PM Modi: पीएम मोदी रिकॉर्ड 17 देशों की संसद को कर चुके हैं संबोधित; कई दिग्गजों को छोड़ा पीछे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे के पांचवें और अंतिम चरण में नामीबिया पहुंच गए हैं। पीएम मोदी दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के चार दिवसीय सफल दौरे के बाद अफ्रीकी देश नामीबिया पहुंचें हैं। नामीबिया पहुंचने पर पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय से मुलाकात की। अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी नामीबिया की संसद को भी संबोधित किया। जानिए पीएम मोदी के कार्यक्रम से जुड़ी लाइव अपडेट्स
लाइव अपडेट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नामीबिया की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दो जुलाई से नौ जुलाई तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया सहित पांच देशों का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी शामिल हुए थे।
#WATCH | Windhoek: PM Narendra Modi emplanes for Delhi after concluding his visit to Namibia
— ANI (@ANI) July 9, 2025
From July 2 to July 9, PM Narendra Modi visited five countries, including Ghana, Trinidad and Tobago, Argentina, Brazil and Namibia. PM Modi also attended the BRICS summit in Brazil.… pic.twitter.com/fBApTnxhpf
प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक रिकॉर्ड 17 देशों की संसदों को संबोधित किया है। यह आंकड़ा उनके पूर्ववर्ती सभी कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों के कुल भाषणों के बराबर है। अपने हालिया पांच देशों के दौरे के दौरान पीएम मोदी ने घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो और नामीबिया की संसदों को संबोधित किया।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों में मनमोहन सिंह ने सात देशों, इंदिरा गांधी ने चार, जवाहरलाल नेहरू ने तीन, राजीव गांधी ने दो और पीवी नरसिम्हा राव ने एक देश की संसद को संबोधित किया है। इन सब पूर्व पीएम ने कई दशकों में कुल मिलाकर 17 देशों की संसद को संबोधित किया है।
सूत्रों ने कहा कि पीएम मोदी ने अकेले ही इस संख्या की बराबरी कर ली है। इससे साबित होता है कि वैश्विक स्तर पर भारत के सबसे सक्रिय नेताओं में से एक के रूप में उनकी प्रतिष्ठा है। उन्होंने कई विकसित और विकासशील देशों की संसदों में भाषण दिया है। यह आज भारत के व्यापक वैश्विक सम्मान और प्रासंगिकता को दर्शाता है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-नामीबिया संबंधों के भविष्य के विजन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आइए हम नामीबिया के राष्ट्रीय पक्षी, अफ्रीकी मछली ईगल द्वारा निर्देशित हों। वह हमें एक साथ ऊंची उड़ान भरना, क्षितिज को देखना और साहसपूर्वक अवसरों तक पहुंचना सिखाता रहे।
नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोजेक्ट चीता के लिए नामीबिया का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आपने हमारे देश में चीतों को फिर से बसाने में हमारी मदद की, हम आपके इस उपहार के लिए बहुत आभारी हैं। मुझे उन्हें कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ने का सौभाग्य मिला। उन्होंने आपके लिए एक संदेश भेजा है कि सब कुछ ठीक है। वे बहुत खुश हैं और अपने नए घर में अच्छी तरह ढल गए हैं। उनकी संख्या भी बढ़ी है। वे भारत में अपने समय का आनंद ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना का जिक्र करते हुए कहा कि महामारी के दौरान, हम अफ्रीका के साथ खड़े रहे और उसे टीके और दवाइयां प्रदान कीं। हमने ये तब भी किया जब कई अन्य देशों ने टीके और दवाइयां देने से इनकार कर दिया था। हमारी आरोग्य मैत्री पहल अफ्रीका को अस्पतालों, उपकरणों, दवाओं और प्रशिक्षण के साथ सहायता प्रदान करती है। भारत उन्नत कैंसर देखभाल के लिए नामीबिया को भाभाट्रॉन रेडियोथेरेपी मशीन की आपूर्ति करने के लिए तैयार है। भारत में विकसित इस मशीन का उपयोग 15 देशों में किया जा चुका है और इसने विभिन्न देशों में लगभग पांच लाख गंभीर कैंसर रोगियों की मदद की है। हम नामीबिया को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं तक पहुंच के लिए जन औषधि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित करते हैं।
नामीबिया की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें खुशी है कि नामीबिया भारत की UPI-यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस तकनीक अपनाने वाला पहला देश है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार 800 मिलियन डॉलर को पार कर गया है। लेकिन क्रिकेट के मैदान की तरह, हम अभी तैयारी कर रहे हैं। हम तेजी से और ज्यादा रन बनाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम न केवल अपने अतीत के संबंधों को महत्व देते हैं, बल्कि अपने साझा भविष्य की संभावनाओं को साकार करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम नामीबिया के विजन 2030 पर मिलकर काम करने को बहुत महत्व देते हैं। हमारी साझेदारी के केंद्र में हमारे लोग हैं। भारत में छात्रवृत्ति और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों से 1700 से ज़्यादा नामीबियाई लाभान्वित हुए हैं।