निःसंतान दम्पतियों के जीवन में ये उपाय लौटा रहे हैं खुशियां
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संतान न होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे की आनुवांशिक कारण, जीवनशैली, महिला के गर्भधारण में समस्या या फिर पुरुष के शरीर में कोई समस्या लेकिन वर्तमान समय में आईवीएफ आदि कुछ उपाय ऐसे हैं जो आपकी इस समस्या को हल कर सकते हैं। इन उपायों से आप बिना किसी खतरे के संतान सुख प्राप्त कर सकते हैं।
अच्छी फर्टिलिटी के लिए सर्जरी
इसमें दो प्रकार की सर्जरी होती है जिससे महिला की फर्टिलिटी बढ़ाकर निःसंतानता को दूर किया जाता है। लेप्रोस्कोपी व हिस्टेरोस्कोपी ये दो सर्जरी हैं जिनकी सहायता से आसानी से अंडाशय, गर्भाशय व फैलोपियन ट्यूब को जांच कर उनमें होने वाली समस्या को दूर किया जाता है।
आईयूआई (इंट्रायूटेरियन इंसेमीनेशन)
यह तकनीक तब इस्तेमाल की जाती है जब पुरूष के स्पर्म (शुक्राणु) अच्छी हालत में नहीं होते या इंटरकोर्स के समय ओवरी के बाहर ही रह जाते हैं। ऐसे में पुरूष के स्पर्म को लैब में धोकर उसमें से अच्छे स्पर्म को छांटकर सीधे महिला के गर्भाशय में डाल दिए जाते हैं। यह तकनीक उन दम्पतियों के लिए लाभप्रद है जिनमें स्पर्म की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है।
आईवीएफ
यह गर्भधारण के बाकी सारे उपायों में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानि कि आईवीएफ में अण्डे व शुक्राणुओं को शरीर के बाहर फर्टिलाइज कराया जाता है। इस प्रक्रिया में महिला के अण्डाशय में सामान्य से अधिक अण्डे विकसित किए जाते हैं जिनको लैब में फर्टिलाइज करने के बाद भ्रूण विकसित किया जाता है और इस भ्रूण को 2-5 दिन लैब में ही विकसित कर महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह गर्भधारण का सबसे सुरक्षित व सबसे सफल उपाय है। मां आईवीएफ एक सफल आईवीएफ संस्थानों में से एक है जो कि आपकी निःसंतानता के कारणों का उचित रूप से जांच करके आपका सही उपचार करते हैं। आईवीएफ तकनीक का उपयोग महिला के गर्भाशय में अण्डे न बनने पर अथवा पुरूष के शुक्राणुओं में कोई समस्या होने पर दोनों स्थितियों में किया जाता है।
मेडिकल साइंस की तरक्की से निःसंतानता अब कोई लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है। हालांकि समाज में इसे लेकर ढेरों भ्रांतियां व्याप्त हैं इसलिए जरूरत है तो इन भ्रांतियों में विश्वास न करें व चिकित्सक से सही सलाह लें।