चाहिए। अदरक और काली मिर्च का करें प्रयोग विवेकानंद पॉलीक्लीनिक के आयुर्वेदाचार्य डॉ. विजय सेठ का कहना है कि इन दिनों बुखार, खांसी, जुकाम का जोर अधिक है। इसमें अदरक व काली मिर्च काफी कारगर है। ब्रोंकाइटिस के लिए सबसे प्रभावी उपचार 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर के साथ मिश्रित दूध का गिलास माना जाता है। यह मिश्रण खाली पेट या दिन में दो बार लिया जा सकता है। इसी तरह शुष्क अदरक और काली मिर्च के पाउडर के बराबर भाग शहद के साथ लेने से भी फायदा मिलता है। साधारण ज्वर (बुखार) के लिए मृत्यंजय रस 2 गोली, महासुदर्शन घनवटी 2 गोली, महाज्वरांकुश रस 2 गोली (सब गोलियां 1-1 रत्ती वाली) सुबह, दोपहर और शाम को पानी के साथ लेना चाहिए। तुलसी की पत्ती, अदरक और लौंग को उबाल कर लेते रहने से शरीर में होने वाले इंफेक्शन में राहत मिलती है। बच्चों को बुखार हो तो बेल के पत्तों का रस निकालकर शहद के साथ चटाना चाहिए।