फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Live

मध्यावधि चुनाव LIVE: वोटिंग खत्म, आने लगे नतीजे, ट्रंप ने किसकी जीत पर दी बधाई; अमेरिकी-भारतीयों का रुख क्या?

Wed, 04 Nov 2026 06:40 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 04 Nov 2026 06:40 AM IST
खास बातें

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए मंगलवार को (स्थानीय समय) मतदान कराए गए। नियमों के मुताबिक वोटिंग खत्म होने के साथ गिनती भी शुरू हो गई। मतदाताओं के बीच कई मुद्दों पर चर्चा देखी गई। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सफल प्रत्याशियों को बधाई देनी शुरू कर दी है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों के लिए मतदान कराए गए हैं। अमेरिका में वोटिंग के बाद अब नतीजों से जुड़े अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें

विज्ञापन
us midterm elections 2026 live updates voting trump republicans democrats house senate
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

06:37 AM, 04-Nov-2026

मिशिगन के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद क्या बोले?

मिशिगन सीनेट के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार, अब्दुल अल-सईद ने कहा, 'हमने मतदाताओं के साथ बातचीत के दौरान पाया कि मेरे अपने विरोधी के हारने से 2024 के नतीजों पर असर पड़ेगा। हम सभी नतीजों के लिए तैयार हैं, लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि नतीजा ऐसा निर्णायक होगा, जिसे कोई व्यक्ति चुनौती न दे सके।' उन्होंने कहा, 'मैं हेली स्टीवंस के बारे में नहीं सोच रहा हूं... नतीजे ये तय करेंगे कि मिशिगन कैसी राजनीति चाहता है। मैं मिशिगन का अगला सेनेटर बनने की दौड़ में शामिल हूं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस चुनाव नतीजे से यह भी पता चलेगा कि अमेरिका काफी बड़ा है। जिस बात को मैं गंभीरता से लेता हूं। मेरा हमेशा से यही तर्क रहा है कि अमेरिका एक बड़ी जगह है जिसके विचार बड़े हैं। हमेशा कुछ छोटी सोच वाले लोग होते हैं जो अमेरिका को अपनी तरह छोटा बनाना चाहते हैं। लेकिन अमेरिका इससे कहीं अधिक बड़ा है। मुझे उम्मीद है कि आज का नतीजा यह दिखाएगा कि अमेरिका कितना बड़ा है।

06:18 AM, 04-Nov-2026

भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं ने आव्रजन अधिकारों और महंगाई पर जताई चिंता

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में उत्तरी वर्जीनिया के एशबर्न में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। मतदाताओं ने प्रवासियों के खिलाफ बढ़ती बयानबाजी, आव्रजन अधिकारों और घरेलू खर्च में बढ़ोतरी को प्रमुख मुद्दा बताया। कई भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों, खासकर सांसद सुहास सुब्रमण्यम और सीनेटर मार्क वार्नर का समर्थन करने की अपील की। उनका कहना था कि चुनाव का असर देश में प्रवासी समुदायों की सुरक्षा, स्वीकार्यता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ेगा।

भेदभाव के खिलाफ मजबूत नेतृत्व की मांग

एक मतदाता ने कहा कि भारतीयों के खिलाफ देशभर में हो रही टिप्पणियां और हमले चिंता का विषय हैं। उन्होंने ऐसे नेताओं को चुनने की जरूरत बताई जो भारतीय-अमेरिकियों को देश का हिस्सा मानते हों। वहीं, श्रीधर नागारेड्डी ने कहा कि मौजूदा चुनाव प्रवासी समुदायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आव्रजन अधिकारों के साथ गैस की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया और लोगों से सुहास सुब्रमण्यम तथा मार्क वार्नर का समर्थन करने की अपील की। इस बीच सुब्रमण्यम भी स्टर्लिंग के मतदान केंद्र पर समर्थकों से मिले।

विज्ञापन
06:10 AM, 04-Nov-2026

भारतीय मूल की अरुणा मिलर ने मतदाताओं से वोट देने की अपील की

मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में पात्र नागरिकों, खासकर प्रवासी समुदायों से मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव ट्रंप-वेंस प्रशासन को जवाबदेह ठहराने और अपने हितों की रक्षा करने वाले प्रतिनिधियों को चुनने का अवसर है। मिलर के मुताबिक, देश में संघीय नौकरियों में कटौती, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, टैरिफ और आव्रजन नीतियों को लेकर लोगों में चिंता है। हालांकि, मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लोगों की राजनीतिक बदलाव की उम्मीद भी दिखाती हैं।

