ट्रैवल ब्लॉगर्स के साथ चर्चा: कोरोना काल ने कैसे बदला ट्रैवलिंग का अंदाज, यहां जानें क्या बोले ब्लॉगर्स
अगर पूछा जाए कि घूमना किसे पसंद नहीं? तो शायद इस लिस्ट में आपको बेहद कम नाम मिले या फिर मिले ही न, क्योंकि हर कोई चाहता है कि वो नई-नई जगहों पर जाएं, वहां के बारे में जाने और वहां से कई अच्छी यादें लेकर लौटे। इसके लिए लोग समय-समय पर यात्राएं करते हैं। कोई अपने दोस्तों संग तो कोई अपने परिवार संग घूमने का प्लान बनाता है। लेकिन घुमक्कड़ लोगों की यात्राओं में इस कोरोना वायरस ने काफी लंब समय तक ब्रेक लगा दिया, जिसके कारण लोग अपने-अपने घरों में ही रहने को मजबूर हो गए। लेकिन अब हालात थोड़े ही सही, लेकिन बदले जरूर हैं। लोग अब अपने घर से बाहर निकल रहे हैं, अपनी पसंदीदा जगहों पर जा रहे हैं और लॉकडाउन की बोरियत को दूर भगा रहे हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि पोस्ट कोरोना के दौर में ट्रैवलिंग कितनी बदल गई है? आखिर इसमें क्या-क्या बदलाव आए हैं? और अब हम किन बातों का ध्यान रखकर अपनी रूकी यात्रा को फिर से शुरू कर सकते हैं? अग आप भी इस बारे में जानना चाहते हैं, तो चलिए आपको बताते हैं अमर उजाला की "ट्रैवल ब्लॉगर्स के साथ हुई चर्चा" के बारे में, जिसमें हमारे साथ जाने-माने ब्लॉगर्स निधि खुराना, दानिश, आयुष लोनियल, शुभम मानसिंगका, जागृति और नेहा राली जुड़ी और इन सभी ने ट्रैवलिंग को लेकर अपने विचार रखे। तो चलिए जानते हैं इस बारे में...
1. निधि खुराना
पोस्ट कोविड के दौरान ट्रैवल ब्लॉगिंग में लोगों को कनेक्ट करना कितना मुश्किल है? निधि खुराना से जानें
वेबिनार में निधि खुराना ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान बताया कि इस दौरान मैंने कई लाइव सेशन किए, लाइव वीडियो के जरिए लोगों से जुड़ी, कुछ पुरानी वीडियो को नए तरीके से पेश किया, ताकि मैं लोगों से जुड़ी रह सकूंं और इसने काम भी किया।
सोलो ट्रैवलिंग कहां करें?
निधि ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान खुद का अनुभव बताते हुए कहा कि, मैंने अपनी सोलो ट्रैवलिंग हिमाचल प्रदेश से की थी और मेरा यहां का अनुभव काफी अच्छा रहा। उन्होंने ये भी बताया कि मौजूदा समय में वे बीर बिलिंग में हैं और यहां उन्हें काफी अपना पन दिखता है।
2. दानिश
बजट ट्रैवल क्या है? दानिश ने बताया
दानिश ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान बताया कि हम काफी ज्यादा घूमने जाते हैं, ऐसे में खर्चा काफी ज्यादा हो सकता है। इसके लिए हम होटल वालों से कोलेबरेशन करते है, एसी बस की जगह रोडवेज की बसों में जाते हैं, एसी कोच में न जाकर नॉन एसी कोच में जाते हैं। हम महंगे होटल की जगह पर सस्ते होटल में रहते हैं और कुछ ऐसे ही तरीकों से हम बजट में ट्रैवलिंग कर सकते हैं।
कोरोना में कैसे करें ट्रैवल? किन बातों का रखें ध्यान, दानिश से जानें
दानिश ने बताया कि हमें ट्रैवलिंग के दौरान अपने दिमाग में कोविड-19 के नियमों का ध्यान रखना चाहिए और इनका पालन करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर आप ट्रैकिंग कर रहे हैं और काफी चढ़ाई चढ़ रहे हैं, तो ऐसे में मास्क लगाना बेहद मुश्किल है, लेकिन फिर भी हमें इस बात का ध्यान रखकर ही आगे बढ़ना चाहिए। वहीं, उन्होंने बताया कि कोरोना की वजह से लोकल लोग (ट्रैवलिंग के रोजगार से जुड़े लोग) को काफी मार पड़ी है। इसलिए हर किसी को उनकी मदद के लिए सोचना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि जो लोग ट्रैवल करने जाते हैं, उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कहीं गदंगी न फैलाए।
3. शुभम मानसिंगका
शुभम मानसिंगका से जानें, कैसे घर रहकर लें ट्रैविंलग का अनुभव?
