इंडिया गठबंधन का धरना LIVE: पुलिस हिरासत से रिहा हुए राहुल-प्रियंका समेत सभी नेता; भाजपा ने किया पलटवार
विपक्षी नेता और सांसद मंगलवार को एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च किया। हालांकि, देर शाम दिल्ली पुलिस ने राहुल-प्रियंका समेत 50 सांसदों को हिरासत में लेकर आकाशवाणी भवन में चल रहे धरने को खत्म करवा दिया। दिल्ली पुलिस सभी नेताओं को किंग्सवे कैंप ले गई। इस घटना से जुड़ी जानकारी के लिए पढ़ें अमर उजाला की यह लाइव अपडेट्स
लाइव अपडेट
पवन खेड़ा बोले- आज रात पीएम मोदी और अमित शाह को नहीं आएगी नींद
इंडिया गुट के सांसदों को दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, "आज जो शब्द बोले जा रहे हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस देश की जनता अच्छी तरह जानती है कि ऐसे शब्द बोलने वालों से कैसे निपटना है। उन्हें यह समझना चाहिए और अभी अपने तौर-तरीके सुधार लेने चाहिए। जनता उन लोगों को सत्ता से नीचे उतार देगी, जो इस समय अहंकार के घोड़े पर सवार हैं।"पवन खेड़ा ने कहा, "नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार, मोहन भागवत और अमित शाह आज रात सो नहीं पाएंगे और न ही आगे कभी चैन की नींद सो पाएंगे, क्योंकि उन्होंने देश के साथ विश्वासघात किया है। अगर ज्ञानेश कुमार सोचते हैं कि आज हमारे घर चले जाने से सब कुछ खत्म हो गया है, तो उन्हें समझ लेना चाहिए कि यह केवल शुरुआत है। अभी कुछ भी खत्म नहीं हुआ है।"
#WATCH | Delhi: INDIA bloc MPs leave from New Police Line, Kingsway Camp after being detained by Delhi Police. Congress MP Pawan Khera says, "The words being spoken today are going to cost them dearly. The people of this country know exactly how to deal with such words and the people who utter them. They ought to realise this and mend their ways right now. The public will bring down those who are currently riding the high horse of arrogance. Narendra Modi, Gyanesh Kumar, Mohan Bhagwat and Amit Shah will not sleep tonight—nor will they sleep soundly ever again—because they have betrayed the nation. If Gyanesh Kumar thinks that just because we went home today, it is all over, he needs to understand that this is merely the beginning—nothing has ended yet"
— ANI (@ANI) October 6, 2026
पुलिस की हिरासत से रिहा हुए राहुल-प्रियंका समेत 50 सांसद
राहुल-प्रियंका गांधी समेत 50 सांसदों और करीब 250 नेताओं को किंग्सवे कैंप से छोड़ा गया। पुलिस ने करीब दो घंटे बाद इन नेताओं को हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया।#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra leave from New Police Line, Kingsway Camp. They were detained by Delhi Police following the INDIA bloc MPs' protest at Akashvani Bhavan against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar. https://t.co/oiKW8IvfKf
— ANI (@ANI) October 6, 2026
राहुल गांधी बोले- एक भी देशद्रोही को बख्शा नहीं जाएगा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर हिरासत में लिए जाने का वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि लोकतंत्र के गद्दारो को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। हिसाब होगा - एक भी देशद्रोही बख्शा नहीं जाएगा।लोकतंत्र के गद्दारो को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। हिसाब होगा - एक भी देशद्रोही बख्शा नहीं जाएगा। https://t.co/QbngN1p9y6
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 6, 2026
भाजपा बोली- राहुल गांधी को करना था सिर्फ राजनीतिक ड्रामा
भाजपा सांसद त्रिवेदी ने आगे कहा, ''झूठ नंबर दो- चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा कि शाम 4 बजे उन्हें पुलिस के डीसीपी के माध्यम से पता चला कि नेता प्रतिपक्ष चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उसने एक निर्धारित प्रक्रिया बना रखी है और कोई भी दल मिलना चाहे तो वह तत्काल मिलने के लिए तैयार है, लेकिन प्रतिनिधियों के माध्यम से। लेकिन उन्होंने जिद की कि वे 300 सांसदों के साथ चुनाव आयोग के परिसर में जाएंगे, जो भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ और न ही वहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लिए व्यवस्था है। अर्थात, यह फिर दर्शाता है कि वे वास्तव में चुनाव आयोग से मिलने के लिए तैयार ही नहीं थे। तीसरी बात- चुनाव आयोग ने कहा कि वह अपने एक वरिष्ठ अधिकारी को धरना स्थल पर भेज देगा और वहां वे अपना ज्ञापन दे सकते हैं। इसके लिए भी वे तैयार नहीं हुए। अर्थात, यह स्पष्ट है कि उनका उद्देश्य चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखना नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक ड्रामा करना था।''किंग्सवे कैंप के गेट पर चढ़ीं प्रियंका गांधी, वीडियो आया सामने
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा किंग्सवे कैंप के गेट पर चढ़ गई। इसके बाद गेट खोल दिया गया। किंग्सवे कैंप में राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य हिरासत में लिए गए नेताओं को रखा गया था। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और अन्य प्रदर्शनकारी परिसर में घुस गए।VIDEO | Delhi: Congress MP Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) climbs over and opens the gate of Kingsway Camp, where Rahul Gandhi and other detained Opposition leaders were being held. Congress workers and other protesters then storm into the premises. (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 6, 2026
