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Joshimath Crisis: सीएम पुष्कर धामी ने पीड़ितों से की मुलाकात, आपदाग्रस्त क्षेत्रों का लिया जायजा

Wed, 11 Jan 2023 08:20 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ (चमोली) Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 11 Jan 2023 08:20 PM IST
खास बातें

जोशीमठ इस समय में बड़े संकट का सामना कर रहा है। भू-धंसाव से लगातार घरों में दरारें पड़ रही है। इस बीच जोशमीठ में प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों की मुआवजे को लेकर चल रही बैठक में बात नहीं बनी। प्रशासन की ओर से प्रभावितों परिवारों को डेढ़ लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की बात कही गई, लेकिन प्रभावितों ने इससे इनकार कर दिया। पढ़िए पल-पल के अपडेट यहां...

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Joshimath Land Subsidence Live Update: CM Dhami Plan for Joshimath Landslide, Hotel Malari Inn Demolition
सीएम पुष्कर धामी ने पीड़ितों से की मुलाकात - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

07:28 PM, 11-Jan-2023
विस्थापित लोगों के लिए आपदा प्रतिरोधी मॉडल टाउन का प्रस्ताव 
केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) ने जोशीमठ के डूबते उत्तराखंड शहर से विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए एक आपदा-प्रतिरोधी मॉडल शहर विकसित करने का प्रस्ताव दिया है।

सीबीआरआई के निदेशक आर प्रदीप कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के रुड़की स्थित संस्थान ने भी जोशीमठ के लिए तीन आयामी कार्य योजना का सुझाव दिया है जिसमें झुकी हुई इमारतों को गिराने, मौजूदा 4,000 इमारतों की सुरक्षा का आकलन करने और विस्थापित लोगों को मध्यवर्ती आश्रय प्रदान करने की परिकल्पना की गई है। 
 
सीबीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डीपी कानूनगो और अजय चौरसिया के साथ कुमाऊं क्षेत्र में हिमालय पर्वत श्रृंखला में बसे शहर की स्थिति का आकलन करने के लिए सोमवार को जोशीमठ गए और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों के साथ इस मामले पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा, "एक सुरक्षित चिन्हित स्थल पर शहरी नियोजन के साथ-साथ लागत प्रभावी निर्माण तकनीक यानी सीमित चिनाई का उपयोग करते हुए एक आपदा प्रतिरोधी मॉडल टाउन विकसित करने का प्रस्ताव है।

कुमार ने कहा कि सीबीआरआई चयनित सुरक्षित चिन्हित स्थल पर घरों की संख्या और स्थलाकृति सर्वेक्षण के संबंध में उत्तराखंड सरकार से मिले इनपुट के आधार पर आवास योजना, डिजाइन और निर्माण सलाह प्रदान करेगा।
06:57 PM, 11-Jan-2023

प्रभावित लोगों से सीएम ने की मुलाकात 

 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित लोगों से मुलाकात करने के बाद आपदाग्रस्त क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं।
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04:25 PM, 11-Jan-2023
मुख्यमंत्री आज जोशीमठ में करेंगे रात्रि प्रवास 

सीएम धामी आज जोशीमठ में रात्रि प्रवास करेंगे। रात्रि प्रवास के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जोशीमठ पहुंच गए हैं। प्रस्तावित सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जोशीमठ पहुंचेंगे।
प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं किए गए कार्यों से सीएम अवगत होंगे। वहीं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सीएम से फोन पर स्थिति का जायजा लिया। 
04:17 PM, 11-Jan-2023
तीसरा कारण: भूस्खलन क्षेत्र में बसा शहर
1970 में अलकनंदा की बाढ़ के बाद यूपी सरकार ने 1976 में तत्कालीन गढ़वाल आयुक्त एमसी मिश्रा की अध्यक्षता में वैज्ञानिकों की 18 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी में सिंचाई, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर, रुड़की इंजीनियरिंग कालेज (अब आईआईटी) और भूर्गभ विभाग के विशेषज्ञों के साथ ही पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट शामिल थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में माना था कि जोशीमठ भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र है। इसके ढलानों से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। भूस्खलन इलाकों में पेड़ न काटे जाएं, पहाड़ी ढलानों पर पौधरोपण किया जाए। पांच किमी के दायरे में किसी प्रकार का खनन न किया जाए।
04:08 PM, 11-Jan-2023
कारण 2: ड्रेनेज व सीवेज व्यवस्था

