50 Years Of Emergency LIVE: कैबिनेट में आपातकाल पर प्रस्ताव पारित, दो मिनट का मौन रखा गया; खरगे ने किया पलटवार
50 Years of Emergency Live News in Hindi: देश में आपातकाल 25 जून 1975 को लगा था, जिसके 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर बुधवार को भाजपा देशभर में संविधान हत्या दिवस का आयोजन करेगी। भाजपा विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के जरिए लोगों को आपातकाल के काले दौर की याद दिलाई जाएगी। जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में मीसा बंदियों का सम्मान किया जाएगा। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकाल को अन्यायकाल करार दिया।
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आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर कर्नाटक के कांग्रेस एमएलसी बीके हरिप्रसाद ने कहा, 2014 में जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, तब से एक काले युग की शुरुआत हुई है। जो लोग कभी 'काले दिन' की बात करते थे, वे खुद देश को बर्बाद करने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि 50 साल पहले पुलिस और सेना के विद्रोह वाला बयान किसने दिया था? बकौल हरिप्रसाद, यह इतना खतरनाक बयान था कि आपातकाल लगाना पड़ा।
VIDEO | On the 50th anniversary of the Emergency, Congress MLC BK Hariprasad (@HariprasadBK2) says, "Ever since 2014, when Modi became the Prime Minister, that was the beginning of a dark era. Those who once spoke of 'black days' were themselves involved in trying to ruin the… pic.twitter.com/TSULmPUrqq
— Press Trust of India (@PTI_News) June 25, 2025
आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 50 साल पहले आपातकाल लगाया था। लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई थी, और विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। अगर संविधान की रक्षा हुई है, तो यह भाजपा की वजह से ही हुआ है। जब भी संविधान खतरे में पड़ा है, तो इसका कारण कांग्रेस रही है।
VIDEO | Goa: On the 50th anniversary of the Emergency, Chief Minister Pramod Sawant (@DrPramodPSawant) says: "Fifty years ago, then Prime Minister Indira Gandhi imposed the Emergency, stripping people of their fundamental rights. The press was censored, and opposition leaders… pic.twitter.com/c3BWzacQfJ
— Press Trust of India (@PTI_News) June 25, 2025
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी आपातकाल के 50 साल होने पर कहा, 25 जून 1975 को आपातकाल लगाया गया था। आपातकाल के दौरान 1.5 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, मोरारजी देसाई, लालकृष्ण आडवाणी, चंद्रशेखर और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 250 पत्रकारों को भी गिरफ्तार किया गया था... उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आज तक आपातकाल के दौर में किए गए अत्याचारों के लिए माफी क्यों नहीं मांगी है, उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। भाजपा जनता को यही कड़वा सच बता रही है।
#WATCH | Mumbai: BJP MP Ravi Shankar Prasad said, "Emergency was imposed on 25th June 1975 and today marks 50 years since the Emergency was imposed. During the Emergency, 1.5 lakh people were arrested. Jayaprakash Narayan, Atal Bihari Vajpayee, Morarji Desai, Lalkrishna Advani,… pic.twitter.com/WNmnA5SAfw
— ANI (@ANI) June 25, 2025
आपातकाल लगाने के 50 साल पूरे होने पर भाजपा ने संविधान हत्या दिवस मनाने का एलान किया है। इस मौके पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'देखिए ईश्वरीय न्याय कैसे होता है। एक 25 साल के लड़के (पीएम मोदी) ने इंदिरा गांधी की तानाशाही का विरोध किया...आज, उसी व्यक्ति ने 2014 में उस कारण (कांग्रेस) को उखाड़ फेंका जिसने आपातकाल लगाया था। वंशवाद की राजनीति...तानाशाही के खिलाफ संघर्ष करने वाला युवा अब इस देश में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत कर रहा है। शाह ने यह टिप्पणी पीएम मोदी की किताब 'द इमरजेंसी डायरीज' को लेकर की।
#WATCH | Delhi | On PM Modi's book 'The Emergency Diaries', Union Home Minister Amit Shah says, "... Look at how the divine justice takes place. A 25-year-old boy (PM Modi) opposed Indira Gandhi's dictatorship... Today, that same person, in 2014, uprooted the reason for which the… pic.twitter.com/ya0bvHaFB2
— ANI (@ANI) June 25, 2025
आपातकाल के 50 साल पूरे होने के मौके पर आज पीएम मोदी की किताब 'द इमरजेंसी डायरीज: ईयर दैट फोर्ज्ड आवर लीडर्स' का विमोचन हुआ। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, यह किताब पीएम मोदी की युवावस्था से जुड़ी घटनाओं के बारे में है। आपातकाल लागू किए जाने के समय वे एक युवा कार्यकर्ता थे, जिन्होंने 19 महीने तक आंदोलन में भाग लिया... पीएम मोदी ने मीसा बंदियों के घर जाकर उनके इलाज की व्यवस्था की। उस समय बहुत सारे गुप्त समाचार पत्र प्रकाशित होते थे। पीएम मोदी ने उन समाचार पत्रों को बाजारों, छात्रों और महिलाओं के बीच वितरित किया और 24-25 साल की उम्र में गुजरात में संघर्ष का नेतृत्व किया... इस किताब में संघर्षों की पूरी कहानी है। प्रधानमंत्री मोदी ने साधु, सरदारजी, हिप्पी, अगरबत्ती या अखबार विक्रेता के रूप में जमीन पर काम किया।
आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, इस देश की जनता देख चुकी है कि लोकतंत्र की हत्या किसने की। पूरा देश समझ रहा है कि लोकतंत्र को नष्ट करने का जिम्मेदार कौन था। इसलिए जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए कदम उठाए। कांग्रेस पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को भी बताना चाहिए कि वे लोकतंत्र की हत्या करने वाले दल के साथ गठबंधन कैसे कर रहे हैं। जयप्रकाश नारायण के मार्गदर्शन में राजनीति शुरू करने वाले लालू यादव अब कांग्रेस के पाले में जा चुके हैं।
#WATCH | Patna: On 50 years of Emergency, Bihar Dy CM Samrat Choudhary says, "The people of this country watched who killed democracy. The entire nation is understanding who was responsible for destroying democracy. So they took steps to oust them from power. The Congress party… pic.twitter.com/1dqv2LyvrY
— ANI (@ANI) June 25, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आपातकाल पर प्रस्ताव पारित किया गया। कैबिनेट में शामिल मंत्रियों ने दो मिनट का मौन भी रखा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के साथ-साथ भाजपा को भी आड़े हाथों लिया है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को दावा किया कि देश अघोषित आपातकाल से गुजर रहा है क्योंकि संघ परिवार सरकार संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रही है। विजयन ने फेसबुक पोस्ट में यह आरोप लगाया, जिसमें उन्होंने 1975 में तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार द्वारा घोषित आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को दावा किया कि आपातकाल इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति का प्रतीक था और इसे लागू करना इतिहास का काला दिन था। नीतीश कुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, '25 जून, 1975 एक ऐसी तारीख है, जिसे हम सभी आपातकाल लागू करने के लिए याद करते हैं। इसे स्वतंत्र भारत के इतिहास में काला दिन कहा जाता है।'