Janmashtami 2024: जन्मोत्सव के बाद इस तरह करें भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, यहां जानें व्रत पारण का समय और विधि
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Tue, 27 Aug 2024 01:21 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 27 Aug 2024 01:21 AM IST
खास बातें
Krishna Janmashtami 2024 Puja Vidhi Muhurat Timing Aarti in Hindi: आज देशभर में जन्माष्टमी का त्योहार धूम-धाम से मनाया जा रहा है। पंचांग की गणना के मुताबिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पूजा का मुहूर्त आज रात 12 बजे से लेकर 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। फिर व्रत का पारण 27 अगस्त को सुबह 11 बजे होगा।
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janmashtami 2024
- फोटो : अमर उजाला
लाइव अपडेट
12:00 AM, 27-Aug-2024
Krishna Janmashtami 2024: कृष्ण जन्माष्टमी व्रत का इस सरल विधि से करें पारण, जीवन की हर समस्या होगी दूर
पारण का समय - 27 अगस्त दोपहर 3 बजकर 38 मिनट पर
- जो लोग जन्माष्टमी का व्रत कर रहे हैं, उन्हें इस व्रत का पारण समय और विधि अनुसार करना चाहिए।
- सबसे पहले भगवान कृष्ण की विधिपूर्वक पूजा करें और उन्हें प्रणाम करें।
- फिर पूजा में चढ़ाए गए प्रसाद जैसे- माखन, मिश्री, खीरा या पंजीरी आदि को ग्रहण करें।
- इसके बाद सात्विक भोजन करें, जिसमें लहसून, प्याज न हो।
- इसके साथ ही भगवान का आभार प्रकट करें।
11:44 PM, 26-Aug-2024
जन्माष्टमी पूजन विधि
सबसे पहले 12 बजे के बाद कृष्ण जन्मोत्सव के बाद कान्हा जी का पंचामृत से अभिषेक करें। फिर उन्हें नए वस्त्र पहनाएं। उनका पूरा शृंगार करें। माखन मिश्री का भोग भी लगाएं। विधि अनुसार पूजा करते हुए सुख-समृद्धि की कामना करें।ये भी पढ़ें- Krishna Janmashtami 2024: जन्माष्टमी पर इस आरती से करें लड्डू गोपाल की पूजा, हर इच्छा होगी पूरी
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11:17 PM, 26-Aug-2024
Krishna Janmashtami 2024: जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त
जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्तपूजा का समय - आज रात ठीक 12 बजे से 12 बजकर 45 मिनट तक
पूजा अवधि - 45 मिनट
पारण का समय - 27 अगस्त दोपहर 3 बजकर 38 मिनट पर
चंद्रोदय समय - आज रात 11 बजकर 20 मिनट पर
09:55 PM, 26-Aug-2024
Janmashtami Mantra 2024: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के दौरान जरूर करें उनकी आरती
Vat Savitri Vrat 2024
- फोटो : istock
Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics In Hindi: श्रीकृष्ण की आरती
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक
चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥
कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।
अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।
जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक
चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥
कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।
अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।
जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
09:36 PM, 26-Aug-2024
Janmashtami 2024: पटना के इस्कॉन मंदिर में भक्तों की उमड़ी भारी भीड़
Bihar: पटना के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। भक्त भगवान श्री कृष्ण के दर्शन के लिए उत्साहित हैं। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है।#WATCH | Bihar | Devotees throng in large numbers at Patna's ISKCON temple on the occasion of Shri Krishn Janmashtami pic.twitter.com/BIIheUeyOi
— ANI (@ANI) August 26, 2024
09:20 PM, 26-Aug-2024
Janmashtami 2024: बाल गोपाल से संबंधित रंगोली बनाएं
जन्माष्टमी पर आप घर के द्वार पर या मंदिर के पास रंगोली बना सकती हैं। त्योहारों पर रंगोली बनाना शुभ माना जाता है, साथ ही इससे घर की सजावट में बढ़ोतरी होती है। किसी भी पर्व में रंगोली बनाकर घर सजाने के साथ ही भगवान को आमंत्रित किया जाता है। इसलिए सुंदर रंगों और कलाकृति से रंगोली बनाकर घर सजा सकते हैं।
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09:11 PM, 26-Aug-2024
Janmashtami 2024: बाल गोपाल का झूला सजाएं
जन्माष्टमी पर झांकी सजाने का तरीका
- फोटो : Instagram
08:55 PM, 26-Aug-2024
Janmashtami Mantra 2024: जन्माष्टमी पर ऐसे सजाएं घर का मंदिर
गुब्बारे और फूलों से सजाएंजिस तरह बच्चे के जन्मदिन पर गुब्बारे और फूलों से घर को सजाया जाता है ठीक उसी तरह बाल गोपाल का जन्मदिन भी मनाया जाता है। इसलिए आप घर और मंदिर को उसी तरह सजा सकते हैं। रंग बिरंगे गुब्बारों को घर की दीवारों, मंदिर के इर्द गिर्द लगाएं। चाहें तो कृष्ण जन्माष्टमी की सजावट के लिए फूलों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। फूल सजावट के साथ ही पूजा के काम भी आते हैं।
08:35 PM, 26-Aug-2024
Janmashtami Mantra 2024: जन्माष्टमी पर कान्हा को प्रसन्न करने के लिए इन मंत्रों करें जाप
Krishna Janmashtami 2024
- फोटो : अमर उजाला
1- ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात
2- कृं कृष्णाय नमः
3- गोकुल नाथाय नमः
4- ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा
5- ओम क्लीम कृष्णाय नमः
6- पंचामृत स्नान
“पंचामृतं मयाआनीतं पयोदधि घृतं मधु। शर्करा च समायुक्तं स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्।।
7-स्नान मंत्र
“गंगा, सरस्वती, रेवा, पयोष्णी, नर्मदाजलैः। स्नापितोअसि मया देव तथा शांति कुरुष्व मे।।
2- कृं कृष्णाय नमः
3- गोकुल नाथाय नमः
4- ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा
5- ओम क्लीम कृष्णाय नमः
6- पंचामृत स्नान
“पंचामृतं मयाआनीतं पयोदधि घृतं मधु। शर्करा च समायुक्तं स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्।।
7-स्नान मंत्र
“गंगा, सरस्वती, रेवा, पयोष्णी, नर्मदाजलैः। स्नापितोअसि मया देव तथा शांति कुरुष्व मे।।
08:10 PM, 26-Aug-2024
Janmashtami 2024: जन्माष्टमी पर क्यों फोड़ते हैं दही हांडी?
कान्हा के बचपन के शरारतों को याद करने के लिए जन्माष्टमी में माखन की मटकी को ऊंचाई पर टांग दिया जाता है। युवा वर्ग के लड़के नाचते-गाते पिरामिड बनाते हुए मटकी तक पहुंचकर उसे फोड़ते हैं। इसे दही हांडी कहते हैं, जो लड़का ऊपर जाकर हांडी फोड़ता है, उसे गोविंदा कहा जाता है।
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