06:03 AM, 04-Nov-2026

अमेरिका मध्यावधि चुनाव: आव्रजन, गोलीबारी जैसे मुद्दों पर भी बात कर रहे वोटर

मध्यावधि चुनाव में वर्जीनिया के मनासस में मतदाताओं ने आव्रजन नीति, बंदूक हिंसा, विदेशियों के प्रति भेदभाव और राजनीतिक विभाजन पर चिंता जताई। चुनाव में स्वयंसेवक जॉर्ज एलिस ने कहा कि इस बार पिछले चुनावों की तुलना में अधिक लोग स्वयंसेवक के रूप में काम कर रहे हैं और निर्दलीय मतदाताओं की भागीदारी भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मतदान का उत्साह देखकर लगता है कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा मतदान प्रतिशत हो सकता है।

आव्रजन और आर्थिक असमानता पर चिंता

मतदान करने पहुंचीं नैन्सी हडलस्टन और पामेला फर्ग्यूसन ने कहा कि अमेरिका में बंदूक हिंसा रोकने और प्रवासियों के लिए आव्रजन प्रक्रिया आसान बनाने की जरूरत है। हडलस्टन ने डेमोक्रेटिक पार्टी से प्रतिनिधि सभा और सीनेट में दोबारा नियंत्रण हासिल करने की अपील की। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर अमीरों को फायदा पहुंचाने और गरीबों की मुश्किलें बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कनाडा और यूरोप के साथ अमेरिका के बिगड़ते संबंधों पर भी चिंता जताई। हडलस्टन ने कहा कि कमजोर और जरूरतमंद समुदायों की मदद करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

05:45 AM, 04-Nov-2026

रिपब्लिकन पार्टी ट्रंप से बड़ी है, उम्मीदवारों को देखकर वोट करें: डेना-मैरी माइल्स

अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव के दौरान कुछ अप्रत्याशित प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। मसलन, रिपब्लिकन समर्थक डेना-मैरी माइल्स ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की पहचान केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अपने सिद्धांत, विचार और मूल्य हैं, जो किसी एक नेता से कहीं व्यापक हैं। माइल्स के मुताबिक, ट्रंप पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख जरूर हैं, लेकिन उनकी सरकार के सभी फैसलों से हर रिपब्लिकन सहमत हो, यह जरूरी नहीं है।

उम्मीदवारों की नीतियों को परखने की सलाह

माइल्स ने कहा कि वह रूढ़िवादी विचारधारा, पारिवारिक मूल्यों और वित्तीय जिम्मेदारी में विश्वास करती हैं। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज को नियंत्रित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, अब कई मतदाता केवल पार्टी के नाम पर वोट देने के बजाय उम्मीदवारों के विचारों और नीतियों को समझ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मतदान से पहले उम्मीदवारों के बारे में पूरी जानकारी जुटाएं। माइल्स ने कहा कि मतदाताओं को यह पता होना चाहिए कि वे किस व्यक्ति को सत्ता सौंप रहे हैं और उसके चुनावी वादे क्या हैं।

05:30 AM, 04-Nov-2026

गुआम में रिपब्लिकन की जीत पर ट्रंप ने जताई खुशी, न्यूयॉर्क में लॉरल के लिए मांगे वोट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को गुआम के गवर्नर चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार टोनी अदा की जीत के शुरुआती अनुमान पर उन्हें बधाई दी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि गुआम को पारंपरिक रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। उन्होंने वहां राज्य सीनेट में रिपब्लिकन बहुमत का भी जिक्र किया। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह नतीजा देश के अन्य हिस्सों में भी रिपब्लिकन पार्टी के लिए अच्छे संकेत देगा।

माइक लॉरल के समर्थन में यहूदी समुदाय से अपील

ट्रंप ने न्यूयॉर्क के मॉन्सी और आसपास के इलाकों में रहने वाले यहूदी समुदाय से रिपब्लिकन सांसद माइक लॉरल को वोट देने की अपील की। लॉरल प्रतिनिधि सभा में दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में इस समुदाय ने उन्हें बड़ा समर्थन दिया था। उन्होंने लॉरल की तारीफ करते हुए कहा कि वह यहूदी समुदाय के साथ खड़े रहे हैं और यहूदी-विरोधी भावना के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के बीच ट्रंप की ये अपीलें सामने आईं।

विज्ञापन
विज्ञापन
05:15 AM, 04-Nov-2026

भारतीय-अमेरिकी समुदाय से मतदान की अपील: सुहास सुब्रमण्यम

अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने मंगलवार को वर्जीनिया के मनासस स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर भारतीय-अमेरिकियों से 2026 के मध्यावधि चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में नफरत और भेदभाव बढ़ने की चिंताओं के बीच भारतीय-अमेरिकियों की आवाज और उनका वोट पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल जिले से दोबारा चुनाव लड़ रहे सुब्रमण्यम ने राज्य में रिकॉर्ड मतदान होने का दावा किया। सुब्रमण्यम ने कहा कि बड़ी संख्या में डेमोक्रेट समर्थक मतदान कर रहे हैं और कुछ रिपब्लिकन मतदाता भी डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन कर सकते हैं। उन्होंने भारतीय-अमेरिकियों से मतदान करने के साथ राजनीतिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोगों को चुनाव लड़ने से भी नहीं हिचकना चाहिए।

