आईटी कॉलेज के बीएड दाखिले अवैध, स्टूडेंट्स नहीं दे पाएंगी परीक्षा
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लखनऊ विश्वविद्यालय ने परीक्षा से महज एक दिन पहले आईटी गर्ल्स कॉलेज के बीएड कोर्स के इस सत्र के दाखिले को गलत करार देते हुए 60 छात्राओं की परीक्षा कराने पर रोक लगा दी। विवि का कहना है कि जांच में कॉलेज में बीएड सत्र 2017-19 में हुए प्रवेश को गलत और मानक के विपरीत पाया गया है।
यही नहीं विश्वविद्यालय 2007 से अब तक हुए प्रवेश की भी जांच कराकर कॉलेज पर कार्रवाई की तैयारी में भी है। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। आखिर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेज पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की। वहीं, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन छात्राओं का क्या कुसूर है जिन्हें परीक्षा से वंचित किया गया?
मामले को लेकर गठित प्रति कुलपति प्रो. यूएन द्विवेदी की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को विवि प्रशासन ने यह निर्णय लिया। कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि 2017 में कॉलेज की ओर से लिए गए प्रवेश मानक के अनुरूप नहीं थे। कॉलेज प्रशासन इन दाखिलों को लेकर मांगी गई जानकारी देने में नाकाम रहा है। इतना ही नहीं विवि प्रशासन को गलत-भ्रामक जानकारी देकर धोखा दिया गया।
कार्रवाई इसलिए
- सिर्फ 2007 के सत्र के लिए था कोर्ट का आदेश
- कुलपति के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं व अभिभावकों को गलत जानकारी दी। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि वह हाईकोर्ट के 2007 के आदेश के आधार पर अब तक प्रवेश लेते रहे हैं, जो सिर्फ एक सत्र के लिए था।
शासनादेश का भी पालन नहीं किया
कॉलेज ने अल्पसंख्यक कॉलेज के लिए निर्धारित 50 सीटों पर खुद प्रवेश लेने में भी शासनादेशों का पालन नहीं किया है। छात्राओं को प्रवेश पत्र भी जारी नहीं किया गया है।
- धोखाधड़ी को लेकर भी करेंगे कार्रवाई
कुलपति के मुताबिक रजिस्ट्रार को कॉलेज से स्पष्टीकरण लेकर आगे की कार्रवाई करने को कहा गया है। विवि प्रशासन कॉलेज के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में भी कार्रवाई करेगा।
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