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यहां एड्स से ग्रस्त होने के लिए तरसते हैं लोग
इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 12 Jul 2013 08:46 PM IST
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क्या आपने कभी सुना है कोई जानबूझ कर एचआईवी वायरस से ग्रसित होना चाहे। आपको सुनकर अटपटा लगेगा लेकिन विदेशों में आजकल ये क्रेज बहुत देखने को मिल रहा है। लोग अपनी खुशी से एक-दूसरे में HIV वायरस फैला रहे हैं।
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यूके के एक व्यक्ति निक (बदला हुआ नाम) ने अपनी इच्छा से HIV वायरस को अपनाया है। मिडलैंड्स में प्रशासनिक मंत्रालय में काम करने वाले निक ने बताया 'इस वायरस के बाद मैं बहुत उत्साहित हूं और पूरी तरह से मेडिकली स्वस्थ हूं'
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निक का कहना है कि मैं हर तीसरे महीने अपने लिवर का टेस्ट करवाता हूं। मैं रोजाना अपना कोलस्ट्रॉल चेक करवाता हूं। मैं ये चेकअप इसीलिए करवाता हूं कि अगर कोई खराब स्थिति हुई तो मुझे इसके बारे में तुरंत पता चल जाए।
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निक ने 2011 में HIV वायरस फैलाने वाले ऑनलाइन ग्रुप को ज्वॉइन किया था। वह अब तक तकरीबन 1000 एचआईवी पॉजिटिव लोगों के साथ अनसेफ सेक्स कर चुका है। जब निक को पता चला था कि उसे भी एचआईवी हो गया है उसके बाद भी उसने 20 पुरूषों के साथ अनसेफ सेक्स किया।
निक जब पहली बार एचआईवी वायरस से पीडि़त हुआ तो निक ने खुशी-खुशी इसकी फेसबुक पर जानकारी दी। निक के मुताबिक, उसे इस बात का अफसोस नहीं है कि वह HIV वायरस से ग्रसित है।
आपको जानकर हैरानी होगी लोग HIV वायरस को सेक्स लाइफ को रोमांचक बनाने के लिए अपना रहे हैं लेकिन एक्सपर्ट्स इस नए क्रेज के लिए ब्रिटेन के लोगों को आगाह कर रहे हैं और चेतावनी भी दे रहे हैं।
ऑनलाइन मिरर डॉट यूके की एक रिपोर्ट के मुताबिक, HIV वायरस अपनाने का ये ट्रेंड बग चेसिंग के नाम से फेमस हो रहा है।
गौरतलब है कि बग चेसिंग का ये ट्रेंड अमेरिका में 1999 में सामन आया था जो कि अब ब्रिटेन में फल-फूल रहा है। HIV वायरस को अपनाने का मतलब है कि सेक्सुअली आप हाई रिस्क ले रहे हैं।
ये लोग ऑनलाइन या सोशल नेटवर्किंग के जरिए संपर्क में आने के बाद एक-दूसरे के साथ सेक्स करके वायरस को ट्रासंमिट करते हैं। इस वायरस से ना सिर्फ प्रतिरोधी क्षमता कमजोर होती है बल्कि जिंदगी भी खतरे में पड़ जाती है।
कुछ बग चेजर्स का दावा है कि HIV वायरस के बाद से उनकी लाइफ पहले से ज्यादा अच्छी हो गई है।
गौरतलब है कि पिछले साल यूके में 73,659 लोग एचआईवी ग्रसित पाए गए। इसमें से 43 फीसदी गे और बायसेक्सुअल पुरूष थे। इतना ही नहीं, पिछले 10 सालों में गे और बायसेक्सुअल लोगों में 58 फीसदी एचआईवी वायरस फैलने का खतरा बढ़ गया है।
2012 में नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) 840 मिलियन पाउंड एचआईवी के इलाज के लिए खर्च किया गया जिसमें औसतन हर मरीज पर 10,000 पाउंड खर्च किया गया।
एल्टोन जॉन एड्स फाउंडेशन में काम करने वाले साइमन का कहना हैं कि 'ब्रिटेन में फल-फूल रहा ये ट्रेंड बेहद डरावना और गैर जिम्मेदाराना है।'
साइमन आगे कहते हैं कि, इस तरह से फैलने वाला वायरस लगातार बढ़ रहा है और इसका ट्रीटमेंट भी फेल हो रहा है। दरअसल बग चेसिंग यूके का ये खतरनाक ट्रेंड बिलकुल नया है और इसे रोकने के सभी प्रयास फेल हो रहे हैं।
हालांकि यूके में अभी तक इसकी कोई रिसर्च नहीं हुई है लेकिन फेसबुक के इस तरह के ग्रुप को तकरीबन 1,172 लोगों ने लाइक किया हुआ है।
एक्सपर्ट्स की मानें तो इस गंभीर मुद्दे पर नेशनल हेल्थ सर्विस और एजुकेशन सिस्टम को मिलकर कुछ कठोर कदम उठाने होंगे, तभी युवाओं को इस ओर जागरूक किया जा सकेगा।