''मैं एक खुशहाल जिंदगी जी रही थी लेकिन अब मेरी जिंदगी में सबकुछ बदल चुका है।मेरा जीवन उलट-पुलट हो गया है।''
एक देश जहां अक्सर लड़कियों की मर्जी के बिना कर दिया जाता है उनका कौमार्य परीक्षण
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नेदा कहती हैं, ''कभी-कभी मुझे लगता है कि मैंने खुद ही अपने-आप को उन हालात में डाला, मेरे परिवार पर जो तोहमत लगी उसके लिए मैं ही जिम्मेदार हूं लेकिन मैं यह भी जानती हूं कि उस रात घर पहुंचने के लिए मेरे पास यही एक रास्ता था।'' उस रात के बाद बामियान प्रशासन को ऐसी शिकायतें मिली थी कि नेदा ने घर पहुंचने से पहले प्रीमैरिटिएल सेक्स (शादी से पहले सेक्स संबंध) किया।इन शिकायतों के बाद नेदा और उनकी दोस्त पर सवालों की बौछार शुरू हो गई।
नेदा बताती हैं, ''मुझे अय्याश कहा जाने लगा और एक मेडिकल सेंटर में वर्जिनिटी टेस्ट के लिए भेज दिया गया।''टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनका हाइमन (कौमार्य) अभी भंग नहीं हुआ है।हालांकि यह मामला अभी भी अफगानिस्तान की न्याय व्यवस्था के चक्कर लगा रहा है।नेदा स्थानीय अभियोजक कार्यालय से तो आरोपमुक्त हो चुकी हैं, लेकिन उनका मामला अब राज्य की सर्वोच्च अदालत में चल रहा है जहां फैसला आना अभी बाकी है।
वर्जिनिटी टेस्ट कोई बड़ी बात नहीं !
अफगानिस्तान में कितने वर्जिनिटी टेस्ट होते हैं इसका वैसे तो कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन मौजूदा तथ्य बताते हैं कि इस तरह के टेस्ट यहां बहुत आम हैं।बोबनी हैदरी एक गायनोकॉलोजिस्ट हैं जो बामियान प्रांत में ही काम करती हैं।उन्होंने बीबीसी को बताया कि उन्हें एक दिन में 10 वर्जिनिटी टेस्ट करने के लिए मिल जाते हैं।ये टेस्ट अक्सर महिलाओं की मर्जी के बिना ही करवा दिए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस तरह के वर्जिनिटी टेस्ट और टू फिंगर टेस्ट को मान्यता नहीं दी है।
अफगानिस्तान में मानवाधिकार आयोग की कमिश्नर सोराया सोभरांग ने बीबीसी को बताया, ''वर्जिनिटी टेस्ट का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता और इन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, ये टेस्ट देश के संविधान, इस्लामिक कानून और अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन हैं।''इस टेस्ट की वजह से इस तरह के धंधे भी उजागर होने लगे हैं जिसमें यह वादा किया जाता है कि वे महिलाओं का कौमार्य वापस ला सकते हैं। ये टेस्ट गैरकानूनी होने के साथ ही सेहत के खतरनाक और महंगे भी होते हैं।