Republic Day 2026: भारत के संविधान की असली प्रति कहां है? जानकर गर्व होगा
Republic Day 2026: भारत के संविधान की मूल प्रति को हाथ से लिखा गया, जिसे तैयार करने में 6 महीने का वक्त लगा। इसे 77 वर्षों सें संरक्षित करके रखा गया है। आइए जानते हैं भारतीय संविधान की मूल प्रति कहां रखी है।
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Republic Day 2026: 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। इस दिन राष्ट्रपति ने तिरंगा फहराकर भारत को एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक राष्ट्र घोषित किया। तब से हर साल 26 जनवरी को भारत अपना गणतंत्र दिवस मनाता है। भारत को अपना संविधान मिल गया लेकिन आपको पता है कि भारतीय संविधान की मूल प्रति आखिर अब कहां है?
भारतीय संविधान अपने आप में खास है। यह दुनिया का सबसे लंबा हस्त लिखित संविधान है, जिसे प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने इटैलिक सुलेख शैली में लिखा था। इसे लिखने में 6 महीने का समय लगा। शांतिनिकेतन के कलाकार नंदलाल बोस ने संविधान के हर पन्ने को सजाया था।
खास बात ये है कि हाथ से लिखे संविधान की मूल प्रति को 77 वर्षों से संभालकर रखा गया है, लेकिन कहां और कैसे? आइए जानते हैं भारतीय संविधान की मूल प्रति से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में।
भारत के संविधान की मूल प्रति कहां रखी है?
भारत के संविधान की मूल हस्तलिखित प्रति नई दिल्ली स्थित संसद पुस्तकालय (Parliament Library) में सुरक्षित रखी गई है। यह प्रति किसी साधारण अलमारी में नहीं, बल्कि विशेष हीलियम-भरे ग्लास केस में नियंत्रित तापमान और नमी, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संरक्षित है। ताकि यह ऐतिहासिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।
संविधान की मूल प्रति क्यों है खास?
- यह हस्तलिखित है।
- दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान
- इसे प्रसिद्ध कैलिग्राफर प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखा
- हर पन्ने पर भारतीय कला और संस्कृति की झलक
- चित्रांकन महान कलाकार नंदलाल बोस और उनके शिष्यों ने किया
कितनी प्रतियां हैं संविधान की मूल प्रति की?
- भारत के संविधान की हिंदी और अंग्रेज़ी में दो मूल प्रतियां हैं।
- दोनों ही संसद पुस्तकालय में सुरक्षित हैं।
- इन प्रतियों पर संविधान सभा के सदस्यों के मूल हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
क्या आम लोग संविधान की मूल प्रति देख सकते हैं?
आम नागरिक सीधे तौर पर मूल प्रति नहीं देख सकते लेकिन,
- संसद संग्रहालय
- डिजिटल आर्काइव
- विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से इसकी झलक जनता को दिखाई जाती है।