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लखनऊः बिजली की बर्बादी रोकने के लिए बीटेक के छात्रों ने बनाया इंफ्रारेड सेंसर, ऐसे करेगा काम
Sat, 06 Apr 2019 04:36 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 06 Apr 2019 04:36 PM IST
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इंफ्रारेड सेंसर
- फोटो : amar ujala
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ऊर्जा संरक्षण के लिए सरकार से लेकर आम आदमी तक प्रयास कर रहा है। साथ ही सौर ऊर्जा को बढ़ावा भी दिया जा रहा है। इस क्रम में लखनऊ के बीबीडी एनआईटीएम के बीटेक के छात्र प्रियम त्रिपाठी व प्रीतेश गुप्त ने इंफ्रारेड सेंसर बनाया है।
इसके प्रयोग से स्ट्रीट लाइट में होने वाली बिजली की बर्बादी रोकी जा सकती है। प्रियम ने बताया कि इंफ्रारेड सेंसर को 100-100 मीटर पर स्ट्रीट लाइट में लगाया जाएगा। जो किसी भी वाहन के 50 मीटर दूर होने पर ही इसे पकड़ लेगी और लाइट जल जाएगी। बाकी समय में लाइट बुझी रहेगी।
उन्होंने कहा कि अक्सर आधी रात के बाद मुख्य सड़कों को छोड़कर अधिकतर गलियों में स्ट्रीट लाइट यूं ही सुबह होने तक जलती है। ऐसे में अगर हम सिर्फ गलियों में ही इसका प्रयोग करें तो पांच-छह घंटे में खर्च होने वाली बिजली को बचाया जा सकता है।
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प्रियम ने बताया कि अभी हमने इसका डेमो बनाया है। सरकार चाहे तो इसे और व्यापक स्तर पर विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में बिजली की खपत बढ़ी है, वहीं उत्पादन कम हुआ है। लगातार पानी की कमी से बिजली का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इसे देखते हुए हमने इस सेंसर का विकास किया है।
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इसके प्रयोग से स्ट्रीट लाइट में होने वाली बिजली की बर्बादी रोकी जा सकती है। प्रियम ने बताया कि इंफ्रारेड सेंसर को 100-100 मीटर पर स्ट्रीट लाइट में लगाया जाएगा। जो किसी भी वाहन के 50 मीटर दूर होने पर ही इसे पकड़ लेगी और लाइट जल जाएगी। बाकी समय में लाइट बुझी रहेगी।
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उन्होंने कहा कि अक्सर आधी रात के बाद मुख्य सड़कों को छोड़कर अधिकतर गलियों में स्ट्रीट लाइट यूं ही सुबह होने तक जलती है। ऐसे में अगर हम सिर्फ गलियों में ही इसका प्रयोग करें तो पांच-छह घंटे में खर्च होने वाली बिजली को बचाया जा सकता है।
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प्रियम ने बताया कि अभी हमने इसका डेमो बनाया है। सरकार चाहे तो इसे और व्यापक स्तर पर विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में बिजली की खपत बढ़ी है, वहीं उत्पादन कम हुआ है। लगातार पानी की कमी से बिजली का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इसे देखते हुए हमने इस सेंसर का विकास किया है।