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लखनऊ के रजा हुसैन मुश्किल में पड़े बच्चों के हैं सच्चे दोस्त, ऐसे करते हैं मदद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:04 PM IST
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बच्चों के साथ रजा हुसैन
- फोटो : amar ujala
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मुश्किल में फंसे बच्चों को रेस्क्यू करने के बाद ही काम खत्म नहीं हो जाता और उन्हें उचित काउंसिलिंग देकर सामान्य जीवन की ओर मोड़ना अगली चुनौती होती है। पहले पक्ष पर जहां चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति लगातार काम कर रही हैं, दूसरे पक्ष में लखनऊ के रजा हुसैन जैदी जैसे युवाओं की भूमिका अहम है।
रजा मनोविज्ञान के स्टूडेंट हैं और वॉलेंटियर के रूप में चाइल्ड लाइन द्वारा रेस्क्यू किए गए बच्चों की काउंसलिंग कर रहे हैं। लखनऊ में हर महीने चाइल्ड लाइन द्वारा बीसियों बच्चों को बालश्रम से लेकर बाल-तस्करी जैसे मामलों में रेस्क्यू किया जा रहा है।
उन्हें जहां सरकार और कानून द्वारा संरक्षण व आश्रय दिया जाता है, तो वहीं उनके द्वारा झेली गई पीड़ा को भूलाने में रजा जैदी लखनऊ में काम कर रहे हैं। रेस्क्यू किए गए बच्चे कई तरह की जानकारियां कानून को दे सकते हैं, लेकिन झेली गई पीड़ा की वजह से उनकी मानसिक अवस्था ऐसी नहीं होती कि वे खुल कर किसी से भी बात कर सकें।
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रजा मनोविज्ञान के स्टूडेंट हैं और वॉलेंटियर के रूप में चाइल्ड लाइन द्वारा रेस्क्यू किए गए बच्चों की काउंसलिंग कर रहे हैं। लखनऊ में हर महीने चाइल्ड लाइन द्वारा बीसियों बच्चों को बालश्रम से लेकर बाल-तस्करी जैसे मामलों में रेस्क्यू किया जा रहा है।
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उन्हें जहां सरकार और कानून द्वारा संरक्षण व आश्रय दिया जाता है, तो वहीं उनके द्वारा झेली गई पीड़ा को भूलाने में रजा जैदी लखनऊ में काम कर रहे हैं। रेस्क्यू किए गए बच्चे कई तरह की जानकारियां कानून को दे सकते हैं, लेकिन झेली गई पीड़ा की वजह से उनकी मानसिक अवस्था ऐसी नहीं होती कि वे खुल कर किसी से भी बात कर सकें।
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बिना आर्थिक प्रलोभन के करते हैं काम
रजा हुसैन
- फोटो : amar ujala
चाइल्ड लाइन द्वारा ऐसे मौकों पर जैदी को बच्चे से बातचीत और काउंसलिंग में लगाया जाता है। मनोविज्ञान की पढ़ाई के साथ साथ उनका स्वभाव और बच्चों के बीच उनका अनुभव न केवल खुद बच्चों को विकट मानसिक अवस्था में निकलने में मदद करता है, बल्कि वे अपने से जुड़े मामलों में ऐसी जानकारियां सामने रखते हैं, जिनसे कानून को मदद मिल सकती है।
कई दफा बच्चे विपत्ति में फंसे दूसरे बच्चों की जानकारी देकर उन्हें भी मदद दिला पाते हैं। रजा जैदी यह सब बिना किसी आर्थिक या अन्य प्रलोभन के करते हैं। जिसे चाइल्ड लाइन द्वारा भी सराहा जाता है।
कई दफा बच्चे विपत्ति में फंसे दूसरे बच्चों की जानकारी देकर उन्हें भी मदद दिला पाते हैं। रजा जैदी यह सब बिना किसी आर्थिक या अन्य प्रलोभन के करते हैं। जिसे चाइल्ड लाइन द्वारा भी सराहा जाता है।