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लखनऊवासियों को खगोलीय घटनाओं से रुबरु करा रहे सुमित, अब तक 50,000 लोगों को कर चुके हैं जागरुक

Thu, 18 Oct 2018 02:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 18 Oct 2018 02:41 PM IST
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story of sumit srivastava
सुमित श्रीवास्तव, वैज्ञानिक अधिकारी यूपीसीएसटी - फोटो : amar ujala
खगोलीय घटनाओं को लेकर लखनऊ में जागरूकता फैलाने के लिए 11 साल से सुमित श्रीवास्तव मुहिम चला रहे हैं। उनकी खुद की उम्र 29 है। यानी, 18 साल से वह इस अभियान से जुड़े हैं। 2007 में यूपी एमेच्योर एस्टॉनॉमर्स क्लब बनाकर शुरू हुई मुहिम में जहां वह स्कूलों में जाते हैं।
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वहीं इंदिरागांधी नक्षत्रशाला की मदद से पुराने लखनऊ जैसे घने इलाके में भी दूरदर्शी लगाकर लोगों को मंगल गृह के पृथ्वी के पास से गुजरने की खगोलीय घटनाएं दिखाते हैं। ब्लड मून, सुपरमून, उल्का वर्षा, ग्रहों का पारगमन की खगोलीय घटनाओं को दिखाने से लेकर वह अपनी टीम के साथ सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण के पीछे के वैज्ञानिक तथ्यों को भी लोगों के बीच पहुंचाने का काम करते हैं।
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उनका कहना है कि  चांद, तारों और अंतरिक्ष से जुड़ी चीजों के बारे में जानने की बच्चों के मन में हमेशा ही जिज्ञासा रहती है। तारे रात में कहां से आते हैं और सुबह होते ही कहां गुम हो जाते हैं। चंद्रमा कैसे छोटा बड़ा होता रहता है। आकाशगंगा क्या है? कौन किसकी परिक्रमा करता है।
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मैं और मेरी टीम ऐसे ही तमाम सवालों के बारे में जानकारी देकर बच्चों को जागरूक करते हैं। 2017 में मुझे यूपी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूपीसीएसटी) से वैज्ञानिक अधिकारी के रूप में जुड़ने का मौका मिला। लेकिन, खगोलीय घटनाओं के लिए लोगों और खास तौर पर बच्चों को वैज्ञानिक सोच के साथ जागरूक करने का सफर अब भी मेरा जारी है।

11 साल में 500 से अधिक कार्यक्रम

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सुमित ने बताया कि कई बार तो ऐसा भी होता है कि खगोलीय घटनाएं रात के समय ही शुरू होती हैं। ऐसे में पूरी रात जागकर लोगों को खगोलीय घटनाएं दिखानी होती हैं। तड़के सुबह तक खगोलीय घटनाएं दिखाने के बाद अपने मूल काम पर भी जाना होता है।

कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में ही तड़के सुबह कुछ घंटे सोने के बाद अपनी यूपीसीएसटी में वैज्ञानिक अधिकारी के रूप में मिली जिम्मेदारियां भी पूरी की हैं। खगोलीय घटनाओं पर जागरूकता कार्यक्रम के लिए कई बार लखनऊ से बाहर भी जाना होता है।

अब तक करीब 50,000 लोगों को खगोलीय घटनाओं के लिए मैं और मेरी टीम जागरूक कर चुके हैं। मेरी लिए सबसे अधिक खुशी की बात यह है कि मेरी टीम में आए दिन छात्र क्लब का सदस्य बनने के लिए जुड़ते हैं। उन्हें एस्ट्रोनॉमी में ही अपना भविष्य और करियर दिखता है।

सुमित ने बताया कि पिछले 11 साल में हमारा क्लब करीब 500 कार्यक्रम आकाश दर्शन के करा चुका है। ऐसा क्लब के साथ स्वेच्छा से जुड़े कार्यकर्ताओं के सहयोग से ही संपन्न हो सका है। हमारा प्रयास है कि खगोल विज्ञान और खगोलीय घटनाओं के लिए लखनऊ को और अधिक जागरूक किया जाए। खगोलीय घटनाओं और दूसरे विषयों पर अब फिल्म मेकिंग के लिए अब उन्होंने प्रयास शुरू किए हैं।

 
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