अभिभावकों को कब से कहा जा रहा है मॉम और डैड?
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मां, मॉम और मम्मी तीनों शब्दों में ही अपनत्व, स्नेह और वात्सल्य बसा है। ऐसे में कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप अपनी मां को मॉम कहते हैं या मम्मी, शब्दों के इस्तेमाल से स्नेह कम और बढ़ता नहीं है। लेकिन यह सवाल आपके भी जेहन में उठता होगा कि आखिर हम कब से अपने अभिभावकों को मॉम और डैड पुकारते आ रहे हैं। इन शब्दावलियों का इतिहास कितना पुराना है। आपके इस सवाल का जवाब भाषाविद् कैरी गिलोन के पास है।
भाषा विज्ञान में पीएचडी कैरी गिलोन कहती हैं कि मॉम शब्द का सबसे पहले प्रयोग 1867 में हुआ। इससे पहले तक 'मॉमी' कहा जाता था। 1844 तक मॉम शब्द प्रयोग में ही नहीं था उस वक्त बच्चे अपनी जन्मदाता मां के लिए 'मॉमी' शब्द का प्रयोग करते थे। इससे पहले 'मम्मा' कहा जाता था। 1570 में सारे बच्चे और जवान 'मम्मा' ही कहते थे। धीरे-धीरे वक्त गुजरा और भाषा का स्वरूप और शब्दों का उच्चारण बदलने के साथ ही और 'मम्मा', मॉमी और फिर मॉम में तब्दील हो गया।
गिलोन कहती हैं कि 4500 ईसवी पूर्व में भी जन्म देने वाली महिला को बच्चे 'ममा' कहते हैं। वह कहती हैं कि पिता के लिए डैड शब्द 1500 ई. पूर्व से ही प्रयोग होते आ रहा है। कैरी कहती हैं कि यह शब्द इंडो-यूरोपियन भाषा की देन है जिसकी जड़ अंग्रेजी, ग्रीक और संस्कृति थी। वह कहती हैं कि मां के लिए ग्रीक में मैमे (mamme) और लैटिन में मैम'मा (mamma) शब्द का प्रयोग होता था। जबकि पर्शिया, रशियन और फ्रेंच भाषा में 'ममा' ही कहा जाता था।
गिलोन कहती हैं कि सभी भाषाओं में मां के लिए 'म' ही शब्द है। डैड शब्द का प्रयोग 1500 ईसवी पूर्व से ही होता आ रहा है। हालांकि बहुत से इंडो-यूरोपियन भाषाओं में इसके लिए अलग-अलग शब्द है। ग्रीक में पिता को 'टाटा' और आयरिश में डैअड कहते हैं। वह कहती हैं कि आगे चलकर इसी से बाबा और पापा शब्द भी बने।