फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Surya Grahan 2026 : साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, जानें ज्योतिषीय प्रभाव और दृश्यता

Wed, 12 Aug 2026 08:03 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 12 Aug 2026 08:03 PM IST
खास बातें

 Surya Grahan 2026 Date and Time in India Sutak Kaal Live Updates in Hindi: आज साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, हालांकि भारत में यह नहीं दिखाई देगा। सूतक काल प्रातः 9:04 मिनट पर आरंभ हो चुका है। आइए जानते हैं आज लगने वाले सूर्य ग्रहण के समय, दृश्यता और सूतक काल की पूरी जानकारी।

विज्ञापन
English Headline: Surya Grahan 2026 Date Timing in India Surya Grahan Kha Dikhega Live Updates in Hindi
सूर्य ग्रहण 2026 - फोटो : amar ujala

लाइव अपडेट

07:15 PM, 12-Aug-2026

Surya Grahan Timing Today: इस समय शुरू होगा सूर्य ग्रहण

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज रात को लगेगा। भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण आज रात 09 बजकर  04 मिनट से शुरू होगा, जो रात 01 बजकर 27 मिनट पर खत्म होगा। रात 11 बजकर 16 मिनट पर यह अपने चरम पर होगा।  
 
07:03 PM, 12-Aug-2026

Surya Grahan 2026 LIVE: वैश्विक स्तर पर संभावित प्रभाव

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब करीब 15 दिनों के अंतराल में सूर्य और चंद्र ग्रहण पड़ते हैं, तो इसे वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण अवधि माना जाता है। 

आंदोलन और सामाजिक अस्थिरता: कुछ ज्योतिषीय मतों में इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विरोध, प्रदर्शन और सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जाती है। इससे प्रशासन और सरकारों के सामने कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां आ सकती हैं।

प्राकृतिक घटनाएं: पारंपरिक ज्योतिष में ग्रहणों को भूकंप, चक्रवात, समुद्री हलचल और अन्य प्राकृतिक घटनाओं से भी जोड़ा गया है। हालांकि, इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।

मौसम में बदलाव: कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश, तेज तूफान या लंबे समय तक सूखे जैसी असामान्य मौसमी परिस्थितियों की संभावना भी ज्योतिषीय मान्यताओं में बताई जाती है।
विज्ञापन
06:50 PM, 12-Aug-2026

Surya Grahan 2026 LIVE: एक पखवाड़े में दो ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव

ज्योतिषीय मान्यताओं में कम अंतराल पर सूर्य और चंद्र ग्रहण का पड़ना महत्वपूर्ण माना जाता है। जब करीब 15 से 16 दिनों के भीतर दो ग्रहण आते हैं, तो इसे संवेदनशील अवधि के तौर पर देखा जाता है।

वराहमिहिर की बृहत्संहिता में भी एक ही महीने में दो ग्रहण होने से जुड़े कई संकेतों का उल्लेख मिलता है। पारंपरिक ज्योतिष के अनुसार, ऐसे समय में मौसम में असामान्य बदलाव, प्राकृतिक घटनाओं और सामाजिक स्तर पर अस्थिरता जैसी परिस्थितियों की आशंका मानी जाती है।

वहीं, सूर्य और चंद्र ग्रहण के एक ही महीने में पड़ने को लेकर ज्योतिषीय ग्रंथों में शासन व्यवस्था, राजनीतिक परिस्थितियों और सैन्य गतिविधियों में हलचल के संकेत बताए गए हैं। 
06:35 PM, 12-Aug-2026

Surya Grahan 2026 LIVE: कब शुरू होगा सूर्य ग्रहण?

साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण आज यानी 12 अगस्त, बुधवार को घटित होगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसकी दृश्यता दुनिया के कुछ खास क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगी। भारतीय समय के अनुसार इसकी शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी। ग्रहण रात 11 बजकर 16 मिनट के आसपास अपने अधिकतम चरण में पहुंचेगा और 13 अगस्त की रात 1 बजकर 28 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।
06:20 PM, 12-Aug-2026

Total Solar Eclipse 2026: क्या है पूर्ण सूर्य ग्रहण?

पूर्ण सूर्य ग्रहण एक ऐसी खगोलीय स्थिति है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है। इस दौरान चंद्रमा की गहरी छाया पृथ्वी के किसी हिस्से पर पड़ती है, जिसके कारण वहां कुछ समय के लिए दिन में ही अंधेरा छा जाता है। इस घटना में सूर्य का चमकीला भाग पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिप जाता है। इसी स्थिति को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
06:09 PM, 12-Aug-2026

Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त को होगा आंशिक चंद्र ग्रहण

12 अगस्त के करीब 15 दिन बाद 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा। हालांकि, भारत से इसकी दृश्यता नहीं होगी। वहीं, भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
05:55 PM, 12-Aug-2026

Surya Grahan 2026: शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या से प्रभावित इन 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

12 अगस्त के सूर्य ग्रहण को ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती, जबकि सिंह और धनु पर शनि की ढैय्या का प्रभाव बताया जाता है। मान्यता है कि ग्रहण के बाद करीब 15 दिनों तक इन राशियों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

मेष: भावनात्मक तनाव बढ़ सकता है। दांपत्य जीवन में मतभेद से बचें और धैर्य बनाए रखें।
सिंह: कोर्ट-कचहरी और विवादों से दूरी रखें। किसी गलत या अनैतिक काम में न पड़ें।
धनु: निवेश में नुकसान और कारोबार में उतार-चढ़ाव संभव है। विरोधियों से सावधान रहें।
कुंभ: स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। काम और आर्थिक मामलों में अस्थिरता आ सकती है।
मीन: तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है। करियर में सुस्ती से बचें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।
05:35 PM, 12-Aug-2026

Surya Grahan Me Kya Kare: सूर्य ग्रहण की शाम पितरों के लिए जलाएं दीपक

सावन अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद पितरों की स्मृति में दीपक जलाने की परंपरा है। आज सूर्यास्त शाम 7:02 बजे होने के बाद तेल का दीपक जलाकर घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा में रखने की मान्यता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, अमावस्या पर पितरों का स्मरण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि दीपक की रोशनी पितरों के लौटने का मार्ग प्रकाशित करती है। श्रद्धापूर्वक दीपदान करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
05:18 PM, 12-Aug-2026

Surya Grahan 2026: 18 साल बाद सावन में सूर्य और चंद्र ग्रहण का संयोग

साल 2026 में सावन का महीना ग्रहणों के खास संयोग के लिए चर्चा में है। करीब 18 साल बाद सावन में सूर्य और चंद्र ग्रहण एक ही महीने में पड़ रहे हैं। 12 अगस्त को सावन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण होगा, जबकि 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा। इससे पहले ऐसा संयोग 2008 में देखने को मिला था। उस साल 1 अगस्त को अमावस्या पर सूर्य ग्रहण और 17 अगस्त को पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण पड़ा था। इस वजह से 2026 का सावन खगोलीय घटनाओं के लिहाज से विशेष माना जा रहा है।
04:52 PM, 12-Aug-2026

Surya Grahan 2026 On Sawan Amavasya: सावन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण स्नान-दान होगा या नहीं 

इस बार सूर्य ग्रहण सावन अमावस्या के दिन पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि आज रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगी। खास बात यह है कि ग्रहण की शुरुआत अमावस्या तिथि में होगी, जबकि इसका समापन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि में होगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक मान्य नहीं माना जा रहा है। ऐसे में सावन अमावस्या के अवसर पर स्नान, दान और पितरों का तर्पण किया जा सकता है। श्रद्धालु स्नान के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य करें और पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें।
Load More
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed