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Ganesh Idol in Indonesia: इंडोनेशिया के ज्वालामुखी में छिपी गणेश जी की हजारों साल पुरानी मूर्ति, जानिए इतिहास

Thu, 28 Aug 2025 01:49 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Thu, 28 Aug 2025 01:49 PM IST
सार

Ganesh Idol in Indonesia: आइए जानते हैं हिंदू धर्म के प्रथम पूजनीय भगवान गौरी पुत्र गणेश इंडोनेशिया कैसे पहुंच गए यानी यहां गणेश जी की पूजा और मंदिरों का इतिहास जानिए।

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700 Year Old Ganesh Idol at Mount Bromo In Indonesia Volcano history
इंडोनेशिया के गणेश जी - फोटो : instagram

विस्तार

Ganesh Idol in Indonesia: भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में गणेश जी की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म से जुड़े कई सांस्कृतिक और धार्मिक स्थल दक्षिण–पूर्व एशिया के देशों में देखने को मिलते हैं। इनमें से एक इंडोनेशिया है। इस इस्लामिक देश की करेंसी पर भी भगवान गणेश की तस्वीर देखने को मिलती है। वहीं यहां कई गणेश मंदिर और प्राचीन गणपति प्रतिमाएं भी हैं। इंडोनेशिया के माउंट बेसेकीह और माउंट बाटूर क्षेत्र में ज्वालामुखी की गुफाओं और मंदिरों में गणेश जी की प्राचीनतम और भव्य मूर्तियां स्थापित हैं। आइए जानते हैं हिंदू धर्म के प्रथम पूजनीय भगवान गौरी पुत्र गणेश इंडोनेशिया कैसे पहुंच गए यानी यहां गणेश जी की पूजा और मंदिरों का इतिहास जानिए।

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इंडोनेशिया में गणपति जी का इतिहास और महत्व


इंडोनेशिया दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देशों में से एक है, लेकिन यह कभी हिंदू-बौद्ध संस्कृति का केंद्र भी रह चुका है। 8वीं से 13वीं शताब्दी तक यहां हिंदू साम्राज्यों का प्रभाव रहा। इसी दौर में गणेश जी की पूजा इंडोनेशिया के द्वीपों तक पहुंची। माउंट बाटुर वोल्केनो में बनी गणेश जी की मूर्ति 10वीं से 11वीं शताब्दी की मानी जाती है। इसे पत्थरों को तराशकर बनाया गया है। यह मूर्ति गणेश जी को ज्ञान और विघ्नहर्ता के रूप में दर्शाती है। यह मूर्ति हिंदू और जावानीज़ कला के अद्भुत संगम का प्रमाण है।

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गणेश पूजा की शुरुआत कैसे हुई?


जब इंडोनेशिया में हिंदू राजवंश शासन कर रहे थे, तब बाली और जावा द्वीप पर हजारों मंदिर बनाए गए। बाली के लोगों ने गणेश जी को शिक्षा और समृद्धि का देवता मानकर पूजा शुरू की। माना जाता है कि ज्वालामुखी पर्वतों पर गणेश जी की मूर्ति रखने से प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा होती है। यही विश्वास आज भी बाली और जावा की संस्कृति में जीवित है।

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कैसे कर सकते हैं इंडोनेशियाई गणेश जी के दर्शन?


अगर आप भी इंडोनेशिया में बसे गणेश भगवान के दर्शन करना चाहते हैं तो बाली द्वीप के माउंट बाटुर वोल्केनो क्षेत्र की यात्रा करें। यह मूर्ति मंदिर परिसर और गुफाओं में स्थित है, जहां स्थानीय गाइड के साथ जाया जा सकता है। सुबह के समय यहां दर्शन का विशेष महत्व है क्योंकि सूर्योदय के साथ ज्वालामुखी का दृश्य अद्भुत होता है। स्थानीय पुजारी अब भी विशेष दिनों पर गणेश पूजा और बलि संस्कृति के अनुसार अनुष्ठान करते हैं।


कैसे पहुंचे वोल्केनो?


भारत से बाली के लिए सीधी फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। भारतीय पर्यटक दिल्ली, मुंबई से डेनपासार एयरपोर्ट तक का सफर कर सकते हैं। वहां से उबुद और फिर माउंट बाटुर वोल्केनो क्षेत्र तक टैक्सी या लोकल गाइड के साथ दो से तीन घंटे में पहुंच सकते हैं।


कब आएं वोल्केनो?


ज्वालामुखी गुफाओं में स्थित गणपति के दर्शन के लिए यहां की यात्रा का सबसे उपयुक्त समय अप्रैल से अक्टूबर तक का है, जब मौसम साफ और ट्रेकिंग के लिए अनुकूल होता है।

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