कमांड अस्पताल को 29 साल बाद मिली महिला मेजर जनरल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
29 साल बाद छावनी स्थित कमांड अस्पताल में महिला मेजर जनरल ने कमान संभाली है। मेजर जनरल विभा दत्ता अस्पताल की दूसरी महिला सेनानायक बनीं। इससे पहले 1986 में मेजर जनरल निर्मल आहूजा ने यह पद संभाला था।
मेजर जनरल विभा दत्ता ने बीते पहली जुलाई को यह जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले वह अस्पताल में वर्ष 2009 से 2011 तक पैथालॉजी व ऑन्कोलॉजी की सीनियर एडवाइजर भी रह चुकी हैं।
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में मेजर जनरल रैंक पर तीन महिला सैन्य अधिकारी सेवारत हैं, जिनमें से दो सेनानायक हैं। मेजर जनरल विभा दत्ता दूसरी महिला सैन्य अधिकारी हैं, जिन्होंने मध्य कमान अस्पताल के सेनानायक के रूप में कार्यभार संभाला।
इससे पहले मेजर जनरल निर्मल आहूजा ने दो जून, 1986 से 31 दिसंबर, 1987 तक यह जिम्मेदारी संभाली थी। मेजर जनरल विभा दत्ता सेना के नई दिल्ली स्थित सेना अस्पताल (रिसर्च एवं रेफ रल) और पुणे स्थित आर्म्ड फ ोर्सेज मेडिकल कॉलेज के पैथालॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष थीं।
उन्हें उत्कृष्ट कार्यो के लिए मिला सेना मेडल व प्रशंसापत्र
मेजर जनरल विभा दत्ता दिल्ली यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी कॉलेज मेडिकल साइंसेज की छात्रा रही हैं। 30 नवंबर, 1983 में वह सेना चिकित्सा कोर में कमीशंड हुईं।
1986 में पुणे के आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज से पैथालॉजी में एमडी किया है। इसके बाद मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से ट्यूमर हिस्टोपाथ/सिटोलॉजी तथा बर्मिंघम (ब्रिटेन) स्थित क्वीन एलिजाबेथ हॉस्पिटल से लीवर ट्रांसप्लांट पैथालॉजी में ट्रेनिंग ली।
उन्होंने एम्स, दिल्ली से ऑन्कोलॉजी पैथालॉजी में भी पीएचडी किया है। उन्होंने उत्कृष्ट कार्यों के लिए ‘सेना मेडल’ व थल सेनाध्यक्ष और पश्चिमी कमान के सेनाध्यक्ष का प्रशंसापत्र भी प्राप्त है। वह सेवानिवृत्त मेजर जनरल अजय के. दत्त की वाइफ हैं, जो मध्य कमान अस्पताल के सेनानायक रह चुके हैं।