05:05 AM, 04-Nov-2026

ओहायो में कम टैक्स और सस्ते बिजली बिल का वादा: विवेक रामास्वामी

अमेरिका में ओहायो के रिपब्लिकन गवर्नर पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ने मंगलवार को मतदाताओं से अपने चुनावी वादों के समर्थन में वोट देने की अपील की। उन्होंने संपत्ति कर और बिजली बिल कम करने, किफायती आवास उपलब्ध कराने तथा सड़कों को सुरक्षित बनाने का वादा किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि मतदाता आज उनके पक्ष में मतदान करें और चुनाव के बाद उन्हें वादे पूरे करने के लिए जवाबदेह ठहराएं।

परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर जोर

रामास्वामी ने कोलंबस में मतदान करने के बाद कहा कि ओहायो के परिवार आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। लोग केवल रोजमर्रा के खर्च पूरे नहीं करना चाहते, बल्कि आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर भी तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि गवर्नर चुनाव का मुख्य मुद्दा यही है कि कौन सा नेतृत्व परिवारों का जीवन बेहतर बना सकता है। उन्होंने मतदाताओं से अपने साथ चुनाव लड़ रहे अन्य उम्मीदवारों को भी उनके वादों के लिए जवाबदेह बनाने की अपील की।

04:45 AM, 04-Nov-2026

मतदाताओं के लिए नए नियम और बाधाएं क्या हैं?

रिपब्लिकन-नियंत्रित राज्यों में पारित तीन दर्जन से अधिक मतदान कानून इस साल पहली बार लागू हो रहे हैं, उनमें से कई में उन प्रस्तावों के तत्व शामिल हैं जिन्हें ट्रंप ने कांग्रेस के माध्यम से सफलतापूर्वक पारित कराने की कोशिश की थी। राज्य स्तर पर, परिवर्तनों में नागरिकता का प्रमाण दिखाना अनिवार्य किया गया है। न्यू हैम्पशायर में कॉलेज के छात्र कॉलेज पहचान पत्र का उपयोग नहीं कर पाएंगे। आयोवा के मतदाता बिना पहचान पत्र के अन्य मतदाताओं पर उनके लिए गवाही देने के लिए भरोसा नहीं कर सकते। मिसिसिपी के कुछ मतदाताओं को सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है। कई ऐसे नागरिक भी मतदान से वंचित रह सकते हैं, क्योंकि उनके नाम हटा दिए गए हैं। इन मामलों में मतदाता पंजीकरण सूची और नागरिकता की जांच के लिए उपयोग किए जाने वाले डेटाबेस को पुराना बताया जा रहा है। विरोधियों का कहना है कि ये प्रतिबंध पात्र मतदाताओं के लिए मतदान करना कठिन बनाते हैं। रिपब्लिकन सांसद ऐसे कड़े मतदान कानूनों, विशेष रूप से मतदाता पहचान पत्र के आसपास, का समर्थन करते हैं।

04:05 AM, 04-Nov-2026

क्या डाटा सेंटर का मुद्दा भी चुनावों को प्रभावित कर रहा है?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्रांति के बीच अमेरिका भर के समुदायों में डाटा सेंटर्स का विरोध एक स्थानीय मुद्दे से बढ़कर चुनाव का हथियार बन गया है। टेक्सास, ओहियो से फ्लोरिडा तक तमाम उम्मीदवारों ने अपने विरोधियों को डेटा केंद्र का पिट्ठू बताने के लिए लाखों खर्च किए हैं। प्रचार के दौरान "डेटा नेट" जैसे जुमले चर्चा में रहे। दरअसल, एक समय के डेटा केंद्र समर्थक खुद को दूर करने या इस उद्योग पर सख्ती जैसे बयान दे रहे थे। फिर ट्रंप ने इन समुदायों से डाटा सेंटर को स्वीकार करने का आग्रह किया। अब क्योंकि इस उद्योग से जुड़ी हस्तियों ने अपनी छवियां सुधारने के लिए लाखों खर्च किए, यह मुद्दा पारंपरिक वैचारिक सीमाओं को लांघ गया। श्रम संघ तकनीकी दिग्गजों के सहयोगी बन गए, क्योंकि वे विशाल परियोजनाओं के निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे थे। स्वच्छ ऊर्जा समर्थक डेटा केंद्रों के कट्टर आलोचक बन गए, क्योंकि ऊर्जा की खपत और खर्चीले सर्वर सेंटर के कारण प्राकृतिक गैस से चलने वाले बिजली संयंत्रों के निर्माण में तेजी आई। पशुपालक और किसान पानी की कमी या कृषि भूमि खोने को लेकर चिंतित हैं।

Load More
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed