Monsoon Session Live: लोकसभा में IIM संशोधन विधेयक पारित; राज्यसभा में खान और खनिज संशोधन बिल पर लगी मुहर
Parliament Monsoon Session, Shubhanshu Shukla News: संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को भी लोकसभा में विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया जा रहा हैं। विपक्ष बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा जारी है।
लाइव अपडेट
राज्यसभा की कार्यवाही 20 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी की तरफ से लोकसभा द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 विधेयक को राज्यसभा में विचार एवं पारित करने के लिए पेश किया गया। इसे राज्यसभा से पारित कर दिया गया।
लोकसभा ने मंगलवार को गुवाहाटी में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की स्थापना के लिए एक विधेयक पारित कर दिया। इसके लिए केंद्र सरकार 550 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराएगी। भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 को निचले सदन में हंगामे के बीच पारित किया गया। इससे शिलांग के बाद पूर्वोत्तर में दूसरा आईआईएम स्थापित हो सकेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 को पेश किया, जबकि विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विरोध किया। विधेयक को ध्वनिमत से पारित किये जाने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
सरकार ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने और अन्य संबंधित मुद्दों को चुनौती देते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में कई मामले दायर किए गए हैं, जिन पर न्यायालय ने रोक लगा दी है। सरकार ने चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मुख्य आयुक्त गुरुद्वारा चुनाव की नियुक्ति के नियमों की अधिसूचना और विभिन्न याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर कई अदालती मामलों में संबंधित मामलों के समाधान के बाद किया गया है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुद्वारा बोर्ड चुनाव नियम 1959 में प्रावधान है कि मुख्य आयुक्त अधिसूचना द्वारा एसजीपीसी बोर्ड के चुनाव के विभिन्न चरणों की तिथि या तिथियां तय करेंगे, जिसमें मतदान की तिथि भी शामिल होगी। गुरुद्वारा चुनाव के मुख्य आयुक्त की अध्यक्षता वाला गुरुद्वारा चुनाव आयोग, चुनाव संचालन के लिए नामित प्राधिकारी है। सरकार ने एक मुख्य आयुक्त नियुक्त किया है, जिन्होंने पंजाब और हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक और गुरुद्वारा चुनाव आयुक्त को अधिसूचनाएं जारी की हैं।
लोकसभा को मंगलवार को बताया गया कि 1975-77 के दौरान आपातकाल के दौरान 1.07 करोड़ से अधिक लोगों की नसबंदी की गई थी। यह तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के लिए निर्धारित 67.40 लाख के लक्ष्य से अधिक थी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने न्यायमूर्ति जेसी शाह आयोग की रिपोर्ट के आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान अविवाहित व्यक्तियों की नसबंदी की कुल 548 शिकायतें और नसबंदी से जुड़ी 1774 मौत के मामले भी शाह आयोग को बताए गए। शाह आयोग की रिपोर्ट 31 अगस्त, 1978 को संसद में पेश की गई। आंकड़ों से पता चला कि 1975-76 में सरकार ने 24,85,000 नसबंदी प्रक्रियाएं करने का लक्ष्य रखा था और देश भर में 26,24,755 सर्जरी करके लक्ष्य को पार कर लिया। रिपोर्ट में बताया गया कि ये पर्याप्त आंकड़े अगले वर्ष, 1976-77 में बौने पड़ गए, जब लक्ष्य बढ़कर 42,55,500 हो गया, तथा नसबंदी प्रक्रियाओं की संख्या बढ़कर 81,32,209 हो गई।
केंद्रशासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव की प्रशासन ने जानकारी दी है कि पिछले पांच वर्षों में शराब की दुकान के लिए 15 आवेदन मिले थे और सभी 15 लाइसेंस जारी कर दिए गए। इन लाइसेंसों से केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन के आबकारी विभाग को कुल 58,25,000 रुपये की आय हुई है। यह जानकारी लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने दी।
"Union Territory of Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu Administration has informed that 15 applications for liquor licences were received and 15 liquor licenses have been issued during the last 05 years. A total revenue of Rs. 58,25,000/- has been generated by the Excise… pic.twitter.com/NQcicllHDd
— ANI (@ANI) August 19, 2025
सरकार ने 28 मई 1977 को सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेसी शाह की अध्यक्षता में एक जांच आयोग (शाह आयोग) बनाया था। इस आयोग का काम था आपातकाल के समय हुई गड़बड़ियों, गलत कामों और जबरदस्ती किए गए कदमों की जांच करना। इसमें परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत जबरन नसबंदी कराने की घटनाएं भी शामिल थीं। शाह आयोग की रिपोर्ट के अनुसार- साल 1975-76 में नसबंदी का लक्ष्य 2,48,500 तय किया गया था, लेकिन वास्तव में 26,24,755 नसबंदियां करवाई गईं। साल 1976-77 में लक्ष्य 42,55,500 था, लेकिन वास्तव में 81,32,209 नसबंदियां करवाई गईं। ये आंकड़े पूरे देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े हुए थे। इसके अलावा, आयोग को आपातकाल के दौरान - 548 शिकायतें मिलीं कि अविवाहित लोगों की जबरन नसबंदी कर दी गई। 1,774 मौतें नसबंदी से जुड़ी घटनाओं में दर्ज की गईं। यह पूरी रिपोर्ट संसद में 31 अगस्त 1978 को पेश की गई थी। यह जानकारी लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने दी।
"The Government had set up a Commission of Enquiry under the Chairmanship of Justice J. C Shah (retired Chief Justice of Supreme Court of India) on 28.05.1977 to inquire into, inter-alia, excesses, malpractices and misdeeds during the Emergency including use of force in the… pic.twitter.com/UplDsXJOHD
— ANI (@ANI) August 19, 2025
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में आठ ICP को दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में कुल आठ इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) को मंजूरी दी है। इनमें से पेट्रापोल स्थित एक चेक पोस्ट पहले से चालू है। बाकी 7 चेक पोस्ट- चांगराबांधा, घोजाडांगा, फुलबाड़ी, पानीटंकी, हिली, जयगांव और महादिपुर - के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 21 नवंबर 2023 को जमीन अधिग्रहण की मंजूरी दी थी। इसके बाद भारत सरकार ने जमीन की कीमत पश्चिम बंगाल सरकार को दे दी। इनमें से जयगांव आईसीपी की जमीन सितंबर 2024 में, और चांगराबांधा व पानीटंकी आईसीपी की जमीन फरवरी 2025 में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नाम ट्रांसफर कर दी गई है। बाकी चार आईसीपी की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में है। यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में दी।
"The Government has approved 08 Integrated Check Posts (ICPS) in West Bengal, out of which, one ICP at Petrapole is operational. Consequent upon approval of State Government of West Bengal on 21.11.2023 for land acquisition for setting up of remaining seven (07) ICPs namely,… pic.twitter.com/yUYknxO8ci
— ANI (@ANI) August 19, 2025
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'सरकार ने कपास पर आयात शुल्क को खत्म कर दिया है। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को भी खत्म किया है। ये स्वागत योग्य कदम है। इससे देश के कपड़ा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। रॉ कॉटन सस्ती आने से हमारे कपड़े की उत्पाद लागत कम होगी और निर्यात बढ़ेगा। उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ भारत का शेयर भी बढ़ेगा।'
#WATCH दिल्ली: भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "सरकार ने कपास पर आयात शुल्क को खत्म कर दिया है। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को भी खत्म किया है। ये स्वागत योग्य कदम है। इससे देश के कपड़ा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। रॉ कॉटन सस्ती आने से हमारे कपड़े की उत्पाद लागत कम होगी और… pic.twitter.com/NspLGaJnK7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 19, 2025
सुबह से दो बार लोकसभा की कार्यवाही बाधित होने के बाद दोपहर दो बजे फिर कार्यवाही शुरू हुई। इस दौरान भी विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया, जिसके बाद पीठसीन स्पीकर ने सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगति कर दी।