ऑफिस से छुट्टी लेने में सबसे पीछे रहते हैं भारतीय,वजह है बेहद डरावनी
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शहर की भागदौड़ और तनाव भरी लाइफ ने लोगों की हेल्थ पर बुरा असर डाला है। लोग ऑफिस में मिले टारगेट को पूरा करने में लगे रहते हैं या खुद को दूसरों से बेहतर साबित करने की दौड़ में। महीनों लगातार काम करने की वजह से इस समय अधिकांश लोगों की लाइफ नीरस और तनाव भरी हो गई।
बरहाहल, लगातार व्यस्तता के बीच आपने लोगों को यह कहते भी सुना होगा कि मूड फ्रेश करने के लिए कहीं घूम आओ। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि वातावरण बदलने से लोगों का ध्यान तनाव भरी चीजों से कुछ समय के लिए हट जाता है और वो फ्रेश फील करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं दुनियाभर के देशों की तुलना में भारत एक ऐसा देश है, जहां के लोग सबसे कम छुट्टियां लेते हैं। इसके पीछे जो वजह बताई जाती है वह बेहद हैरान करने वाली है।
क्यों कम छुट्टियां लेते हैं भारतीय
हाल ही में 19 देशों में हुए एक सर्वे के मुताबिक भारतीय कर्मचारी अन्य देशों के मुकाबले सबसे कम छुट्टियां लेते हैं। इसके पीछे जो वजह बताई गई वह बेहद हैरान कर देने वाली थी। इस सर्वे के अनुसार 53 प्रतिशत भारतीयों को अपने काम से फुर्सत ही नहीं मिली, जिसकी वजह से वह पिछले छह महीने से किसी छुट्टी पर नहीं गए। दूसरी तरफ 35 प्रतिशत भारतीय ऐसे थे जो सिर्फ इस वजह से छुट्टी नहीं ले पा रहे थे क्योंकि उनके ऑफिस में स्टाफ की कमी थी। कुछ लोगों ने छुट्टी ना लेने के पीछे यह तर्क दिया कि अगर वो छुट्टी पर गए तो लौटने पर उनके लिए काम का बोझ अधिक बढ़ जाएगा।
लोग अवकाश ना मिलने की वजह से काफी परेशान रहते हैं
ट्रैवल वेबसाइट एक्सपीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में भारत में लगभग 75% लोग अवकाश ना मिलने की वजह से काफी परेशान रहे। बता दें कि भारत के बाद छुट्टी ना लेने वाले देश की लिस्ट में दक्षिण कोरिया का नाम आता है। यहां के 72% लोग तो, वहीं तीसरे स्थान पर रहने वाले हांगकांग में 69% लोग अपने रोजमर्रा के काम से इतना ज्यादा परेशान रहते हैं कि चाह कर भी वह अपने परिवार के साथ छुट्टी पर नहीं जा पाते हैं।
इस रिपोर्ट को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि भारत के कर्मचारी अपनी छुट्टियों का सही उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, वह अपना सारा समय अपने ऑफिस को ही समर्पित कर देते हैं।
इस अध्ययन में इस बात का भी खुलासा हुआ कि भारतीय कर्मचारियों के भीतर अपनी नौकरी को लेकर काफी भय बना रहता है। कर्मचारियों को हमेशा इस बात का डर सताता रहता है कि अगर वो ज्यादा छुट्टी लेंगे तो कहीं उन्हें अपनी नौकरी से हाथ ना धोना पड़ेगा। हैरानी तब हुई जब इस रिसर्च में पता चला कि यहां कुछ कर्मचारी ऐसे भी थे जो इस डर से पूरे साल में एक भी छुट्टी नहीं ले पाए थे।
घूमने-फिरने को लेकर डॉक्टर्स का भी कहना है कि हर व्यक्ति को कुछ वक्त अपने परिवार के साथ कहीं दूर जाकर जरूर बिताना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति के मानसिक तनाव में कमी आती है और वह खुद को फ्रेश फील करता है। डॉक्टर की मानें तो साल में कम से कम एक छुट्टी अपने परिवार के साथ हर व्यक्ति को जरूर प्लान करनी चाहिए। ऐसा करने से हमारे परिवार का माहौल भी खुशनुमा बना रहता है।
भारतीय कर्मचारियों की छुट्टी
कर्मचारी चाहे फुल टाइम जॉब करें या पार्ट टाइम, उन्हें हर साल चार सप्ताह का वार्षिक अवकाश मिलता है। यहां तक की कुछ कर्मचारियों को तो अतिरिक्त भुगतान भी दिया जाता है, जिसे वार्षिक अवकाश लोडिंग कहते है। 12 महीने में कभी भी जरूरत पड़ने पर हम अपने वरिष्ठ कर्मचारी को बताकर छुट्टी पर जा सकते हैं।
तनाव से दूर रहना है तो जाएं छुट्टियों पर
व्यक्ति को रोज-रोज एक जैसा काम करने की वजह से थकान और तनाव महसूस होने लगता है। ऐसे समय में उसे अपने काम से छुट्टी लेकर कुछ वक्त आराम कर लेना चाहिए, यदि आप तनाव महसूस करने के बाद भी काम करते रहेंगे तो वह आपके शरीर में कई रोगों का कारण बन सकता है।
तनाव से होने वाली बीमारी
तनाव लेने की वजह से हम अच्छी नींद लेने से वंचित रह जाते हैं, जिसकी वजह से आप पूरा दिन तनाव महसूस करते रहते हैं या फिर छोटी-छोटी बातों पर लड़ना शुरू कर देते हैं, जिसकी वजह से आपको भविष्य में थायराइड की समस्या भी हो सकती है।