अंबेडकरनगर के इस युवक ने बनाया खेत की जुताई का नायाब तरीका, आप भी अपनाएं ये तकनीक
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बाइक से खेत की जुताई करने से न सिर्फ आर्थिक लाभ होता है, बल्कि गन्ने की फसल नुकसान होने से भी बचाव होता है। खेत की जुताई करने के लिए किसान ट्रैक्टर या फिर बैल का सहारा लेते हैं। इसमें उन्हें जहां अधिक धनराशि खर्च करना पड़ता है, वहीं समय पर मजदूर न मिलने से भी विभिन्न प्रकार की समस्या खड़ी होती है।
सबसे अधिक समस्या गन्ना के खेत की जुताई में सामने आती है। दरअसल एक बीघा गन्ना खेत की जुताई करने में लगभग दो हजार रुपये खर्च होता है। इसके अलावा ट्रैक्टर या फिर बैल के माध्यम से जुताई करने में फसल को भी नुकसान होता है।
इससे गन्ना किसानों को दोहरी चपत लगती है। इस समस्या को दूर करने के लिए अकबरपुर तहसील अंतर्गत बरधाभिउरा गांव निवासी प्रदीप वर्मा ने नायाब तरीका निकाला है। उसने गन्ना जुताई के लिए न तो ट्रैक्टर का प्रयोग किया और न ही बैल का।
बाइक से जुताई करने पर हुई आर्थिक बचत
उसने तीन फार वाला एक कल्टीवेटर उसने खुद ही बनाया। उसे बाइक के पीछे बांध दिया। इसके बाद वह बाइक लेकर खुद ही गन्ने के खेत में जुताई के लिए उतर पड़ा। लगभग डेढ़ घंटे में उसने एक बीघा गन्ना के खेत की जुताई कर डाला।
प्रदीप ने बताया कि एक बीघा खेत की जुताई में मात्र दो लीटर पेट्रोल खर्च हुआ। कहा कि पौधा गन्ने के साथ साथ पेड़ी गन्ने की भी जुताई और अच्छी होती है। बाइक से जुताई करने से न सिर्फ आर्थिक बचत हुई, बल्कि फसल को नुकसान भी नहीं हुआ।
मजदूर की भी तलाश नहीं करनी पड़ी। कहा कि समय पर मजदूर न मिलने व ट्रैक्टर से जुताई के दौरान टायर से दबकर फसल को भी नुकसान होता था। इसे देखते हुए उसने बाइक से जुताई करने का मन बनाया।
इसमें सफलता भी मिली। अब वह अन्य खेत की भी जुताई बाइक से करेगा। जुताई को लेकर प्रदीप द्वारा निकाले गए नायाब तरीके को देखने के लिए बड़ी संख्या में अन्य लोग भी वहां जुटे।