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सीजेपी प्रदर्शन LIVE: अब तक 7000+ प्रदर्शनकारी हिरासत में, पुलिसकर्मियों पर कथित हमले में दर्ज हो सकता है केस

Sat, 10 Oct 2026 10:38 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 10 Oct 2026 10:38 PM IST
खास बातें

दिल्ली में दिपके का हल्लाबोल LIVE: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे आंदोलनकारी आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा होने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दिल्ली में सीजेपी के आंदोलन और राज्यों में इससे जुड़े अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें...
 

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दिल्ली में सीजेपी का आंदोलन - फोटो : Amar Ujala Graphics

लाइव अपडेट

10:38 PM, 10-Oct-2026

शर्मिला ने दिल्ली के लोगों से सीईसी का नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भरने की अपील की

आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने शनिवार को दिल्ली के लोगों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग करते हुए फॉर्म-7 भरने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे उन नागरिकों की परेशानी और चिंता का अहसास होगा, जिनके नाम कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना मतदाता सूची से हटाए गए हैं। फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी मौजूदा नाम को हटाने या प्रस्तावित नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है।

शर्मिला ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। शर्मिला को अपने घर से प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय पुलिस ने रोक दिया।

इसी बीच, विजयवाड़ा में एसआईआर में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ ‘वोट चोरी-गद्दी छोड़ो’ नारे के साथ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। पार्टी नेता जी रुद्र राजू, पीवी मोहन और कई अन्य नेताओं ने राजभवन तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग राज्यपाल तक पहुंचाने से रोका गया। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की।
10:38 PM, 10-Oct-2026

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने इंडिया गठबंधन के दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने को कहा

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शनिवार को कांग्रेस के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, जिला इकाई अध्यक्षों और अन्य नेताओं से 12 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। यह प्रदर्शन लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने राज्य सरकार के विभिन्न निगमों के अध्यक्षों को भी दिल्ली पहुंचने के लिए कहा है। विपक्षी गठबंधन की ओर से इस प्रदर्शन को मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया गया है।

कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्षी गठबंधन सोमवार को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करेगा। उन्होंने बताया कि गठबंधन ने हाल ही में राष्ट्रपति से मुलाकात कर मतदाता सूची और मतदान के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई थी। वेणुगोपाल के अनुसार, विपक्षी नेता सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश से भी मुलाकात करेंगे। इस प्रदर्शन का उद्देश्य मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाना और संबंधित संस्थाओं से कार्रवाई की मांग करना है।
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10:37 PM, 10-Oct-2026

वकीलों को हिरासत में लेने और पुलिस बल प्रयोग पर दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन नाराज

दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान वकीलों को हिरासत में लेने और पुलिस की ओर से कथित रूप से जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने की निंदा की है। एसोसिएशन ने शनिवार को पारित प्रस्ताव में महिला वकीलों सहित कई अधिवक्ताओं के साथ किए गए व्यवहार पर भी चिंता जताई।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन तथा मानद सचिव विक्रम सिंह पंवार की ओर से हस्ताक्षरित प्रस्ताव में कहा गया कि सामने आए वीडियो में वरिष्ठ वकीलों सहित अधिवक्ताओं को पुलिस द्वारा खींचकर ले जाते हुए दिखाया गया है। एसोसिएशन ने इसे वकीलों की गरिमा और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया।

एसोसिएशन ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने और असहमति जताने का अधिकार संविधान देता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर मनमाने ढंग से हिरासत में लेने या जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता। प्रस्ताव में संविधान की प्रस्तावना फाड़े जाने की खबरों पर भी चिंता जताई गई। एसोसिएशन ने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने, कथित गैरकानूनी कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाने की मांग की। कॉकरोच जनता पार्टी ने मतदाता सूची में कथित हेरफेर और फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था।
 
10:37 PM, 10-Oct-2026

अखिलेश यादव ने चुनाव आयुक्तों से मांगा इस्तीफा

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को चुनाव आयुक्तों से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग को प्रभावित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि सभी राजनीतिक दल चाहते हैं कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करे और उसकी विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने यह बयान अपने पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर सैफई में श्रद्धांजलि देने के बाद दिया।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि जब भी कोई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करता है, भाजपा उनके समर्थन में उतर आती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चुनाव आयोग का इस्तेमाल अपने पक्ष के मतदाताओं को मान्यता दिलाने और दूसरों के मताधिकार को प्रभावित करने के लिए करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कमजोर सरकारें आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करती हैं।

सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के दौरान सपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फर्जी फॉर्म-7 आवेदन जमा करने वालों को पकड़ा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने सपा समर्थकों के नाम हटाने के लिए जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया। शुक्रवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था।
10:36 PM, 10-Oct-2026

बंगला साहिब में जूते पहनकर पुलिस के प्रवेश का वीडियो वायरल

दिल्ली पुलिस ने गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। यह वीडियो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के बीच कुछ लोग गुरुद्वारे में शरण लेने पहुंचे थे।

नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने कहा कि वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी उस सामान्य रास्ते से गुजर रहे थे, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु गुरुद्वारे में प्रवेश से पहले जूते उतारने वाली जगह तक पहुंचने के लिए करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो को धार्मिक समुदाय की भावनाएं भड़काने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के इरादे से प्रसारित किया गया।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख हरमीत सिंह कालका ने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर मामले का राजनीतिकरण करने और धार्मिक स्थल को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी तख्तियां लेकर गुरुद्वारे में पहुंचे और नारे लगाए। कालका ने कहा कि गुरुद्वारा सभी लोगों का स्वागत करता है, लेकिन परिसर को राजनीतिक प्रदर्शन का ठिकाना नहीं बनाया जाना चाहिए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और नई दिल्ली इलाके में निषेधाज्ञा लागू थी। पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था।
10:36 PM, 10-Oct-2026

दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्रियों की हिरासत को स्टालिन ने बताया शर्मनाक

द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए सभी हिरासत में लिए गए लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की। स्टालिन ने कहा कि असहमति अपराध नहीं है और लोकतंत्र को बचाने की आवाज उठाने वालों को चुप कराकर लोकतंत्र कायम नहीं रह सकता।

स्टालिन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है। हिरासत में लिए गए नेताओं में पिनराई विजयन, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और माकपा महासचिव एमए बेबी शामिल हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की।

स्टालिन ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से उन्हें 1975-77 के आपातकाल की याद आ रही है। उन्होंने तमिलनाडु की टीवीके सरकार पर भी एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का आरोप लगाया। शनिवार को वामपंथी दलों और एसएफआई कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु के कई इलाकों में प्रदर्शन और सड़क जाम किए। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
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10:36 PM, 10-Oct-2026

अहमदाबाद में सीईसी के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में

अहमदाबाद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और युवाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी शनिवार शाम एलिसब्रिज के पास जुटे और वोट चोर, इस्तीफा दो तथा लोकतंत्र बचाओ जैसे नारे लगाए। वे कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में प्रदर्शन करना चाहते थे। पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा तैनात की थी और एलिसब्रिज चौराहे की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया था। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के नेता शुभम ठाकर भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्हें भी हिरासत में लिया गया। 

ठाकर ने आने वाले दिनों में अहमदाबाद में चक्का जाम करने की चेतावनी दी। कार्यकर्ता सुबोध परमार ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के लिए दो दिन पहले अनुमति मांगी गई थी, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा महिला मोर्चा को प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। वहीं, अहमदाबाद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए और बैरिकेड पार करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
08:07 PM, 10-Oct-2026

सीजेपी के प्रदर्शन में 7000 से अधिक लोग हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान 7000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी।
07:38 PM, 10-Oct-2026

हिरासत से छोड़े जाने के बाद क्या बोलीं ममता बनर्जी?

ममता बनर्जी ने शनिवार को हिरासत से छोड़े जाने के बाद दिल्ली के हालात को लेकर कहा कि स्थिति आपातकाल से भी आगे निकल गई है। उन्होंने अपनी हिरासत की तुलना अपहरण जैसी स्थिति से की और कहा कि पहली बार उन्हें जेल वैन में बैठाकर ले जाया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
07:00 PM, 10-Oct-2026

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान 6 पुलिसकर्मी घायल, दो जगह पथराव

3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें पिंक फोर्स की एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आकाशवाणी भवन और कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के पास पथराव की घटनाएं हुईं। महिला पुलिसकर्मी सुमन ने बताया कि हनुमान मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते समय कुछ महिलाओं ने उनकी उंगली मोड़ दी, जिससे फ्रैक्चर हो गया। वहीं, आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग गिराकर पुलिस पर पत्थर फेंके। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बाद हुई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था और ड्रोन से निगरानी की गई।
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