06:16 PM, 07-Jun-2021
लोगों से की नियमों का पालन करने की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आप सबसे, प्रबुद्धों से और युवाओं से अनुरोध करता हूं कि वैक्सीन को लेकर जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें। कई जगहों पर कर्फ्यू में ढील दी जा रही है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि कोरोना चला गया है। हमें सावधान रहना है और बचाव के नियमों का सख्ती से पालन करते रहना है। हम जंग जीतेंगे। भारत कोरोना से जीतेगा।
06:16 PM, 07-Jun-2021
वैक्सीन पर जताई गई शंका
पीएम मोदी ने कहा, जब से भारत में वैक्सीन पर काम शुरू हुआ, तभी से कुछ लोगों ने ऐसी बातें कहीं जिससे आम लोगों के मन में शंका पैदा हुई। कोशिश ये भी हुई कि वैक्सीन निर्माताओं का हौसला पस्त हो, बाधाएं आईं। भारत की वैक्सीन आई तो अनेक माध्यमों से शंका और आशंका को बढा़या गया। भांति-भांति के तर्क प्रचारित किए गए। इन्हें भी देश देख रहा है। जो लोग वैक्सीन को लेकर आशंका और अफवाहें फैला रहे हैं, वो भोले-भाले भाई-बहनों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसी अफवाहों से सतर्क रहने की जरूरत है।
06:15 PM, 07-Jun-2021
इस वजह से राज्यों को सौंपी जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में कोरोना के कम होते मामलों के बीच केंद्र के सामने अलग सुझाव भी आने लगे। मांगें उठने लगीं। पूछा जाने लगा कि सबकुछ भारत सरकार ही क्यों नहीं तय कर रही। राज्य सरकारों को छूट क्यों नहीं दी जा रही। लॉकडाउन की छूट राज्य सरकारों को क्यों नहीं मिल रही है। वन साइज डज नॉट फिट फॉर ऑल की दलील दी गई। कहा गया कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है इसलिए इस दिशा में शुरुआत की गई। हमने एक गाइडलाइन बनाकर राज्यों को दी ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार काम कर सकें।
06:15 PM, 07-Jun-2021
वैक्सीन से बचा लाखों देशवासियों का जीवन
पीएम मोदी बोले, केंद्र ने राज्यों और सांसदों से मिले सुझावों के लिहाज से तय किया कि कोरोना से जिन्हें ज्यादा खतरा है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में फ्रंट लाइन वर्कर्स और हेल्थ वर्कर्स के अलावा 60 और 45 साल से ऊपर के नागरिकों को वैक्सीन लगाई गई। अगर कोरोना की दूसरी वेव से पहले फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन न लगी होती तो क्या होता। अस्पतालों के सफाई कर्मियों, एंबुलेंस के ड्राइवर को वैक्सीन न लगती तो क्या होता। ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगने से ही लाखों देशवासियों का जीवन बचा पाए हैं।
06:14 PM, 07-Jun-2021
WHO के मानकों पर किया टीकाकरण
पीएम मोदी ने कहा कि वैक्सीन बनने के बाद भी दुनिया के बहुत कम देशों में वैक्सीनेशन शुरू हुआ। ज्यादातर समृद्ध देशों में ये शुरू हुआ। डब्ल्यूएचओ ने वैक्सीनेशन को लेकर गाइडलाइंस दीं। वैज्ञानिकों ने रूपरेखा बनाई। भारत ने भी अन्य देशों की बेस्ट प्रैक्टिस को और डब्ल्यूएचओ के मानकों पर वैक्सीनेशन शुरू किया।
06:09 PM, 07-Jun-2021
इतने कम समय में वैक्सीन बनाना बहुत बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले कि देश में 7 कंपनियां अलग-अलग वैक्सीन का प्रोडक्शन कर रही हैं, ट्रायल कर रही हैं, दूसरे देशों से भी इस प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया गया है। कुछ एक्सपर्ट ने बच्चों को लेकर चिंता जाहिर की है। इस दिशा में भी दो वैक्सीन का ट्रायल तेजी से चल रहा है। देश में नेजल वैक्सीन पर भी रिसर्च जारी है। देश में अगर निकट भविष्य में इस वैक्सीन में सफलता मिलती है तो वैक्सीन अभियान में और ज्यादा तेजी आएगी। इतने कम समय में वैक्सीन बनाना अपने आप में पूरी मानवता के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसकी अपनी सीमाएं भी हैं।
06:08 PM, 07-Jun-2021
कोविड प्रोटोकॉल ही सबसे प्रभावी हथियार
पीएम मोदी ने कहा कि अप्रैल और मई के महीने में ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई। भारत में कभी भी इतनी मात्रा में इतनी ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई। इस जरूरत को पूरा करने केलिए युद्ध स्तर पर काम किया गया। सरकार के सभी तंत्र लगे। ऑक्सीजन रेल, एयरफोर्स, नौसेना को लगाया गया। लिक्विड ऑक्सीजन के प्रोडक्शन में 10 गुना ज्यादा बढ़ोतरी बहुत कम समय में हो गई। दुनिया के हर कोने से जो उपलब्ध हो सकता था, उसे लाया गया। जरूरी दवाओं के प्रोडक्शन को कई गुना बढ़ाया गया। विदेशों में जहां भी दवाइयां उपलब्ध हों, वहां से उन्हें लाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई। कोरोना जैसे अदृश्य और रूप बदलने वाले दुश्मन के खिलाफ लड़ाई में सबसे प्रभावी हथियार कोविड प्रोटोकॉल है।
06:06 PM, 07-Jun-2021
कई मोर्चों पर लड़ रहा देश
पीएम मोदी ने कहा कि इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है। कोविड अस्पताल बनाने से लेकर आईसीयू बेड्स की संख्या बढ़ाना, वेंटिलेटर बनाने से लेकर टेस्टिंग लैब का नेटवर्क तैयार करना हो। बीते सवा साल में ही देश में एक नया हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। दूसरी लहर के मिस-मैनेजमेंट और केंद्र की भूमिका पर सवाल उठने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों की मांग पर ही उन्हें कोरोना नियंत्रण और वैक्सीनेशन के अधिकार दिए गए
06:01 PM, 07-Jun-2021
कोरोना को बताया 100 साल की सबसे बड़ी त्रासदी
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना की दूसरी वेव और इससे हमारी लड़ाई जारी है। दुनिया के अनेक देशों की तरह भारत भी इस लड़ाई के दौरान बड़ी पीड़ा से गुजरा है। हममें से कई लोगों ने अपने परिजनों और परिचितों को खोया है। ऐसे सभी परिवारों के साथ मेरी पूरी संवेदनाएं हैं। बीते 100 साल में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है। इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी और न अनुभव की थी।
05:53 PM, 07-Jun-2021
नवंबर तक 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त अनाज
पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों टीकाकरण के अलावा आज एक और बड़े फैसले से अवगत कराना चाहता हूं। पिछले साल जब लॉकडाउन लगाना पड़ा तो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ देशवासियों को 8 महीने तक मुफ्त राशन दिया गया। दूसरी वेव के कारण मई और जून के लिए भी ये योजना बढ़ाई गई। आज सरकार ने फैसला लिया है कि इस योजना को अब दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार गरीब की हर जरूरत के साथ उसका साथी बनी है। नवंबर तक 80 करोड़ गरीबों को तय मात्रा में मुफ्त अनाज उपलब्ध होगा। मेरे किसी भी गरीब भाई-बहन को, उसके परिवार को भूखा नहीं सोना पड़ेगा।