फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   international yoga day 2019 story of brave muslim yoga instructor rafiya naaz

इंटरव्यूः योग के लिए आखिर क्यों कट्टरपंथियों के निशाने पर रहीं राफिया नाज?

Fri, 21 Jun 2019 05:28 PM IST
Pankhuri Singh पंखुड़ी सिंह
Updated Fri, 21 Jun 2019 05:28 PM IST
विज्ञापन
international yoga day 2019 story of brave muslim yoga instructor rafiya naaz

आज 21 जून को पूरे विश्व में योग दिवस मनाया जा रहा है। योग केवल एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है योग लोगों की मानसिक अवस्था को भी नियंत्रित करता है। कल तक भारत की विरासत कहे जाने वाले योग की आज पूरे विश्व में मान्यता है। दुनिया भर में योग को बढ़ावा देने वाले कई लोग और संस्थान हैं जो योग के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं और इस अद्भुत खोज को पृथ्वी के कोने-कोने में फैलाने में जुटे हैं।

विज्ञापन


योग को जीवन मानने वाली और हजारों बच्चों को फ्री में योग सीखने वाली 'राफिया' भी उन्ही चंद लोगों में से एक हैं, जिन्होंने योग से नकारात्मकता मिटाने की ठान ली है। खास बात यह है कि राफिया एक मुस्लिम महिला हैं। ये वही राफिया नाज हैं जिन्होंने बिना भेदभाव के योग को खुली बाहों से अपनाया है, लेकिन दुर्भाग्य की बात तो ये है कि नेक काम करने के बावजूद वो कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। अमर उजाला से हुई उनकी खास बातचीत में उन्होंने योग से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए और अपना अनुभव भी साझा किया। 
विज्ञापन


आज विश्व योग दिवस के दिन आपने दिन की शुरुआत कैसे की कहने पर राफिया हसंते हुए कहती हैं- 'रात भर तो सोई नहीं। रात 2 बजे मैदान के लिए में योग करने के लिए बस थी। वहां पहुंच तो गई, लेकिन मेरे दोस्त और स्टूडेंट्स तो अंदर चले गए लेकिन मुझे बाहर निकल दिया गया। ऐसे में दिन की शुरुआत तो रो कर हुई। हालांकि मुझे पहले से ही पता था कि अंदर नहीं जाने दिया जाएगा फिर भी तकलीफ तो होती है। वैसे भी मैं तो साल के 365 दिन योग दिवस मानती हूं, मलाल तो उनको होता है जो सिर्फ एक दिन योग करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

international yoga day 2019 story of brave muslim yoga instructor rafiya naaz

जाति, धर्म और संप्रदाय के तौर पर कितना भी भेदभाव हो, लेकिन राफिया के जीवन में योग के खास मायने हैं। वो कहती हैं कि, 'मैं चार साल की उम्र से योग कर रही हूं। ''एक इंसान के लिए परिवार के समर्थन से बढ़कर कुछ नहीं होता, फिर चाहे दुनिया में कितनी भी उंगलियां आप पर उठ जाएं फर्क नहीं पड़ता। राफिया आगे कहती हैं कि, 'योग मेरी जिंदगी है क्योंकि होश संभालने के बाद से ही मैं योग करती आ रही हूं और इसके लिए मैंने बहुत कुछ सहा है।'' योग जब जिंदगी बन जाए तो उसकी प्रेरणा और नींव काफी मजबूत होगी।

योग में इतना रम जाने की प्रेरणा आपको कहां से मिली पूछने पर राफिया कहती हैं- ' इसमें मेरे पिता का काफी योगदान है। पापा ने हमेशा मेरा समर्थन किया है। उन्होंने जब स्कूल में दाखिला कराया था तो वहां सुशांत सर योग सिखाया करते थे, उनसे मुझे काफी प्रेरणा मिली।' राफिया ने योग में काफी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2004 में ऑल इंडिया ओलंपिक्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित योग स्टेट चैंपियनशिप जीता है। इतना ही नहीं, योग प्रभा का खिताब, अपराजिता सम्मान, जम्मू और कश्मीर में नेशनल पतंजलि योग प्रमोटर सम्मान और 52 से अधिक गोल्ड मैडल भी अपने नाम किए हैं। लेकिन अफसोस कि इतने सम्मान हासिल करने और योग जैसी सकारात्मकता फैलाने के बावजूद उन्हें बदले में नफरत मिली।

international yoga day 2019 story of brave muslim yoga instructor rafiya naaz

वर्ष 2015 में बाबा रामदेव के साथ योग मंच साझा करने के बाद राफिया को कई मुश्किलों का सिर्फ इसलिए सामना करना पड़ा क्योंकि वो मुस्लिम हैं। इस विषय में राफिया कहती हैं- 2015 में मेरे ऊपर हमले किए गए, फतवे की धमकी दी गई, मेरे लिए भद्दे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, बम से उड़ाने की धमकी मिली और घर पर पत्थर चलाए गए, लेकिन इन चीजों से डरकर मैंने हार नहीं मानी। भारत में ऐसा पहली बार हुआ जब मैंने इतने बड़े हुसैनी मदरसा में योग करवाया।'

राफिया नाज अनाथ बच्चों को भी योग की शिक्षा दे रही हैं। वो हजार से भी ज्यादा बच्चों को फ्री में योग सिखाती हैं। 2017 में कट्टरपंथियों द्वारा हमला होने के बाद उस समय 20 वर्ष की राफिया ने ठान ली की वो जाति, धर्म और संप्रदाय को योग में रोड़ा नहीं बनने देंगी और यहां से उनके संस्थान 'योग बियॉन्ड रिलिजन' की शुरुआत हुई। राफिया का कहना है की उन्हें विश्वास है एक दिन इंसाफ होगा और करारा जवाब तब मिलेगा जब उनके बच्चे भी योग करेंगे। 

international yoga day 2019 story of brave muslim yoga instructor rafiya naaz
लोगों को योग दिवस पर बेहद खूबसूरत संदेश देते हुए राफिया कहती हैं- योग किसी धर्म और जाति की जागीर नहीं है, ये हमारी भारतीय संस्कृति है। हमें गर्व होना चाहिए कि हमने भारत में जन्म लिया। भारतीय होने के नाते हमे गर्व से भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहिए। मुझे गर्व है कि हमारे प्रधानमंत्री ने विश्व योग दिवस के लिए जो प्रस्ताव दिया वो पारित हुआ और हर भारतीय को गौरवान्वित होने का मौका मिला। योग को सिर्फ 21 जून तक समेत के ना रख दें बल्कि रोजाना योग करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed