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World Hindi Day 2024: कब मनाया जाता है 'विश्व हिंदी दिवस'? जानें इसका इतिहास और इस साल की थीम
Sun, 07 Jan 2024 02:39 PM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Sun, 07 Jan 2024 02:39 PM IST
सार
विदेशों में भी हिंदी को खास दर्जा दिलाने के लिए हर साल 10 जनवरी के दिन विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।
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विश्व हिंदी दिवस 2024
- फोटो : Istock
विस्तार
World Hindi Day 2024: भारत एक ऐसा देश है, जहां बातचीत के लिए कई तरह की भाषाओं का प्रयोग किया जाता है, लेकिन हिंदी एक ऐसी भाषा है जो ज्यादातर भारतीयों को एक डोर में जोड़े रहती है। आज के समय में भले ही ज्यादातर लोगों का झुकाव अंग्रेजी की तरफ हो गया है, पर वर्तमान समय में भी भारत में राजभाषा और आधिकारिक भाषा के तौर पर हिंदी को ही पहचाना जाता है।
हिंदी भाषा भारत के साथ-साथ विदेशों में बसे भारतीयों को भी अपनी एक अलग पहचान दिलाती है। विदेशों में भी हिंदी को खास दर्जा दिलाने के लिए हर साल 10 जनवरी के दिन विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। बात करें इसके इतिहास की हर किसी के लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर 10 जनवरी के दिन ही विश्व हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है।
विश्व भर में करोड़ों लोग बोलते हैं हिंदी
हिंदी भाषा की बात करें तो आज भी हिंदी पूरी दुनिया में बोली जाने वाली पांच भाषाओं में से एक है। विश्व भर के करोड़ों लोग आज हिंदी बोलते हैं। दक्षिण प्रशांत महासागर के मेलानेशिया में फिजी नाम का एक द्वीप है, जहां पर हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है।
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विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार, हिंदी विश्व की 10 शक्तिशाली भाषाओं में से एक है। साल 2017 में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में बच्चा, बड़ा दिन, अच्छा, सूर्य नमस्कार जैसे शब्द जोड़े गए हैं। इससे ये साबित होता है कि हिंदी भाषा अब विदेशों में भी लोकप्रिय हो रही है। विदेश में रहने वाले लोगों को भी अब हिंदी का महत्व पता लग रहा है।
जानें इसका इतिहास
अब बात करते है हिंदी दिवस के इतिहास की, तो विश्व में पहला हिंदी दिवस 10 जनवरी 1974 को महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित किया गया था। इस महासम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य विश्व-भर में हिंदी का प्रसार करना था। नागपुर में हिंदी दिवस के आयोजन के बाद सबसे पहले यूरोपीय देश नार्वे के भारतीय दूतावास ने पहली बार विश्व हिंदी दिवस मनाया था।
इसके बाद दूसरा और तीसरा हिंदी दिवस भारतीय नॉर्वे सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के तत्वाधान में लेखक सुरेश चन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में बहुत धूमधाम से मनाया गया था। भारत के प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने साल 2006 को घोषणा की कि प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाएगा। तब से हम विश्व हिंदी दिवस बेहद धूमधाम से मनाते हैं।
ये है इस साल की थीम
हर साल हिंदी दिवस अलग-अलग थीम पर मनाया जाता है। अगर इस साल की थीम की बात करें तो इस साल विश्व हिंदी दिवस सम्मेलन का फोकस हिंदी पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर केंद्रित रहेगा।
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हिंदी भाषा भारत के साथ-साथ विदेशों में बसे भारतीयों को भी अपनी एक अलग पहचान दिलाती है। विदेशों में भी हिंदी को खास दर्जा दिलाने के लिए हर साल 10 जनवरी के दिन विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। बात करें इसके इतिहास की हर किसी के लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर 10 जनवरी के दिन ही विश्व हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है।
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विश्व भर में करोड़ों लोग बोलते हैं हिंदी
हिंदी भाषा की बात करें तो आज भी हिंदी पूरी दुनिया में बोली जाने वाली पांच भाषाओं में से एक है। विश्व भर के करोड़ों लोग आज हिंदी बोलते हैं। दक्षिण प्रशांत महासागर के मेलानेशिया में फिजी नाम का एक द्वीप है, जहां पर हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है।
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विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार, हिंदी विश्व की 10 शक्तिशाली भाषाओं में से एक है। साल 2017 में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में बच्चा, बड़ा दिन, अच्छा, सूर्य नमस्कार जैसे शब्द जोड़े गए हैं। इससे ये साबित होता है कि हिंदी भाषा अब विदेशों में भी लोकप्रिय हो रही है। विदेश में रहने वाले लोगों को भी अब हिंदी का महत्व पता लग रहा है।
जानें इसका इतिहास
अब बात करते है हिंदी दिवस के इतिहास की, तो विश्व में पहला हिंदी दिवस 10 जनवरी 1974 को महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित किया गया था। इस महासम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य विश्व-भर में हिंदी का प्रसार करना था। नागपुर में हिंदी दिवस के आयोजन के बाद सबसे पहले यूरोपीय देश नार्वे के भारतीय दूतावास ने पहली बार विश्व हिंदी दिवस मनाया था।
इसके बाद दूसरा और तीसरा हिंदी दिवस भारतीय नॉर्वे सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के तत्वाधान में लेखक सुरेश चन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में बहुत धूमधाम से मनाया गया था। भारत के प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने साल 2006 को घोषणा की कि प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाएगा। तब से हम विश्व हिंदी दिवस बेहद धूमधाम से मनाते हैं।
ये है इस साल की थीम
हर साल हिंदी दिवस अलग-अलग थीम पर मनाया जाता है। अगर इस साल की थीम की बात करें तो इस साल विश्व हिंदी दिवस सम्मेलन का फोकस हिंदी पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर केंद्रित रहेगा।