Jyotish Maha Kumbh: 'वास्तु के हिसाब से अनुकूल है ताजमहल', ज्योतिष महाकुंभ में विद्वानों ने बताई बड़ी बात
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Mon, 04 Aug 2025 07:14 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 04 Aug 2025 07:14 PM IST
खास बातें
Jyotish Maha Kumbh Live Updates In Hindi: अमर उजाला और इससे जुड़े उपक्रम माय ज्योतिष की तरफ से ज्योतिष महाकुंभ आयोजित किया गया। मयूर विहार स्थित होटल क्राउन प्लाजा में हुए इस आयोजन में देश के प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्यों ने हिस्सा लिया। अमर उजाला माय ज्योतिष महाकुंभ में ज्योतिष शास्त्र के विभिन्न पहलुओं पर संवाद हुआ। कई सत्र में विद्वानों ने बताया कि कैसे ग्रहों का हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता है। विद्वानों ने इंसानी जीवन के किन पहलुओं पर बात की, पढ़िए इस लाइव ब्लॉग में
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गार्गी जेटली, ज्योतिषाचार्या।
- फोटो : अमर उजाला
लाइव अपडेट
06:32 PM, 04-Aug-2025
ज्योतिषाचार्या अंजना नैयर ने कहा कि टैरो साधना पर निर्भर है। साधना से सिद्धि नहीं होगी। टैरो के लिए आत्मसात होना पड़ता है। ज्योतिषाचार्या किरन जेटली ने कहा कि ज्योतिष को गहराई से पढ़िए, जल्दबाजी न करें। ज्योतिष में समय लगता है। गहराई से अध्ययन करने की जरूरत है। दूसरों की भलाई के बारे में सोचना चाहिए। केवल स्वार्थवश काम नहीं करना चाहिए।
06:23 PM, 04-Aug-2025
ज्योतिषाचार्या गार्गी जेटली ने कहा कि वास्तु के हिसाब से चारों दिशाएं अच्छी होती हैं। जिस दिशा में घर लेते हैं, उसी दिशा में प्रवेश होगा तो काफी लाभ होगा। ताजमहल भी वास्तु के हिसाब से अनुकूल है। क्योंकि उसके चारों ओर बने दरवाजे वास्तु के हिसाब से बने हैं। पहले गेट दो दरवाजों से बनते थे। इसलिए लोग रोग मुक्त रहते थे। पहले घरों में आले और झरोखे, चौखट होती थी। इसलिए लोग सेहतमंद और लाभ में रहते थे।
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06:10 PM, 04-Aug-2025
डॉ. किरन जेटली, ज्योतिषाचार्या।
- फोटो : अमर उजाला
06:05 PM, 04-Aug-2025
वास्तुशास्त्री अंजना नैयर ने कहा कि घर वास्तु के हिसाब से नहीं बना है तो अड़चनें आती हैं। वास्तु के लिए कुंडली देखना जरूरी है। पुराने समय में चीजें वास्तु के हिसाब से होती थीं। घर में अगर बहुत समय से पेंट नहीं हुआ है तो क्लेश होती है। वास्तु न मानने से कुल देवी-देवता रुष्ट होते हैं। वास्तु से परिवार खुशहाल रहते हैं। कुंडली सही है तो वास्तु ठीक होगा।
06:03 PM, 04-Aug-2025
ज्योतिषाचार्या गार्गी जेटली ने कहा कि अगर हम प्रकृति के हिसाब से रहेंगे तो हम ठीक रहेंगे। अगर हमारे घर का स्लोब उत्तर की ओर झुकी है तो धन आएगा। फ्लैट में अगर उत्तर की ओर का क्षेत्र खुला है तो आपके पास धन आएगा। यहां तांबे के बर्तन में जल भरकर रखें तो धन आएगा। दक्षिण पूर्व में अगर पानी तत्व आ गया तो घर में रहने वाले लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं होंगीं। घर का उत्तर भारी नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से समृद्धि नहीं आएगी। दक्षिण पश्चिम की दीवारें मोटी होनी चाहिए। घर के उत्तर में स्विमिंग पूल होना चाहिए।
05:58 PM, 04-Aug-2025
