Ashwini Ganapathi: कर्नाटक की अश्विनी गणपति ने रचा इतिहास, 45 घंटे बिना नींद 173 किमी लगाई दौड़
Deep Japan Ultra 100: अश्विनी जब स्कूल में थी तो फील्ड हॉकी खेला करती थीं। इस दौरान ही उन्हें अहसास हो गया था कि वह स्पीड से ज्यादा एंड्यूरेंस में बेहतर हैं। साल 2019 में अश्विनी ने अपनी पहली अल्ट्रा मैराथन रेस की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Ashwini Ganapathi: कर्नाटक की अश्विनी गणपति ने यह साबित कर दिया कि हौसला, जुनून और आत्मविश्वास के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। 39 वर्ष की उम्र में उन्होंने जापान की सबसे कठिन रेस “डीप जापान अल्ट्रा 100 (Deep Japan Ultra 100)” को 45 घंटे बिना सोए, बर्फीले पहाड़ों और कठोर मौसम के बीच 173 किलोमीटर दौड़ कर पूरा किया। सबसे खास बात है कि वह इस दौड़ को पूरा करने वाली एकमात्र गैर जापानी प्रतिभागी बनीं। अश्विनी गणपति ने न सिर्फ एक रेस जीती, बल्कि दुनिया को दिखा दिया कि महिलाएं जब ठान लेती हैं, तो असंभव को भी संभव बना सकती हैं।
कौन हैं अश्विनी गणपति?
अश्विनी जब स्कूल में थी तो फील्ड हॉकी खेला करती थीं। इस दौरान ही उन्हें अहसास हो गया था कि वह स्पीड से ज्यादा एंड्यूरेंस में बेहतर हैं। साल 2019 में अश्विनी ने अपनी पहली अल्ट्रा मैराथन रेस की। उन्होंने कर्नाटक में हुए 110 किलोमीटर की मलनाड अल्ट्रा में हिस्सा लिया तब उन्हें अहसास हुआ कि 100 किमी पार करने के बाद भी उनमें हिम्मत हैं। यहां से उन्होंने 100 मील का सफर तय करने का सपना देखना शुरू कर दिया।
आईटी सेक्टर में 9 साल के सफल करियर के बाद अश्विनी ने कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ दी और अपना जीवन पूरी तरह एंड्यूरेंस कोचिंग और अल्ट्रा रनिंग को समर्पित कर दिया। उन्होंने कठिन ट्रेनिंग की, मानसिक रूप से खुद को मजबूत किया और अपने परिवार के समर्थन से ये सपना पूरा किया।
Martial Arts Guru Dadi: मार्शल आर्ट की मास्टर दादी, जो 82 साल की उम्र में लड़कियों को बना रहीं सशक्त
अश्विनी गणपति की उपलब्धि
जापान में हुई 173 किलोमीटर की रेस को अश्विनी गणपति ने 45 घंटे लगातार दौड़ कर पूरा किया। इस रेस में 135 लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 72 लोगों ने रेस पूरी की। इन 72 लोगों में अश्विनी एकलौती विदेशी महिला हैं। रेस पूरी करने के दौरान उन्होंने नींद पूरी नहीं की।9,000 मीटर की चढ़ाई के दौरान उन्होंने 8 किलो का बैग खुद उठाया। उनका स्थान टॉप 10 महिला फिनिशर में शामिल है। दौड़ के दौरान अश्विनी खुद का शुद्ध शाकाहारी भोजन साथ लेकर चलीं।