Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी व्रत पारण कल, जानें नियम और विधि
{"_id":"684232fc8636f15dc2058057","slug":"nirjala-ekadashi-vrat-2025-live-updates-parana-time-puja-vidhi-niyam-and-daan-upay-in-hindi-2025-06-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी व्रत पारण कल, जानें नियम और विधि","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Fri, 06 Jun 2025 05:25 PM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा कुमारी
Updated Fri, 06 Jun 2025 05:25 PM IST
खास बातें
Nirjala Ekadashi Katha, Vrat Niyam, Puja Vidhi, Upay in Hindi: शुक्रवार, 6 जून 2025 को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इस एकादशी को निर्जला और भीमसेनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-आराधना के लिए समर्पित होता है। एकादशी पर पूरे दिन व्रत रखते हुए विष्णु जी का नाम और उनके मंत्रों का जाप करने का विशेष महत्व होता है
विज्ञापन
Nirjala Ekadashi 2025 Live
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइव अपडेट
05:20 PM, 06-Jun-2025
ध्यान रखें ये बात
- पारण के समय केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
- प्याज-लहसुन जैसे तामसिक खाद्य पदार्थों का परहेज करें।
- पूजा के दौरान शुद्धता और नियमों का विशेष ध्यान रखें।
05:15 PM, 06-Jun-2025
निर्जला एकादशी पारण में क्या खाएं?
निर्जला एकादशी पारण के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान लगाकर ‘ॐ विष्णवे नमः’ मंत्र का जप करें और तुलसी के पत्ते अपने मुँह पर रखें। इसके बाद गंगाजल पीना शुभ होता है। पारण के बाद हमेशा हल्का, सात्विक और शुद्ध भोजन ही करें ताकि व्रत का सही फल मिल सके।
विज्ञापन
04:59 PM, 06-Jun-2025
निर्जला एकादशी पारण विधि
- ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि (7 जून, शनिवार 2025) को पारण करें।
- सुबह स्नान करके साफ और शुद्ध वस्त्र पहनें।
- भगवान विष्णु को प्रणाम करें और पारण की भावना बनाएं।
- पीले फूल, तुलसी पत्र, चंदन, अक्षत और जल अर्पित करें।
- फल, दूध, मिष्ठान्न और तुलसी पत्र के साथ भगवान विष्णु को भोग लगाएं।
- तुलसी माला से ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र 108 बार जपें।
- विष्णु सहस्रनाम और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें और प्रणाम करें।
- व्रत में हुई भूलों के लिए भगवान से क्षमा मांगें और व्रत स्वीकार करने की प्रार्थना करें।
- किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को जल, अन्न, वस्त्र, पंखा, छाता, शक्कर, दक्षिणा आदि दान करें।
- विशेष रूप से जल से भरा हुआ कलश दान करना शुभ माना जाता है।
04:49 PM, 06-Jun-2025
निर्जला एकादशी पारण का महत्व
निर्जला एकादशी का पारण द्वादशी तिथि को किया जाएगा। पारण व्रत का सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम चरण होता है, जिसका अर्थ है उपवास का विधिपूर्वक समापन। शास्त्रों के अनुसार, यदि पारण समय पर द्वादशी तिथि में नहीं किया जाता है तो व्रत अधूरा और निष्फल माना जाता है। भगवान विष्णु स्वयं कहते हैं कि द्वादशी को समय पर पारण न करने से व्रत का पुण्य खत्म हो जाता है। पारण करने से व्रती को व्रत का पूर्ण फल, पुण्य और ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त होता है।
04:39 PM, 06-Jun-2025
निर्जला एकादशी पर करें ये उपाय
- निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी पत्र अर्पित करें और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें।
- इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को श्रीफल (नारियल) अर्पित करें और फिर इसे किसी जरूरतमंद को दान करें।
- इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
- निर्जला एकादशी पर अन्न, जल, वस्त्र और छाता का दान करें। यह उपाय स्वास्थ्य समस्याओं को भी कम करता है।
04:26 PM, 06-Jun-2025
7 जून 2025 शुभ मुहूर्त और योग
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:02 बजे से 04:42 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त- दिन के 11:52 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक
द्विपुष्कर योग- सुबह 05:23 बजे से 09:40 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- 7 जून को सुबह 09:40 बजे से 8 जून सुबह 05:23 बजे तक
राहुकाल- सुबह 08:51 बजे से 10:36 बजे तक (अशुभ समय)
विज्ञापन
विज्ञापन
04:09 PM, 06-Jun-2025
6 जून 2025 शुभ मुहूर्त और योग
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:02 बजे से 04:42 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:52 AM से दोपहर 12:48 बजे तक
रवि योग- सुबह 05:23 बजे से 06:34 बजे तक
राहुकाल- सुबह 10:36 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक (अशुभ समय)
03:54 PM, 06-Jun-2025
व्रत के दौरान जल ग्रहण का समय
जो श्रद्धालु 6 जून को उपवास करेंगे, उन्हें सूर्योदय से पहले यानी 05:23 बजे से पहले जल ग्रहण कर लेना चाहिए। व्रत के दौरान जल का सेवन वर्जित है। इसके बाद अगले दिन यानी 7 जून को हरि वासर के बाद दोपहर 01:44 से शाम 04:31 बजे के बीच ही जल पीना उचित रहेगा।
जो श्रद्धालु 6 जून को उपवास करेंगे, उन्हें सूर्योदय से पहले यानी 05:23 बजे से पहले जल ग्रहण कर लेना चाहिए। व्रत के दौरान जल का सेवन वर्जित है। इसके बाद अगले दिन यानी 7 जून को हरि वासर के बाद दोपहर 01:44 से शाम 04:31 बजे के बीच ही जल पीना उचित रहेगा।
03:45 PM, 06-Jun-2025
7 जून को व्रत रखने वालों के लिए पारण का समय
दूसरे दिन व्रत रखने वाले 8 जून 2025 को सुबह 5:23 बजे से 7:17 बजे के बीच उपवास का पारण करें।
03:33 PM, 06-Jun-2025
गृहस्थ जनों के लिए पारण का समय
पहले दिन व्रत रखने वाले लोग 7 जून 2025 को व्रत पारण दोपहर 1:44 बजे से शाम 4:31 बजे के बीच कर सकते हैं।