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13 साल के शिवम ने बना दिया बैट्री चालित कूलर, बनना चाहता है वैज्ञानिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 14 Jul 2018 04:48 PM IST
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शिवम
- फोटो : amarujala
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नरही में रहने वाला शिवम जायसवाल की उम्र महज 13 साल है। इस उम्र में जहां बाकी विद्यार्थी भौतिकी की बुनियादी जानकारी जुटाते हैं वहीं शिवम ने जुगाड़ के दम पर पेपर कटर मशीन, वाटर पंप और कूलर बनाकर लोगों को हैरानी में डाल दिया। मजे की बात यह है कि ये उपकरण बैट्री के सहारे चलते हैं।
नेशनल इंटर कॉलेेज में सातवीं के छात्र शिवम आगे चलकर वैज्ञानिक बनना चाहते हैं, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि उसे सहारा मिल सके। शिवम के अनुसार जिन घरों में बिजली नहीं है वे इन उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं। इसमें बैट्री की खपत भी काफी कम है।
उनके अनुसार अगर इन चीजों को बड़े मोटर की सहायता से चलाया जाए तो ऊर्जा की काफी बचत हो सकती है। शिवम बचपन से ही विज्ञान के प्रति बेहद जागरुक है। बिना किसी आर्थिक मदद सिर्फ अपने दम पर वह नए-नए इनोवेशन करता रहता है।
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शिवम के पिता चिड़ियाघर के बाहर ठेला लगाते हैं।
इस ठेले पर कभी आम का पना होता है तो कभी मौसमी फल। इसकी सहायता से वह बमुश्किल अपना घर चला पाते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वे सामान्य खर्च के बाद अपने बेटे के लिए इनोवेशन के लिए सामग्री जुटा सकें। उनका सपना है कि उनका बेटा वैज्ञानिक बनकर नाम रोशन करे।
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नेशनल इंटर कॉलेेज में सातवीं के छात्र शिवम आगे चलकर वैज्ञानिक बनना चाहते हैं, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि उसे सहारा मिल सके। शिवम के अनुसार जिन घरों में बिजली नहीं है वे इन उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं। इसमें बैट्री की खपत भी काफी कम है।
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उनके अनुसार अगर इन चीजों को बड़े मोटर की सहायता से चलाया जाए तो ऊर्जा की काफी बचत हो सकती है। शिवम बचपन से ही विज्ञान के प्रति बेहद जागरुक है। बिना किसी आर्थिक मदद सिर्फ अपने दम पर वह नए-नए इनोवेशन करता रहता है।
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शिवम के पिता चिड़ियाघर के बाहर ठेला लगाते हैं।
इस ठेले पर कभी आम का पना होता है तो कभी मौसमी फल। इसकी सहायता से वह बमुश्किल अपना घर चला पाते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वे सामान्य खर्च के बाद अपने बेटे के लिए इनोवेशन के लिए सामग्री जुटा सकें। उनका सपना है कि उनका बेटा वैज्ञानिक बनकर नाम रोशन करे।