भाजपा बोली- राहुल गांधी ने किया 300 सांसदों का झूठा दावा
भाजपा सांसद ने कहा, ''मैं फिर से दोहराता हूं। राहुल गांधी ने मिलने के लिए समय नहीं मांगा था। लेकिन जब समय दिया गया, तो वे नहीं गए। जब चुनाव आयोग ने कहा कि उनका कोई अधिकारी आकर ज्ञापन ले सकता है, तो वे इसके लिए सहमत नहीं हुए। सबसे बड़ा झूठ यह था कि कांग्रेस ने दावा किया कि उसके पास 300 सांसद हैं।''इंडिया गुट के प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार, कहा- राहुल गांधी हैं झूठे नंबर 1
राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गुट के सांसदों के प्रदर्शन पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा के प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि झूठों के सरताज, अनेक प्रकार के प्रपंच और नाटकीय प्रस्तुतीकरण में माहिर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज दिनभर जो ड्रामा किया, चुनाव आयोग द्वारा औपचारिक रूप से जारी प्रेस रिलीज से उनका झूठ पूरी तरह बेनकाब हो गया। दिनभर वे देश के सामने कहते रहे कि उन्हें चुनाव आयोग से मिलने नहीं दिया जा रहा है। लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उससे मिलने के लिए इंडी गठबंधन अथवा कांग्रेस पार्टी की ओर से किसी भी प्रकार की कोई रिक्वेस्ट प्राप्त नहीं हुई थी। यानी, यह उनका झूठ नंबर वन है।किंग्सवे कैंप के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
किंग्सवे कैंप के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।Delhi: Congress workers stage a protest and raise slogans at Kingsway Camp. Congress MP and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra, along with other INDIA bloc MPs who were staging a protest against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, have been brought to Kingsway Camp.
— IANS (@ians_india) October 6, 2026
किंग्सवे कैंप पहुंचे राहुल-प्रियंका समेत 50 सांसद
आकाशवाणी भवन से निकालकर राहुल-प्रियंका गांधी समेत करीब 50 सांसदों को लेकर दिल्ली पुलिस किंग्सवे कैंप पहुंच गई है। जानकारी के मुताबिक पुलिस लाइन के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई है।Delhi: A police van carrying Congress MP and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra, and other INDIA bloc leaders arrives at Kingsway Camp. All of them were detained and brought here by the police. (Source: Congress) https://t.co/gOp67JxOfu
— IANS (@ians_india) October 6, 2026
राहुल गांधी की मुलाकात की मांग पर चुनाव आयोग ने दिया क्या जवाब?
इंडिया गुट के निर्वाचन भवन तक के मार्च निकालने को लेकर चुनाव आयोग ने अब बयान जारी किया है। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि आज दिन में कुछ राजनीतिक दलों के निर्वाचन आयोग की और मार्च के दौरान मीडिया के माध्यम से यह पता चला कि कुछ सांसद अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग से मिलना चाहते हैं।चुनाव आयोग ने कहा कि आज के घटनाक्रम के संबंध में आयोग यह स्पष्ट करना चाहता है कि आज शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से निर्वाचन आयोग से बैठक के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग ने कहा कि दिल्ली पुलिस से सूचना मिली कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है और ज्ञापन सौंपना चाहता है।
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया, ''निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2025 में राजनीतिक दलों के साथ बैठकों के लिए एक प्रक्रिया निर्धारित की थी। इसकी जानकारी सभी राजनीतिक दलो को दी गई है और वे इसी प्रक्रिया का पालन करते हैं। जब भी किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधिमंडल या कई दलों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है, तो वह अपने विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग से मिलने का समय मांगता है। इसके बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से तय किए गए समय पर मुलाकात होती है।''
ईसी ने कहा, ''जब निर्वाचन आयोग, आज शाम 4 बजे के बाद, सांसदों के उपरोक्त मुलाकात के प्रस्ताव पर विचार कर रहा था, तो उन्हें दिल्ली पुलिस के डीसीपी के द्वारा बताया गया कि जिस बैठक की मांग की जा रही थी, वह 240 सांसदों के समूह के साथ होनी थी और बैठक का प्रस्तावित स्थान संसद भवन एनेक्सी थी। निर्वाचन आयोग द्वारा विचार किया गया कि यह अनुरोध असामान्य है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है क्यूंकि प्रोटोकॉल के अनुसार ऐसी मुलाकात भारत निर्वाचन आयोग के परिसर में ही होती है।''
चुनाव आयोग ने कहा, ''हमने प्रस्ताव दिया कि सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए आयोग के सबसे वरिष्ठ कार्यरत अधिकारी को बैठक स्थल पर भेजा जा सकता है, जो कि अपने आप में ही एक अभूतपूर्व कदम होता। हालांकि, इस अनुरोध को भी सांसदों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। चुनाव आयोग देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करता है, और अपने स्वयं के प्रोटोकॉल और परंपराओं का भी सम्मान करता है, जो अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कोई भी राजनीतिक दल, किसी भी समय, चुनाव आयोग से मिलने का अनुरोध कर सकता है, एवं आयोग समय की अनुकूलता के दृष्टिगत, उनसे मिलने की तिथि और समय निर्धारित कर सकता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।''