Parliament Live: 2031 तक देश में 20 नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र चालू करने की योजना, लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
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Wed, 14 Dec 2022 11:38 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 14 Dec 2022 11:38 PM IST
खास बातें
सात दिसंबर से चल रहे संसद के शीतकालीन सत्र का आज 7वां कार्य दिवस है। चीन से टकराव के मुद्दे पर दोनों सदनों में आज एक बार फिर से विपक्षी दलों का हंगामा जारी है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी समेत कई नेताओं ने इस मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। इसके अलावा संसदीय पैनल ने प्रतिस्पर्धा कानून संशोधन विधेयक में बदलाव का सुझाव दिया है। संसद से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए बने रहें अमर उजाला के साथ...
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लोकसभा
- फोटो : Social Media
लाइव अपडेट
11:38 PM, 14-Dec-2022
2017-21 के बीच 35,493 दहेज हत्याएं दर्ज की गईं
देश में 2017 से 2021 के बीच प्रतिदिन करीब 20 दहेज हत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन सबसे अधिक छह मौतें दर्ज की गईं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा द्वारा राज्यसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2017 और 2021 के बीच देश में 35,493 दहेज हत्याएं हुईं।
09:30 PM, 14-Dec-2022
लोक लेखा समिति ने आदिवासी उप-योजना पर पेश की रिपोर्ट
लोक लेखा समिति ने बुधवार को लोकसभा में जनजातीय उप योजना पर अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें टीएसपी निधियों के लिए एक गैर-व्यपगत पूल (नॉन लेप्सेबल पूल) बनाने की अपनी सिफारिश पर सरकार की चुप्पी पर नाराजगी व्यक्त की गई। टीएसपी का उद्देश्य सभी सामाजिक-आर्थिक विकास संकेतकों (इंडिकेटर्स) के संबंध में अनुसूचित जनजातियों और सामान्य आबादी के बीच खाई को कम करना है। यह उन राज्यों पर लागू नहीं है, जहां जनजातीय आबादी साठ फीसदी से ज्यादा है। टीएसपी के तहत जनजातीय विकास के लिए धन केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के क्षेत्रीय कार्यक्रमों और संस्थागत वित्त से प्राप्त किया जाता है।
लोक लेखा समिति ने बुधवार को लोकसभा में जनजातीय उप योजना पर अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें टीएसपी निधियों के लिए एक गैर-व्यपगत पूल (नॉन लेप्सेबल पूल) बनाने की अपनी सिफारिश पर सरकार की चुप्पी पर नाराजगी व्यक्त की गई। टीएसपी का उद्देश्य सभी सामाजिक-आर्थिक विकास संकेतकों (इंडिकेटर्स) के संबंध में अनुसूचित जनजातियों और सामान्य आबादी के बीच खाई को कम करना है। यह उन राज्यों पर लागू नहीं है, जहां जनजातीय आबादी साठ फीसदी से ज्यादा है। टीएसपी के तहत जनजातीय विकास के लिए धन केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के क्षेत्रीय कार्यक्रमों और संस्थागत वित्त से प्राप्त किया जाता है।
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09:26 PM, 14-Dec-2022
धर्म परिवर्तन करने वाले अनुसूचित जाति के सदस्यों को आरक्षण से वंचित किया जाए : भाजपा सांसद
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मांग की कि केंद्र सरकार अन्य धर्मों में परिवर्तित होने वाले अनुसूचित जाति (एससी) के सदस्यों को आरक्षण के लाभों से वंचित करने के लिए प्रावधान लाए। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान धर्मांतरण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि अनुसूचित जाति के सदस्यों को गुमराह कर दूसरे धर्मों में परिवर्तित किया जा रहा है। दुबे ने कहा, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया है कि आरक्षण अनुसूचित जाति के उन सदस्यों के लिए नहीं बढ़ाया जाएगा, जो अन्य धर्मों, विशेष रूप से इस्लाम और ईसाई धर्म में परिवर्तित हो गए हैं। अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के अन्य धर्मों परिवर्तित होने के मामले में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए। उन्हें आरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मांग की कि केंद्र सरकार अन्य धर्मों में परिवर्तित होने वाले अनुसूचित जाति (एससी) के सदस्यों को आरक्षण के लाभों से वंचित करने के लिए प्रावधान लाए। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान धर्मांतरण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि अनुसूचित जाति के सदस्यों को गुमराह कर दूसरे धर्मों में परिवर्तित किया जा रहा है। दुबे ने कहा, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया है कि आरक्षण अनुसूचित जाति के उन सदस्यों के लिए नहीं बढ़ाया जाएगा, जो अन्य धर्मों, विशेष रूप से इस्लाम और ईसाई धर्म में परिवर्तित हो गए हैं। अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के अन्य धर्मों परिवर्तित होने के मामले में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए। उन्हें आरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
08:44 PM, 14-Dec-2022
दुष्कर्म के दोषियों की रिहाई रोकने के लिए कानून में बदलाव नीति के तहत लाएं: बसपा सांसद
