वक्षों को स्वस्थ रखने के लिए महिलाएं प्रतिदिन करें इस आसन का अभ्यास
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त्रिकोणासन करने पर शरीर की मुद्रा त्रिकोण के समान दिखाई देती है इसलिए इस आसन का यह नामाकरण किया गया। त्रिकोणासन महिलाओं के लिए बहुत आवश्यक और लाभकारी आसन है। बढ़ती लड़कियों को इस आसन का अभ्यास जरूर करना चाहिए इससे उन्हें कई सारे फायदे पहुंचते हैं। अन्य लोगों के लिए भी त्रिकोणासन करना बहुत फायदेमंद है, इससे कई समस्याएं दूर हो जाती हैं। आइए जानते हैं त्रिकोणासन करने का सही तरीका एवं इससे होने वाले लाभ।
त्रिकोणासन करने का तरीका
सीधे खड़े होकर अपने पैरों के बीच थोड़ी दूरी बना लें। सुनिश्चित करें की आपके पंजे जमीन को दबा रहे हों और शरीर का भार दोनों पैरों पर समान रूप से हो। इसके बाद अपनी बांहों को शरीर से दूर कंधे तक फैलाएं। सांस को अंदर लेते हुए दाएं हाथ को ऊपर उठाकर कान से चिपका लें। अब बाएं पैर को बाहर की ओर मोड़ लें। अब सांस को बाहर छोड़ते हुए कमर से बाईं ओर झुकें। झुकते समय अपने घुटने न मोड़ें और दायां हाथ कान से सटाकर ही रखें। अब अपने दाएं हाथ को जमीन के समानांतर लाने का प्रयास करें और अपने बाएं हाथ से बाएं टखने को छूने की कोशिश करें। इस मुद्रा में 20 से 30 सेकंड तक रहें।
लाभ-
-त्रिकोणासन के नियमित अभ्यास से पाचनतंत्र सुधरता है।
-महिलाएं यदि इसका सही तरीके से अभ्यास करती हैं तो उनके वक्ष स्वस्थ रहते हैं।
-तनाव और अवसाद से छुटकारा पाने में भी त्रिकोणासन बहुत प्रभावशाली है।
-कमर दर्द को दूर करने के लिए भी इस आसन को किया जाता है।
- हाथ, पैर और घुटनों को मजबूत करने के लिए भी इस आसन का अभ्यास किया जाता है।
सावधानियां-
यदि आपको माइग्रेन की समस्या है तो इस आसन को न करें। डायरिया में भी त्रिकोणासन करना सही नहीं होता है। उच्च या निम्न रक्तचाप के दौरान योग प्रशिक्षक की सलाह के बिना इस आसन का अभ्यास न करें।