नए जमाने का ज्योतिष सत्र में ज्योतिषाचार्या किरन जेटली ने कहा कि सभी बीमारियां ज्योतिष से जानी जा सकती है। राहु, शनि और गुरु कैंसर रोग का कारण है। राहु-केतु जिस भाव पर बैठ जाते हैं उसे प्रबल कर देते हैं। ज्योतिष में रोगों के लिए भी योग बताए गए हैं। एक गोत्र में शादी होने का दुष्परिणाम ब्लड कैंसर होता है। कैंसर ज्योतिष से ठीक हो जाता है। इसके लिए उपाय भी हैं। उपाय करने से कैंसर ठीक हो जाता है। ज्योतिष से बताया जा सकता है कि कौन सा रोग कब जातक होगा यह बताया जा सकता है? राशि और नक्षत्र से भी रोग होते हैं। वृश्चिक राशि का चंद्रमा कमजोर है तो उसे बीमारी जड़ से पकड़ लेती है। समय से पहले बीमारी आती है। चंद्रमा बलवान है तो मानसिक रूप से जातक बलवान होता है। राशियों पर राहु, ग्रह और शनि का दुष्प्रभाव हो तो कैंसर होता है।
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05:47 PM, 04-Aug-2025
ज्योतिष और विवाह योग- कब बजेगी शहनाई सत्र में वैदिक ज्योतिषाचार्या कविता चैतन्य ने कहा कि प्रश्न के जन्म की कुंडली जरूरी है। वैदिक ज्योतिषाचार्या नीलम शर्मा ने कहा कि हमारे प्रारब्ध में जिसको हमारी जिंदगी में आना है, वही पार्टनर हमारे पास आता है। चाहे हम कितनी कुंडली मिला लें। खाली गुण मिलान से ही काम नहीं चलता। प्रारब्ध से सब तय होता है। कुंडली का सप्तम भाव पार्टनर का होता है। सप्तम भाव देखकर बताया जा सकता है कि पार्टनर कैसा होगा। वैदिक ज्योतिषाचार्या शुभ्रा शुक्ला ने कहा कि कुंडली गुरु, शुक्र, मंगल, राहु खराब होते हैं तो शादी में समस्या आती है। अगर शादी नहीं हो रही है तो गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें। मांगलिक दोष से पार्टनर की मौत के सवाल पर वैदिक ज्योतिषाचार्या नीलम शर्मा ने कहा कि कन्या और मिथुन लग्न के मंगल में पार्टनर की जान को खतरा होता है। बाकी मंगल दोष का प्रभाव ज्यादा नहीं होता। वैदिक ज्योतिषाचार्या कविता चैतन्य ने कहा कि प्रश्न कुंडली के समय प्रकृति उसका उत्तर साथ भेजती है। व्यक्ति को प्रश्न कब पूछना है यह प्रकृति निर्धारित करती है। ज्योतिष अपने आप में संपूर्ण है। सारे फैक्टर लगाकर ज्योतिष देखा जाए तो सटीक उत्तर मिलता है। शुभ्रा शुक्ला ने कहा कि तलाक की स्थिति शुक्र के कारण बनती है। मांगलिक दोष का भी इस पर प्रभाव पड़ता है। गुण मिलान के समय यह पता लग जाता है। वैदिक ज्योतिषाचार्या नीलम शर्मा ने कहा कि कोशिश करनी चाहिए कि एक गोत्र में शादी न करें। इससे दंपती का रक्त एक हो जाता है। इससे संतान उत्पति में दिक्कत आती है। एक गोत्र में शादी करने से बीमारियां आती हैं। पहले चार गोत्र छोड़े जाते थे। इसके बाद दो गोत्र छोड़े जाने लगे। अब एक गोत्र में शादी हो जाती है।
05:01 PM, 04-Aug-2025
ज्योतिषाचार्य संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि अगर एक गोत्र में शादी करनी है तो नक्षत्र देखना चाहिए। गुण मिलान से ही रिश्ते तय नहीं होते। नक्षत्र मिलान भी करना होगा। एक-एक नक्षत्र को देखना होगा। उसके परिणाम के बाद हमें सलाह देनी चाहिए।
05:01 PM, 04-Aug-2025
ज्योतिषाचार्य आनंद ने कहा कि कोई भी शादी अच्छी हो उसके लिए पारिवारिक स्थिति अच्छी होना जरूरी है। मन की स्थिति अच्छी होनी जरूरी है। मन शांत रखना है। मन शांत रखेंगे तो बृहस्पति और शुक्र शांत होंगे। कुंडली न मिलने पर शादी को लेकर नकारात्मक न हों। हमें एक गोत्र में शादी नहीं करनी चाहिए।
05:01 PM, 04-Aug-2025
ज्योतिषाचार्य संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि शॉर्टकट से कुछ नहीं होता। ग्रह कितने भी अच्छे हों, लेकिन मेहनत नहीं करेंगे तो ग्रह थोड़ा सा देकर चला जाएगा। शॉर्टकट की जगह ज्योतिषी के पास जाकर समस्या का उपाय पूछें और उसे करें। व्यक्ति के कर्म में जो लिखा है, वह होकर रहेगा। ज्योतिष से बस उसका प्रभाव कम किया जा सकता है। समस्याओं को दूर करने के लिए ज्योतिषी से मिलें। नाड़ी दोष को लेकर ज्योतिषाचार्य संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि हमें शोध में जाना चाहिए। भ्रांतियों में नहीं पड़ना चाहिए। नाड़ी दोष कुछ नहीं होता है।