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सामाजिक रूढ़ियों पर जीत है मधु दीक्षित की उपलब्धि

Wed, 18 Oct 2017 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 18 Oct 2017 12:02 AM IST
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madhu dikshit becomes director of  Central Drug Research Institute
मधु दीक्षित - फोटो : amar ujala
महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है। खासकर उन क्षेत्रों में भी पद और प्रतिष्ठा हासिल कर रही हैं, जहां कभी सिर्फ पुरुषों का दबदबा था। ऐसा ही एक संस्थान है केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, जहां छह दशक के लंबे अंतराल के बाद किसी महिला ने प्रतिष्ठित निदेशक का पद ग्रहण किया।
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ये शक्ति स्वरूपा है मधु दीक्षित, जिन्होंने 1951 में स्थापित संस्थान के निदेशक का पद 2015 में ग्रहण किया और संस्थान की पहली महिला निदेशक होने का गौरव हासिल किया। दीक्षित अपनी इस उपलब्धि को कई रूपों में देखती हैं। वह कहती हैं कि इस महत्वपूर्ण संस्थान की पहली महिला निदेशक होना गौरवपूर्ण तो है ही साथ ही मेरे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि मुझे उस संस्थान ने इस योग्य समझा, जहां मैं पढ़ाई करने आई थी।
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वह कहती हैं कि मैं जब 1978 में पीएचडी करने आई थी तो मैं नहीं जानती थी कि वैज्ञानिक बनूंगी। मैं एमएससी के बाद इलाहाबाद से आई थी। मेरी प्रतिभा को यहां पहचाना गया, जिसके लिए मैं अपने गुरुओं का आभार व्यक्त करना चाहूंगी।1987 में मुझे वैज्ञानिक का पद मिला और 2015 में निदेशक का पद। मधु दीक्षित अपनी इस उपलब्धि को समाज की रुढ़ियों पर जीत भी मानती हैं।
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वह कहती हैं कि मेरी मां ने घरेलू महिला होते हुए भी मुझे उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया। मेरे दो भाई हैं, लेकिन माता-पिता ने मुझे अकेली बेटी को पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। वह कहती हैं कि ऐसे पदों पर महिलाओं की स्वीकार्यता कम रही है, लेकिन वस्तुत: आपकी महत्वाकांक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। अगर आप कुछ तय करते हैं तो उसको हासिल करना आपकी दृढ़ता और मेहनत पर निर्भर होती है।

दीक्षित बताती हैं कि इस पद की जिम्मेदारी ग्रहण करने के बाद दो महत्वपूर्ण दवाओं को बाजार में उतारने का कार्य हुआ है। एंटी आस्टियो आर्थराइटिस के दवा की विधि गुजरात की एक कंपनी को सौंपी गई है और वह जल्द ही इसे बाजार में उतारने वाली है।


इसी प्रकार हैदराबाद की कंपनी को भी एक दवा का लाइसेंस दिया गया है, जो टूटी हड्डियों को तेजी से जोड़ने में मदद करेगी। दीक्षित व्यक्तिगत तौर में ब्रेन में क्लॉट बस्टर पर काम कर रही हैं। वे इसकी दवा का परीक्षण कर रही हैं। 
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