MP Assembly Session 2026: अदाणी के नाम पर हंगामा; सीएम ने कहा- दावोस को लेकर की गई टिप्पणियां तथ्यात्मक नहीं
MP Assembly Session 2026 : सदन में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार और अदाणी समूह के बीच हुए समझौते का मुद्दा उठाया। इस पर पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस हुई। बात इतनी बढ़ गई कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक टिप्पणी कर दी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य की रूपरेखा पर विस्तार से बात रखी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइव अपडेट
दावोस को लेकर की गई टिप्पणियां तथ्यात्मक नहीं- सीएम मोहन यादव
नेता प्रतिपक्ष पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई मुद्दों पर तथ्यों की अनदेखी की गई है, विशेषकर दावोस को लेकर की गई टिप्पणियां तथ्यात्मक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो कहा जाता है, वह करके दिखाया जाता है। प्रदेश में उद्योग तेजी से विकसित हो रहे हैं और विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों में निवेश बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास की रफ्तार इतनी तेज है कि नई योजनाएं लानी पड़ रही हैं और कई स्थानों पर आवंटित जमीन कम पड़ रही है। उन्होंने विपक्ष को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे साथ चलकर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों को देखें।
कांग्रेस पर ऐतिहासिक नीतियों को लेकर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकारों की नीतियों के कारण कपड़ा उद्योग जैसे क्षेत्रों को नुकसान हुआ और किसान प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश को नए औद्योगिक और आर्थिक आयाम देने के लिए प्रतिबद्ध है।
अदाणी के नाम पर सदन में हंगामा,मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा - दुखी हूं!
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने माहौल गरमा दिया। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार और अदाणी समूह के बीच हुए समझौते का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली खरीदी के नाम पर आगामी 25 वर्षों में लगभग एक से सवा लाख करोड़ रुपये तक का भुगतान किया जाएगा।इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने आरोपों पर प्रमाण पेश करने की मांग की। जवाब में उमंग सिंघार ने कहा कि उनके पास दस्तावेज मौजूद हैं और वे उन्हें सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई। बहस के दौरान मंत्री की ओर से कड़ी टिप्पणी किए जाने पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया, जिससे सदन में हंगामा तेज हो गया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दुर्भाग्य से असहज स्थिति बन गई..दोनों पक्षों ने सदा अच्छा प्रदर्शन किया है। आज असहज स्थिति बनी। मुझे पटवा जी की बात याद आती है कि गुस्सा दिखे लेकिन गुस्सा दिखाई न दे शब्दों में।आज जो स्थिति बनी उसका मुझे रंज है। बेहद रंज है।इस स्थिति के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों ही जिम्मेदार हैं।संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की सीमा टूटी है। वो अनुभवी हैं। लेकिन यह भी आश्चर्य की बात है।
अदाणी के नाम पर सदन में हंगामा; मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी टिप्पणी पर जताया दुख
वहीं, इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज मैं अपने आप से संतुष्ट नहीं हूं। मेरा सब्र टूट गया। हम इस विधान सभा में पांच दस सदस्य होंगे जो वरिष्ठ होंगे लेकिन आज का दुःख है।मुझे पहली बार सदन में गुस्सा आया।आज पता नहीं कैसे हो गया। उमंग की बॉडी लैंग्वेज सही नहीं थी लेकिन उन्होंने ऐसा किया कि मुझे गुस्सा आया। इस पूरे मसले पर सीएम मोहन यादव भी आगे आए, उन्होंने कहा है कि वे सभी की तरफ से मांफी मांगते हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हम आपके साथ हैं। विकास के लिए हम हमेशा तत्पर हैं।
कांग्रेस विधायक फन्देलाल सिंह मार्को का ध्यानाकर्षण
जिला अनूपपुर के शासकीय स्तानक महाविद्यालय पुष्पराजगढ़ में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य द्वारा छात्र-छात्राओं से शुल्क राशि को निजी उपयोग में लिए जाने पर कांग्रेस विधायक फन्देलाल सिंह मार्को ने ध्यान आकर्षण किया । विभाग ने अभी तक सम्बंधित प्रचार्य से राशि वसूल नहीं की है। इस पर मंत्री इंदर सिंह परमार ने जबाव दिया कि संबंधित शिकायत को सही पाया गया है। आरोपी प्राचार्य को तत्काल पद से हटाया गया है।शीघ्र ही प्राचार्या से राशि वसूल की जाएगी। वहीं मार्का ने कहा कि प्राचार्य डीपी शाह को निलंबित किया जाए। इस पर मंत्री परमार ने कहा कि प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है ।एक प्रचार्य के खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया है।दूसरे राज्य की हैरीटेज शराब एमपी में ड्यूटी फ्री
नई शराब नीति 2026- 27 पर आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में वक्तव्य दिया है। उन्होंने बताया कि आबकारी नीति स्वीकृत हो गई है। नर्मदा नदी के किनारे 5 km की दूरी तक शराब नहीं बेची जाएगी। 2026 में कोई नई दुकान नहीं खोली जाएगी। सभी दुकानों के लिए टेंडर होंगे। वहीं अहाते बंद रहेंगे। दूसरे राज्य की हैरीटेज शराब एमपी में ड्यूटी फ्री की जाएगी। साथ ही ई-चालान मान्य रहेंगे।भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा
सदन में भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने जबलपुर में नर्मदा होने के बावजूद भी जल संकट पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाया। इस पर नगरीय विकास आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि योजनाएं जारी हैं। पानी की सप्लाई की जा रही है। इस पर भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि मंत्री जी की जानकारी कम है। पुरानी योजना और प्लानिंग पर काम नहीं हुआ है। विकास बाधित हुआ है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि डबल सिस्टम से पानी दिया जा रहा है। 28% पानी ज्यादा दिया जा रहा है।विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू
सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगर ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना को लेकर स्थगन पर चर्चा का आश्वासन दिया गया था। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि चर्चा का अवसर दूंगा। थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। सदन का बहुत समय बर्बाद हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस पर कल चर्चा के लिए समय दिया जा सकता है।सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित
दो बजे विधानसभा की कार्यवाही फिर शुरु हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि स्थगन पर चर्चा होनी चाहिए। इसके साथ ही विधानसभा में फिर से हंगामा शुरु हो गया। विपक्ष इंदौर के भागीरथपुरा के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है। इसको लेकर सदन में नारेबाजी भी हुई। कांग्रेस के विधायकों ने भागीरथपुरा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राजेंद्र शुक्ल की स्थिति जानने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि सदन में कुत्तों पर चर्चा हो जाती है लेकिन मर गए लोगों पर चर्चा नहीं हो रही है। इंदौर की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा हो रहा है। जनता दूषित पानी पीकर मर रही है। इसके बाद सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन शुरू होते ही फिर हंगामा, दो बजे तक कार्रवाई स्थगित
सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि इंदौर में हुई घटना मृत्यु नहीं हत्या है। इस मामले में मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सदन की कार्रवाई काे जारी रखने के लिए सदस्यों से अनुरोध किया। इसके बाद भी हंगामा जारी रहा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने शून्यकाल की सूचना देने वाले विधायकों का नाम पढ़ने के बाद कहा कि यह सूचनाओं पढ़ी हुई मानी जाएंगी और बढ़ते हंगामे के बीच सदन की कार्रवाई दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।भागीरथपुरा हादसे में मौत के आंकड़े और मुआवजे पर तीखी बहस
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमंग सिंगार ने भागीरथपुरा मामले पर स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछा। प्रश्न पूछने से पहले विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जो विषय न्यायालय और आयोग में लंबित हैं, उन पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। उमंग सिंगार के प्रश्न पर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जवाब देते हुए बताया कि अब तक 22 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
इस पर नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि 35 से अधिक मौतें हुई हैं और मुआवजा राशि भी कम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एक आईएएस अधिकारी को भी निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को 4 लाख के बजाय 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
उमंग सिंगार ने सवाल उठाया कि क्या संबंधित मंत्री और महापौर को मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। इस पर मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि यदि नैतिकता की बात हो रही है तो यूनियन कार्बाइड जैसे मामलों में नैतिकता कहां थी। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी इसी मुद्दे पर विपक्ष को घेरा।
सदन में इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक और नारेबाजी हुई। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने मर्यादा में रहकर जवाब दिया है। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
जर्जर स्कूल भवनों को लेकर उठा सवाल
भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सदन में जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्कूलों की टूटी छतों के फोटो दिखाते हुए बाउंड्रीवाल और मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई। जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि सिवनी विधानसभा क्षेत्र में 44 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं, जबकि 5 नए विद्यालय भवन स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में करीब 1800 स्कूल भवनों को जर्जर चिह्नित किया गया है। अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए विभाग ने 1200 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
