इस खास वजह से मनाया जाता है 'थैंक्स गिविंग डे', आज लोगों को जरूर कहें 'थैंक यू'
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हर साल नवंबर महीने के चौथे गुरुवार को 'थैंक्स गिविंग डे' मनाने का चलन है। इस दिन की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका के मैसाच्यूसेट्स में साल 1621 में हुई। हालांकि कुछ इतिहासकारों का कहना है कि इस दिन को सबसे पहले फ्लोरिडा में साल 1565 से मनाया गया तो कुछ का मानना है कि साल 1578 से कनाडा में इसकी सबसे पहले शुरुआत हुई।
कनाडा में अक्तूबर के दूसरे सोमवार को यह दिन कोलंबस डे के नाम से मनाया जाता है। 'Thanksgiving day' को 'हार्वेस्ट फेस्टिवल' के रूप में मनाया जाता है। दरअसल न्यू इंग्लैंड में नवंबर तक फसलों की कटाई कर दी जाती है, इस काम में लोगों के आपसी सहयोग के लिए और एक-दूसरे का आभार प्रकट करने के लिए 'थैंक्स गिविंग डे' पर एक दावत दी जाती है।
'थैंक्स गिविंग डे' की पार्टी के खाने में कद्दू, क्रैंबेरी ( करौंदा), भुट्टा और आलू का मौजूद होना बेहद जरूरी होता है। अमेरिकी मान्यताओं की मानें तो सबसे पहला 'थैंक्स गिविंग डे' साल 1621 में पिलग्रिम फादर्स ने मनाया था। वह यूरोप से आकर यूनाइटेड स्टेट में बस गए थे। यहां अपनी पहली सफल खेती करने के बाद उन्होंने अपने पड़ोसियों को थैंक्स कहने के लिए एक पार्टी दी। जिसे 'Thanksgiving day' के नाम से जाना गया।
सन् 1789 में जॉर्ज वाशिंगटन ने इस दिन को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की सरकारी घोषणा कर दी। तभी से लोग इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाते हैं।