2002 के गुजरात दंगों के बिलकिस बानो मामले की पृष्ठभूमि में लोकसभा में बसपा सदस्य दानिश अली ने बुधवार को मांग की कि केंद्र दुष्कर्म के मामलों में दोषियों की रिहाई को रोकने के लिए राज्यों की छूट नीति कानून में बदलाव करे। शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि देश में दुष्कर्म के मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है और इस तरह के अपराध करने वालों को राज्यों की छूट नीति से प्रोत्साहन मिल रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि उन्हें सजा नहीं मिलती है। अगर किसी मामले में किसी को सजा दी जाती है, तो राज्य सरकार उन्हें छूट नीति के तहत रिहा कर देती है। हाल ही में ऐसा मामला गुजरात में सामने आया। बिलकिस बानो मामले में दोषियों को इस आधार पर रिहा कर दिया गया कि उनका चरित्र बहुत अच्छा था। जेल से बाहर आने पर उनका स्वागत किया गया।
2002 के गुजरात दंगों के बिलकिस बानो मामले की पृष्ठभूमि में लोकसभा में बसपा सदस्य दानिश अली ने बुधवार को मांग की कि केंद्र दुष्कर्म के मामलों में दोषियों की रिहाई को रोकने के लिए राज्यों की छूट नीति कानून में बदलाव करे। शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि देश में दुष्कर्म के मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है और इस तरह के अपराध करने वालों को राज्यों की छूट नीति से प्रोत्साहन मिल रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि उन्हें सजा नहीं मिलती है। अगर किसी मामले में किसी को सजा दी जाती है, तो राज्य सरकार उन्हें छूट नीति के तहत रिहा कर देती है। हाल ही में ऐसा मामला गुजरात में सामने आया। बिलकिस बानो मामले में दोषियों को इस आधार पर रिहा कर दिया गया कि उनका चरित्र बहुत अच्छा था। जेल से बाहर आने पर उनका स्वागत किया गया।
08:00 PM, 14-Dec-2022
विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कुलाधिपतियों के बीच गतिरोध की केंद्र को नहीं मिली सूचना : शिक्षा राज्य मंत्री
राज्यसभा को बताया गया है कि विश्विद्यालय के कुलपतियों और कुलाधिपतियों के बीच गतिरोध के बारे में केंद्र को राज्य सरकारों से कोई सूचना नहीं मिली है। शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने इस बात से भी इनकार किया कि कुलपति के रूप में नियुक्ति के योग्य और कुशल व्यक्तियों के चयन में आसानी के लिए सरकार एक आयोग गठित करने पर विचार कर रही है।
शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने कहा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 'यूजीसी विनियम, 2018' (विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों व अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा के मानकों को बनाए रखने के लिए एक अन्य उपाय) तैयार किया है, जिसे 18 जुलाई, 2018 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया है।
वह कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने पूछा था कि क्या राज्यों में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कुलाधिपतियों के बीच गतिरोध है और क्या सरकार इस संबंध में कोई नीति बना रही है? शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा, इस मंत्रालय को राज्यों के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कुलाधिपतियों के बीच गतिरोध से जुड़ा राज्य सरकार से कोई संदर्भ प्राप्त नहीं हुआ है।
राज्यसभा को बताया गया है कि विश्विद्यालय के कुलपतियों और कुलाधिपतियों के बीच गतिरोध के बारे में केंद्र को राज्य सरकारों से कोई सूचना नहीं मिली है। शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने इस बात से भी इनकार किया कि कुलपति के रूप में नियुक्ति के योग्य और कुशल व्यक्तियों के चयन में आसानी के लिए सरकार एक आयोग गठित करने पर विचार कर रही है।
शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने कहा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 'यूजीसी विनियम, 2018' (विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों व अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा के मानकों को बनाए रखने के लिए एक अन्य उपाय) तैयार किया है, जिसे 18 जुलाई, 2018 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया है।
वह कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने पूछा था कि क्या राज्यों में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कुलाधिपतियों के बीच गतिरोध है और क्या सरकार इस संबंध में कोई नीति बना रही है? शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा, इस मंत्रालय को राज्यों के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कुलाधिपतियों के बीच गतिरोध से जुड़ा राज्य सरकार से कोई संदर्भ प्राप्त नहीं हुआ है।
06:35 PM, 14-Dec-2022
2020 के बाद से जम्मू-कश्मीर में मारे गए नौ कश्मीरी पंडित
राज्यसभा को जानकारी दी गई कि 2020 के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के द्वारा नौ कश्मीरी पंडितों की हत्या की गई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि साल 2022 में चार और 2021 में भी इतने ही कश्मीर पंडित मारे गए, जबकि साल 2020 में एक कश्मीरी पंडित मारा गया। राय ने बताया कि मृततों में कश्मीरी राजपूत समुदाय का एक व्यक्ति भी शामिल है।
एक दूसरे सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री राय ने कहा, केंद्रीय गृहमंत्रालय ने पिछले तीन साल में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर करीब 2,815 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया कि 2019-20 में 1,267 करोड़ रुपये, 2020-21 में 611 करोड़ रुपये और 2021-22 में 936.095 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
राज्यसभा को जानकारी दी गई कि 2020 के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के द्वारा नौ कश्मीरी पंडितों की हत्या की गई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि साल 2022 में चार और 2021 में भी इतने ही कश्मीर पंडित मारे गए, जबकि साल 2020 में एक कश्मीरी पंडित मारा गया। राय ने बताया कि मृततों में कश्मीरी राजपूत समुदाय का एक व्यक्ति भी शामिल है।
