{"_id":"5c6bd081bdec2217fc33eea7","slug":"b-tech-students-vandana-and-ayushi-made-iot-based-garbage-monitoring-system","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीटेक फाइनल ईयर की छात्रा वंदना और आयुषि ने बनाया आईओटी बेस्ड कूड़ादान, ऐसे करेगा काम","category":{"title":"Bashindey","title_hn":"बाशिंदे ","slug":"bashindey"}}
बीटेक फाइनल ईयर की छात्रा वंदना और आयुषि ने बनाया आईओटी बेस्ड कूड़ादान, ऐसे करेगा काम
Tue, 19 Feb 2019 03:19 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 19 Feb 2019 03:19 PM IST
विज्ञापन
आयुषि वर्मा व वंदना कुशवाहा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘स्वच्छ भारत अभियान’ को केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार तक बढ़ावा दे रही है। अभियान ने लोगों की सोच बदली है। युवाओं ने भी इसमें सुधार किए हैं। बीबीडी एनआईआईटी की बीटेक फाइनल ईयर की छात्रा वंदना कुशवाहा व आयुषि वर्मा ने आईओटी बेस्ड गार्बेज मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित किया है।
यह सिस्टम कचरे से भरे डिब्बे की सूचना जिम्मेदारों तक पहुंचाएगा ताकि समय पर उसे खाली किया जा सके। वंदना ने बताया कि कूड़ेदान में सेंसर लगाए गए हैं। इस सेंसर को मुख्य केंद्र से कनेक्ट किया गया। जब कूड़ादान 30 फीसदी भर जाएगा तो सेंसर केंद्र तक इसकी सूचना पहुंचा देगा।
जब कूड़ादान 60 फीसदी भर जाएगा तो दोबारा सूचना भेजेगा और जब कूड़ेदान पूरी तरह से भर जाएगा तो अलार्म बजने लगेगा। इसके माध्यम से कूड़ादान भरने के बाद नगर निगम या जिम्मेदार एजेंसी इसे तुरंत खाली करवा सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह सिस्टम कचरे से भरे डिब्बे की सूचना जिम्मेदारों तक पहुंचाएगा ताकि समय पर उसे खाली किया जा सके। वंदना ने बताया कि कूड़ेदान में सेंसर लगाए गए हैं। इस सेंसर को मुख्य केंद्र से कनेक्ट किया गया। जब कूड़ादान 30 फीसदी भर जाएगा तो सेंसर केंद्र तक इसकी सूचना पहुंचा देगा।
विज्ञापन
जब कूड़ादान 60 फीसदी भर जाएगा तो दोबारा सूचना भेजेगा और जब कूड़ेदान पूरी तरह से भर जाएगा तो अलार्म बजने लगेगा। इसके माध्यम से कूड़ादान भरने के बाद नगर निगम या जिम्मेदार एजेंसी इसे तुरंत खाली करवा सकती हैं।
विज्ञापन
ओवरफ्लों नहीं होंगे कूडेदान
कूड़ेदान
- फोटो : amar ujala
कूड़े को निर्धारित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है। इससे कूड़ादान ओवरफ्लो नहीं होंगे और साफ-सफाई बेहतर हो सकेगी। इसके साथ ही इसी आईओटी के प्रयोग से अगर चाहें तो कूड़ेदान का ढक्कन ऑटोमेटिक खुलने व बंद करने की भी व्यवस्था की जा सकती है।