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लखनऊ की इतिदा स्वतंत्रता दिवस पर विदेश में मचाएंगी धूम

Tue, 04 Jul 2017 03:32 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Tue, 04 Jul 2017 03:32 PM IST
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lucknow singer itida will give performance in foreign
गाय‌िका इत‌िदा - फोटो : amar ujala
स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ पर विदेश में भारतीय और पाश्चात्य संगीत की जुगलबंदी धूम मचाएगी। तमाम कलाकारों और संगीत दलों के साथ लखनऊ का ‘देस परदेस’ बैंड भी वहां अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन करेगा।
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बैंड का नेतृत्व लखनऊ की इतिदा करती हैं जो भारतीय संगीत के पाश्चात्य संगीत के साथ जुगलबंदी का कार्यक्रम प्रस्तुत करती रही हैं। लखनऊ में जन्मीं मगर अप्रवासी भारतीय इतिदा पिछले कुछ समय से लखनऊ में हैं। 
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इतिदा ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने बैंड को यह जिम्मेदारी सौंपी है। संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने बैंड के एक कार्यक्रम के बाद हमें यह कार्य सौंपा।
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उन्होंने बताया कि जल्द ही विदेश यात्रा का पूरा स्वरूप तय हो जाएगा। संयुक्त राज्य अमेरिका में पली-बढ़ी इतिदा विख्यात गायिका गिरिजा देवी से पिछले कई वर्षों से संगीत की तालीम ले रही हैं।

उन्होंने ठुमरी, दादरा, कजरी, चैती जैसे उपशास्त्रीय संगीत की रचनाओं को पाश्चात्य संगीत के साथ मिलाकर फ्यूजन प्रस्तुत करने की कोशिश की है। उनके बैंड ‘देस परदेस’ में उनका साथ बनारस के युवा गायक रोहित-राहुल मिश्र और सरोद वादक अंशुमान महाराज देते हैं। 

कई महोत्सवों में दिखा चुकीं प्रतिभा

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डेमो - फोटो : demo pic
लखनऊ महोत्सव में अपने कार्यक्रम से सबका ध्यान आकर्षित करने वाली इतिदा के इस बैंड ने सैफई महोत्सव सहित कई प्रसिद्ध महोत्सवों में कार्यक्रम प्रस्तुत किया है। उन्हें लखनऊ में आयोजित अप्रवासी भारतीयों के कार्यक्रम में सम्मानित भी किया जा चुका है।

इतिदा कहती हैं कि हमारे बैंड को प्रसिद्ध फिल्म संगीतकार एआर रहमान की भी सराहना मिली है। उनके यूट्यूब चैनल पर हमारे कई गीत भी प्रस्तुत हो चुके हैं। इतिदा मानती हैं कि पहले तो उनकी गुरु मां गिरिजा देवी फ्यूजन के मेरे इन प्रयासों के लिए तैयार नहीं हुईं थी लेकिन यह भरोसा होने के बाद कि मैं बंदिशों से छेड़छाड़ नहीं करूंगी, वे धीरे-धीरे इसके लिए तैयार हो सकीं।

इतिदा कहती हैं कि भारतीय संगीत से मेरा परिचय काफी देर से हो सका लेकिन गिरिजा देवी के रूप में मुझे एक ऐसा गुरु मिला जो दुर्लभ है। 89 वर्ष की अवस्था में वे आज भी ऊर्जा से भरी हुई हैं और नियमित रियाज करती हैं।

वह हम शिष्य-शिष्याओं को एक अच्छे कलाकार के साथ ही एक अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा देती हैं। इतिदा बताती हैं कि बैंड में भारतीय कलाकार तो तय हैं लेकिन विदेशी कलाकार बदलते रहते हैं।

सोशल मीडिया के जरिए हम विदेशी कलाकारों का चयन करते हैं। पिछले दिनों लखनऊ में उनके साथ स्कॉटलैंड के कोनोर (गिटार), इजराइल के याहाव (गिटार) और इडो (ड्रम) ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए थे।
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