एक दूसरे सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री राय ने कहा, केंद्रीय गृहमंत्रालय ने पिछले तीन साल में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर करीब 2,815 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया कि 2019-20 में 1,267 करोड़ रुपये, 2020-21 में 611 करोड़ रुपये और 2021-22 में 936.095 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
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06:34 PM, 14-Dec-2022
नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022 पारित
राज्यसभा में नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र का नाम बदलकर भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र करने के लिए 'नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022' पारित किया गया है।
राज्यसभा में नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र का नाम बदलकर भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र करने के लिए 'नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022' पारित किया गया है।
05:34 PM, 14-Dec-2022
एनआईए द्वारा जांच किए गए 67 आतंकी मामलों में से 65 को सजा मिली: सरकार
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब तक आतंकवाद के 497 मामले दर्ज किए हैं और 67 मामलों में फैसला सुनाया गया है जिनमें से 65 मामलों में दोष सिद्ध हो चुका है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में कहा कि 2 दिसंबर तक एनआईए ने हाल ही में कोयम्बटूर विस्फोट की घटना सहित 497 मामले दर्ज किए हैं।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब तक आतंकवाद के 497 मामले दर्ज किए हैं और 67 मामलों में फैसला सुनाया गया है जिनमें से 65 मामलों में दोष सिद्ध हो चुका है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में कहा कि 2 दिसंबर तक एनआईए ने हाल ही में कोयम्बटूर विस्फोट की घटना सहित 497 मामले दर्ज किए हैं।
05:31 PM, 14-Dec-2022
स्मृति ईरानी ने दिया जवाब
महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि भारत में बीते तीन सालों से अधिक लड़के-लड़कियों को गोद लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अदालती प्रक्रियाओं के माध्यम से बच्चे को गोद लेने में लगने वाला औसत समय इतना लंबा था कि गोद लेने वाले माता-पिता को इंतजार करना पड़ता था। कई मामलों में इसमें 3.5 साल तक का समय लगा। इसे देखते हुए हमने कानून में संशोधन किया। उन्होंने कहा कि इस साल 23 सितंबर को, हमने नए नियम को अधिसूचित किया क्योंकि हमारे उच्च न्यायालयों में राज्यों में करीब 900 मामले लंबित थे। राज्यों द्वारा नए प्रस्ताव पर कार्रवाई करने के बाद, 580 से अधिक बच्चों को पहले ही गोद लिया जा चुका है।
वहीं, महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में एक अन्य सवाल के लिखित उत्तर में बताया कि देश में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, मृत्यु दर कम हुई है और कुपोषण से किसी भी बच्चे की मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि 2019 से 2021 के बीच राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण की हाल की रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 की तुलना में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के पोषण संकेतक में सुधार हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर 2015 में जन्मे प्रति एक हजार बच्चों में से 43 की मृत्यु हो जाती थी, वहीं 2020 में ये संख्या घटकर 32 हो गई।
महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि भारत में बीते तीन सालों से अधिक लड़के-लड़कियों को गोद लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अदालती प्रक्रियाओं के माध्यम से बच्चे को गोद लेने में लगने वाला औसत समय इतना लंबा था कि गोद लेने वाले माता-पिता को इंतजार करना पड़ता था। कई मामलों में इसमें 3.5 साल तक का समय लगा। इसे देखते हुए हमने कानून में संशोधन किया। उन्होंने कहा कि इस साल 23 सितंबर को, हमने नए नियम को अधिसूचित किया क्योंकि हमारे उच्च न्यायालयों में राज्यों में करीब 900 मामले लंबित थे। राज्यों द्वारा नए प्रस्ताव पर कार्रवाई करने के बाद, 580 से अधिक बच्चों को पहले ही गोद लिया जा चुका है।
वहीं, महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में एक अन्य सवाल के लिखित उत्तर में बताया कि देश में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, मृत्यु दर कम हुई है और कुपोषण से किसी भी बच्चे की मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि 2019 से 2021 के बीच राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण की हाल की रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 की तुलना में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के पोषण संकेतक में सुधार हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर 2015 में जन्मे प्रति एक हजार बच्चों में से 43 की मृत्यु हो जाती थी, वहीं 2020 में ये संख्या घटकर 32 हो गई।
04:37 PM, 14-Dec-2022
राज्यसभा ने संविधान (अनुसूचति जातियां एवं जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया। वहीं, लोकसभा ने 2022-23 के लिये अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच और 2019-20 के लिए अनुदान की अतिरिक्त मांगों तथा इससे संबंधित विनियोग विधेयकों को मंजूरी दी।