पिछले साल 16 से 19 अगस्त के बीच राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिशासी निदेशक डॉ. पीयूष रौतेला के नेेतृत्व में एक टीम ने जोशीमठ का सर्वेक्षण किया था। शोध के बाद उन्होंने नवंबर माह में 28 पृष्ठों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसमें उन्होंने माना था कि जोशीमठ के नीचे अलकनंदा में कटाव के साथ ही सीवेज और ड्रेनेज की व्यवस्था न होने से पानी जमीन में समा रहा है। इससे जमीन धंस रही है। 
03:55 PM, 11-Jan-2023
कारण 1:  तपोवन-विष्णुगाड़ परियोजना 
जुलाई 2022 को चार भू-विज्ञानियों प्रो. एसपी सती, डॉ. नवीन जुयाल, प्रो. वाईपी सुंदरियाल और डॉ. शुभ्रा शर्मा का एक शोध पत्र टूवर्ड अंदरस्टैंडिंग द कॉज ऑफ सोयल क्रीप एंड लैंड सबसाइडेंस अराउंड हिस्टोरिकल जोशीमठ टाउन जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि यहां पहाड़ी ढलानों को काटकर बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी गई। तपोवन विष्णुगाड़ परियोजना की टनल जोशीमठ के नीचे करीब एक किमी गहराई में गुजर रही है। उनका कहना था कि यह सुरंग जोशीमठ व आसपास के लिए कभी भी मुश्किलें पैदा कर सकती है। वहीं, 25 मई 2010 को करेंट साइंस शोध पत्रिका में प्रकाशित गढ़वाल विवि के पूर्व प्रोफेसर एमपीएस बिष्ट व डॉ. पीयूष रौतेला के शोध पत्र में भी स्पष्ट कहा गया था कि परियोजना की टनल बोरिंग मशीन की वजह से पानी का रिसाव बढ़ रहा है जो कि भविष्य का खतरनाक संकेत है।
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03:38 PM, 11-Jan-2023
जोशीमठ भू-धंसाव: पांच प्रमुख कारण
1- एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड़ परियोजना की टनल का निर्माण
2- शहर में ड्रेनेज की व्यवस्था न होना
3- पुराने भू-स्खलन क्षेत्र  में बसा शहर
4- क्षमता से अधिक अनियंत्रित निर्माण कार्य
5- अलकनंदा नदी में हो रहा भू-कटाव
03:23 PM, 11-Jan-2023
आखिर क्यों धंस रहा जोशीमठ
आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जोशीमठ धंस क्यों रहा है? वैज्ञानिकों के अपने तर्क हैं। सरकार के अपने तथ्य और इंतजामात। जोशीमठ को लेकर चार प्रमुख शोध हो चुके हैं, जिनमें अलग-अलग समय पर शोधकर्ताओं ने अलग कारण बताए। 
03:02 PM, 11-Jan-2023
कांग्रेस करेगी सीेएम आवास कूच
कांग्रेस प्रदेश अधयक्ष करन माहरा ने कहा कि जोशीमठ में भू-धंसाव की चपेट में आए भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रारंभ करने से पहले धामी सरकार प्रभावितों के लिए कल शाम तक उचित मुआवजा राशि घोषित करें अन्यथा उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए विवश होगी।
02:44 PM, 11-Jan-2023
टिहरी की तर्ज पर न्यू जोशीमठ बनाने पर विचार
टिहरी की तर्ज पर न्यू जोशीमठ बनाने पर सरकार विचार कर रही है, लेकिन स्थानीय लोग इसके लिए तैयार नहीं हैं। वे जोशीमठ में ही रहना चाहते हैं। हालांकि सरकार ने जोशीमठ की आबादी को शिफ्ट करने के लिए तीन स्थानों का चयन किया है। इसमें एक जोशीमठ में जेपी कालोनी के पास उद्यान विभाग की जमीन है। दूसरा पीपलकोटी और तीसरा गौचर के पास जमीन पर लोगों को शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। 
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