फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Shani Gochar 2025: आज शनि का राशि परिवर्तन, जानें किससे उतरेगी साढ़ेसाती और सभी राशियों पर कैसा होगा असर

Sat, 29 Mar 2025 06:13 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 29 Mar 2025 06:13 PM IST
खास बातें

Shani Ka Rashi Parivartan 2025 Live Updates:  वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का बहुत ही खास स्थान होता है। शनि को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना गया है। यह सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह होते हैं। शनि की मंद चाल से शनि का गोचर ढाई साल में होता है और पूरी 12 राशियों का एक चक्र पूरा करने में 30 वर्षों का समय लेते हैं। आज शनि कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिस कारण से देश-दुनिया समेत सभी 12 राशियों पर असर देखने को मिलेगा।

विज्ञापन
Shani Gochar Live Updates Saturn Transit in Pisces 29 March 2025 Shani Ka Rashi Parivartan Meen Rashi Impact
साल 2025 में शनि का मीन राशि में परिवर्तन - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

05:10 PM, 29-Mar-2025

जानें आज शनि के गोचर का समय

आज शनि करीब ढाई वर्षों बाद राशि परिवर्तन करने वाले हैं। शनिदेव आज रात 10 बजकर 07 मिनट पर गुरु के स्वामित्व वाली राशि मीन में प्रवेश कर जाएंगे। यहां पर ये साल 2027 तक रहेंगे।
04:42 PM, 29-Mar-2025

मीन राशि पर शनि गोचर का प्रभाव 

शनिदेव यहां आपके एकादश और द्वादश भाव के स्वामी होकर आपकी राशि में उपस्थित होंगे। मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू होगा। आपको सावधान रहना होगा। आपके ऊपर साढ़ेसाती का पूरा प्रभाव रहेगा। 
विज्ञापन
04:21 PM, 29-Mar-2025

शनि गोचर का कुंभ राशि में प्रभाव

शनि के मीन राशि में गोचर करने से कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण प्रारंभ हो जाएगा। कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि द्वादश भाव के स्वामी होकर आपके दूसरे भाव यानी धन भाव में गोचर होंगे। ऐसे में धन के मामले में आप लकी साबित होंगे। कुंभ राशि पर उतरती हुई साढ़ेसाती का प्रभाव शुभ रहेगा।
04:16 PM, 29-Mar-2025

ज्योतिष में शनिदेव का महत्व

- शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी होते हैं। 
- तुला राशि में शनि उच्च के जबकि मेष राशि में नीच होते हैं।
- शनि आयु, धीमेपन, दुख, रोक, तकनीकी, विज्ञान और पीड़ा आदि के कारक होते हैं। 
- जब किसी की कुंडली में शनि मजबूत होते हैं तो व्यक्ति को हर तरह का सुख देते हैं।
- जब कुंडली में शनि कमजोर या पीड़ित होते हैं तो व्यक्ति को तरह के तरह कष्ट देते हैं।
03:59 PM, 29-Mar-2025

मकर राशि पर शनि के राशि परिवर्तन का असर

शनि के मीन राशि में गोचर करने से मकर राशि वालों पर चल रही शनि की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी। शनि देव के गोचर करने से यह आपके तीसरे भाव में होंगे और यहां शनि अच्छा फल प्रदान करते हैं। शनि यहां होकर आपके पंचम, नवम और द्वादश भावों को देखेंगे। ऐसे में संतान की तरफ से कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं। भागदौड़ बनी रहेगी। अधूरे काम पूरे होंगे। 
03:35 PM, 29-Mar-2025

धनु राशि पर शनि के गोचर का प्रभाव

धनु राशि के जातकों के लिए शनि आज चौथे भाव में गोचर करने वाले हैं। शनिदेव धनु राशि वालों के लिए दूसरे और तीसरे भाव के स्वामी होते हैं। आपके ऊपर शनि की ढैय्या रहेगी। आपके लिए आने वाला समय मिलाजुला साबित होगा। कार्यो में थोड़ी -थोड़ी बाधाएं आएंगी। नौकरी में उन्नति और भाग्य में वृद्धि के योग हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
03:10 PM, 29-Mar-2025

वृश्चिक राशि पर शनि गोचर का प्रभाव

शनि आपके पंचम भाव में गोचर करेंगे। आपके लिए शनि तीसरे और चौथे भाव के स्वामी होकर सप्तम, एकादश और द्वितीय भाव में अपनी द्दष्टि रखेंगे। पंचम शनि आपकी राशि के स्वामी मंगलदेव के साथ शत्रुता का भाव रखेंगे। ऐसे में आपके कामों में अड़चनें आएंगी। काफी प्रयास में आपको कार्यो में सफलता मिलेगी। धन हानि की संभावना ज्यादा रहेगी। 
03:05 PM, 29-Mar-2025

क्या होती है शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या ?

आज शनि 30 वर्षों बाद मीन राशि में परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि को सभी ग्रहों में न्याय और कर्मफल दाता का दर्जा मिला हुआ है। ये कर्मों के आधार पर व्यक्ति को शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनि एक मात्र ऐसे ग्रह हैं जिनको साढ़ेसाती का अधिकार मिला हुआ है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह की साढ़े सात साल तक चलने वाली दशा को साढ़ेसाती कहते हैं। यह जातक के जीवन में एक बार जरूर आती है। शनि की साढ़ेसाती के साढ़े सात वर्ष तीन चरणों में पूरी होती है। ढाई-ढाई साल के तीन चरण होते हैं। जब साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होता है तो यह व्यक्ति को आलसी बनाता है। दूसरा चरण चलने पर जातकों को अधिक से अधिक मेहनत करवाता है। वहीं आखिरी चरण में व्यक्ति को पहले दो चरणों के मुकाबले कम कष्ट मिलता है।  वहीं, दूसरी तरफ ढाई साल की शनि की ढैय्या का समय होता है। जब किसी जातक की कुंडली में शनि महाराज चौथे या आठवें भाव में होते हैं तो व्यक्ति के जीवन में ढैय्या का प्रभाव आता है। 

 
02:38 PM, 29-Mar-2025

तुला राशि पर शनि के गोचर का प्रभाव

तुला राशि के जातकों के लिए शनि चौथे और पांचवें भाव के स्वामी होकर यह आज आपके छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार छठा भाव शनि के गोचर के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। शनि के छठे भाव में गोचर करने से आप अपने शत्रुओं औ विरोधियों पर हावी रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपका दबदबा बना रहेगा। नौकरीपेशा जातकों को आय में वृद्धि और नौकरी में प्रमोशन के योग बन रहे हैं। आपको पुराने रोगों से मुक्ति मिलेगी और शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है। 
02:04 PM, 29-Mar-2025

जानें कन्या राशि पर शनि गोचर का प्रभाव 

कन्या राशि के जातकों के लिए शनि पांचवें और छठे भाव के स्वामी होते हैं और आज शनि के मीन राशि में गोचर करने से यह आपके सप्तम भाव में होंगे। सप्तम भाव साझेदारी और वैवाहिक जीवन से संबंधित होता है। शनि के गोचर करने से आपको कार्यो से संबंधित बाधाएं दूर होंगी। वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। वहीं जिन जातकों का प्रेम संबंध चल रहा है उसमें भी आपको सफलता मिलेगी। साथी का भरपूर साथ आपको मिलेगा। 
Load More
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed