कक्षा चार की छात्रा अंशिका बनी एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ग्रैंड मास्टर
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विलक्षण प्रतिभा की धनी प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा चार की छात्रा अंशिका एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ग्रैंड मास्टर बन गई है। छह मिनट 26 सेकेंड में देश के 29 राज्यों व उनकी राजधानी के नाम तथा देश के 726 जिलों का नाम बताने पर यह सम्मान मिला है।
इसके पूर्व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में उसका नाम दर्ज हो चुका है। यह नई ग्रैंड मास्टर जिले के इटियाथोक शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भीखमपुरवा में चौथी क्लास की छात्रा है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की तरफ से शनिवार को यह सम्मान पत्र जारी किया गया, जिसमें सबसे कम समय में सभी प्रदेश की राजधानी व छह सौ जिलों के नाम बताने पर यह विशेष सम्मान प्रदान करने का जिक्र किया गया है।
जिले के इटियाथोक शिक्षा क्षेत्र के भीखमपुरवा गांव की रहने वाली नौ वर्षीया अंशिका को शिक्षा विरासत में मिली है। अंशिका के पिता मनोज मिश्रा व बड़े पिता प्रमोद मिश्रा दोनों ही सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं। उसके बाबा स्व. घनश्याम मिश्रा भी सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक थे। अंशिका अपने गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ती है और इस समय वह चौथी क्लास की छात्रा है।
अंशिका के पिता मनोज ने बताया कि बेटी के याद करने की क्षमता बहुत तेज है। कोई भी पाठ उसे आसानी से याद हो जाता है। इसी प्रतिभा के बल पर पिछले वर्ष उसने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की अफसरों की मौजूदगी में छह मिनट 26 सेकेंड में सभी 29 राज्यों के नाम व उनकी राजधानी समेत देश भर के 726 जिलों का नाम सुना दिया था। अंशिका की इस उपलब्धि पर उसका नाम रिकॉर्ड्स बुक में शामिल किया गया था। हाल ही में अंशिका के पिता ने बिटिया के इस रिकॉर्ड्स को एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स की ग्रैंड कैटेगरी में शामिल किए जाने का दावा किया था।
शिक्षकों व अफसरों ने दी बधाई
शनिवार को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की तरफ से इस दावे को मानकर अंशिका को ‘ग्रैंड मास्टर’ घोषित किया है। अंशिका को ग्रैंड मास्टर जैसे विशेष सम्मान से सम्मानित किए जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह, बीईओ रामराज, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद त्रिपाठी, इंद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र त्रिपाठी समेत अन्य शिक्षकों ने प्रसन्नता जताई है।