इस पर बातचीत के दौरान शुभम ने बताया कि हमारी हमेशा ही कोशिश रहती है कि हम एक ऐसा वीडियो तैयार करते हैं, जो सभी को पसंद आता है। हालांकि, हम पहले वीडियो को खुद के लिए तैयार करते हैं और फिर लोगों के लिए। साथ ही शुभम ने कहा कि हमें अच्छा लगता है कि लोग हमारे वीडियो को पसंद करते हैं।
घूमने के लिए पहले भारत या विदेश?
इस पर शुभम ने कहा कि लोगों को पहले अपना देश घूमना चाहिए। इस पर उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि लोग चेरी ब्लॉसम देखने जापान जाते हैं, लेकिन ये चीजें उन्हें नागालैंड में ही देखने को मिल जाती हैं। लेकिन फिर भी लोग बाहर जाते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि घूमने के साथ ही लोगों को भारत की लोकल चीजों के बारे में भी जानना चाहिए।
कोरोना में ट्रैवल करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
इस पर शुभम ने कहा कि, ऐसी जगहों पर न रूकें, जहां पर काफी ज्यादा लोग रूके हों, भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। साथ ही शुभम ने बताया कि लोग होटल की जगह पर होम स्टे को चुन सकते हैं, क्योंकि एक तो ये पहले ही बेहतर थे और अब कोरोना के बाद से ये और काफी बदल चुके हैं, जहां आप ठीक रह सकते हैं। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि होम स्टे होटल से काफी अलग होते हैं।
4. नेहा राली
महिलाएं बिना डरे सोलो ट्रैवलिंग कैसे करें?
इस पर नेहा राली ने कहा कि अगर आप पहली बार अकेले सोलो ट्रिप पर जाते हैं, और ऐसे में कोई आपको परेशान करता है और आप उस स्थिति को नियंत्रित कर लेते हैं तो यहां से आप काफी कुछ सीखते हैं और यहीं से आप आगे अकेले जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि लड़कियों या महिलाओं को पहले अपने परिवार संग जाना चाहिए और यहां से भी उनका डर दूर होने में मदद मिलती है।
जिन्हें पहाड़ पसंद नहीं, वो किन जगहों पर ट्रैवलिंग के लिए जा सकते हैं?
नेहा राली ने बताया कि जिन लोगों को पहाड़ों से डर लगता है या वो वहां नहीं जाना चाहते हैं, तो ऐसे लोगों को राजस्थान जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वहां का खाना, वहां की वेशभूषा, वहां के लोग और वहां घूमने की जगह काफी ज्यादा प्यारी हैं।
5. आयुष लोनियल
आयुष से जानें, लॉकडाउन के दौरान कैसे मैनेज किया ट्रैवल को
इस पर आयुष ने बताया कि लॉकडाउन में ट्रैवल तो नहीं कर सकते थे, तो ऐसे में मैंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे- इंस्टाग्राम को मजबूत किया। इसके अलावा मैंने खुद को दूसरे कामों में व्यस्त रखा।
ट्रैवल ब्लॉगिंग क्या होती है?
आयुष ने बताया कि जब आप कहीं जाते हैं या कहीं की यात्रा करते हैं, कहीं खाना खाते हैं, कहीं रहते हैं और जब आप इस चीज को डिजिटिल फॉर्मेट में रिकॉर्ड करते हैं, तो ये ट्रैवल ब्लॉगिंग कहलाता है।
6. जागृति
पूरे ट्रैवल को बजट से कैसे मैनेज करें?
इस पर जागृति ने बताया कि आप होस्टल ले सकते हैं, यहां आपको एक कमरा 300-400 रुपये तक मिल जाता है, जो होटल में प्रति रूम 2-3 हजार रुपये तक मिल जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हमने केदारनाथ का पूरा ट्रिप 3 हजार रुपये में किया। उन्होंने बताया कि यहां हम लोकल बस से गए।
कैसे सोशल मीडिया ने ट्रैवल का रोल बदला है?
जागृति ने बताया कि हां, बिल्कुल अभी के समय पर तो सोशल मीडिया पर और खासकर कि इंस्टाग्राम ने सबकुछ समेट लिया है और जब आप यहां लोगों को अपने ट्रैवल की वीडियो या फोटो दिखाते हैं, तो इससे लोग भी आगे बढ़ते हैं और काफी कुछ सीखते हैं।