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Hartalika Teej 2025: शुभ संयोग में हरतालिका तीज, यहां जानें महत्व और व्रत पारण का समय

Tue, 26 Aug 2025 10:06 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Tue, 26 Aug 2025 10:06 PM IST
खास बातें

Hartalika Teej 2025 Puja Muhurat Wishes in Hindi: आज देशभर में हरतालिका तीज का पर्व मनाया जा रहा है। इसे तीजा के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्य की थी, जिससे प्रसन्न होकर महादेव ने पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया। तभी से यह व्रत विशेष महत्व रखता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और पति की लंभी आयु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
 

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Hartalika Teej 2025 Date Live Vrat Puja Vidhi Time Samagari List Katha and Wishes in Hindi
हरतालिका तीज 2025 - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

10:00 PM, 26-Aug-2025
हरतालिका तीज व्रत का पारण कब किया जाएगा? - फोटो : Amar Ujala
व्रत पारण का समय
पंचांग के मुताबिक इस वर्ष हरतालिका तीज के व्रत का पारण 27 अगस्त को होगा। इस दिन सुबह 5 बजकर 57 मिनट पर सूर्योदय होगा, जिसके बाद आप व्रत का पारण कर सकती हैं।

पारण में क्या खाएं ?
व्रत का पारण करते समय मीठा खाने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि मीठे से ही पारण करना चाहिए। इससे जीवन में मधुरता और सकारात्मकता आती है। इसलिए व्रत खोलते समय खीर, हलवा, सेवई, लड्डू, मालपुआ या मिठाई जैसे प्रसाद का सेवन करना चाहिए।
09:44 PM, 26-Aug-2025
हरतालिका तीज की हार्दिक शुभकामनाएं - फोटो : अमर उजाला

चंदन की खुशबू, बादलों की फुहार
आप सभी को मुबारक हो हरतालिका तीज का त्योहार
हरतालिका तीज की हार्दिक शुभकामनाएं

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09:28 PM, 26-Aug-2025
गणेश जी की आरती 
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
09:19 PM, 26-Aug-2025
मां पार्वती की आरती 
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता.
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता..
जय पार्वती माता...
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता.
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता.
जय पार्वती माता...
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा.
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा..
जय पार्वती माता...
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता.
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता..
जय पार्वती माता...
शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता.
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा..
जय पार्वती माता...
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता.
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता.
जय पार्वती माता...
देवन अरज करत हम चित को लाता.
गावत दे दे ताली मन में रंगराता..
जय पार्वती माता...
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता.
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता..
जय पार्वती माता...।
09:01 PM, 26-Aug-2025
Shiv Ji Ki Aarti - फोटो : Amar Ujala
शिव जी की आरती 
ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।
08:42 PM, 26-Aug-2025
हरतालिका तीज पर कन्याएं इस मंत्र का करें जाप
मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए 
हे गौरी शंकर अर्धांगिनी यथा त्वं शंकर प्रिया।
तथा माम कुरु कल्याणी कांतकांता सुदुर्लाभाम्।।
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08:20 PM, 26-Aug-2025
हरतालिका तीज पर करें इन मंत्रों का जाप
 
पति के दीघार्यु के लिए मंत्र
नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा।
प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।

महामृत्युंजय मंत्र

ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। 
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।

भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
08:00 PM, 26-Aug-2025
हरतालिका तीज व्रत कथा
हरतालिका तीज हिंदू धर्म का प्रमुख व्रत है, जिसके प्रभाव से महिलाओं को पति की लंबी उम्र और उनका जन्मों-जन्मों के साथ का आशीर्वाद मिलता है। इस व्रत को देवी-पार्वती और उनकी तपस्या से जोड़ा जाता है। पौराणिक कथा की मानें तो देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। कहते हैं कि माता पार्वती ने अपनी कठोर तपस्या बाल्यावस्था में हिमालय पर्वत पर गंगा तट की थी। इस दौरान वह केवल सूखे पत्तों का सेवन किया करती थी और इसी में अपनी तप में लीन रहती थीं। फिर एक समय की बात है जब देवर्षि नारद भगवान विष्णु के विवाह प्रस्ताव लेकर देवी पार्वती के पिता के पास पहुचे। यहां आकर देवऋषि नारद जी ने भगवान विष्णु के विवाह प्रस्ताव की बात की। इस दौरान यह बात देवी पार्वती  को पता चली और वह इसकी चर्चा अपनी सखी से की। इसके बाद सखी ने उन्हें वन में जाने की सलाह दी। इसके बाद देवी वन में आ गई और उन्होंने रेत से शिवलिंग बनाकर भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को भगवान शिव की आराधना की।माना जाता है कि देवी की भक्ति से प्रसन्न महादेव  प्रकट हुए और पार्वती जी को पत्नी रूप में स्वीकार कर लिया। तभी से ऐसी मान्यता है कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया पर हरतालिका तीज का व्रत रखने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही सभी इच्छाएं भी पूरी होती हैं। 
07:40 PM, 26-Aug-2025
पूजा विधि
  • हरतालिका तीज पर पूजा से पहले सर्वप्रथम मिट्टी से भगवान शिव, देवी पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाएं। 
  • अब साफ चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और इन मूर्तियों को उसपर स्थापित कर दें।
  • इसके बाद शिव परिवार को साफ नए वस्त्र पहनाएं और सभी का तिलक करें।
  • शिव जी को फूल, पार्वती जी को सोलह श्रृंगार और गणेश जी को आप दूर्वा अर्पित करें।
  • अब सभी के समक्ष फल, मिठाई, चंदन, फूल, पान, सुपारी और नारियल रखें।
  • इस दौरान महादेव को सच्चे भाव से बेलपत्र चढ़ाएं।
  • फिर आप गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं।
  • अब शुद्ध देसी घी का दीप जलाएं और धूपबत्ती भी जला लें।
  • फिर हरतालिका तीज की व्रत कथा का पाठ करें।
  • अब पूरे शिव परिवार की आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए जरूरतमंदों को दान करें।
07:23 PM, 26-Aug-2025
हरतालिका तीज की पूजा सामग्री
पूजा में पंचामृत, मिठाई, फल, फूल, नारियल, कपूर, कुमकुम, सुपारी, सिंदूर, अबीर, चन्दन, लकड़ी की चौकी, पीतल का कलश, साथ ही कर्पूर, अगरु, केसर, कस्तूरी और कमल के जल, आम, गन्ने का रस, सुहाग के 2 पिटारा, भोग, प्रसाद, गुड़, घी कई तरह की पत्तियां आदि सामग्री होती है।
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