गीले कपड़े कमरे में सुखाना इस मामले में है नुकसानदायक
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कपड़े चाहें हाथ से धोएं या फिर वाशिंग मशीन में, अगर आप इन्हें धूप के बजाय घर के भीतर ही अक्सर सुखा लेते हैं तो यह फेफड़ों की सेहत से जुड़ा खतरा हो सकता है।
मनचेस्टर के नेशनल एस्पेर्गिलोसिस सेंटर के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर यह दावा किया है कि जो लोग गीले कपड़ों को घर के भीतर ही सुखाते हैं, उन्हें फेफड़ों से जुड़े खास किस्म के संक्रमण का रिस्क अधिक होता है।
शोध की मानें तो कपड़े भीतर सुखाने से कमरे की नमीं 30 प्रतिशत बढ़ जाती है जिससे एर्स्पेगिलस फ्यूमिगेटस स्पोर्स नामक कीटाणुओं के पनपने का माहौल बनता है।
यह कीटाणु फेफड़ों में संक्रमण व साइनसाइटिस की समस्या का रिस्क बढ़ाता है।
शोधकर्ता प्रोफेसर डेविड डेनिंग के अनुसार, ''कमरे के भीतर वाशिंग मशीन रखने वाले लोगों के लिए इसका अधिक रिस्क है क्योंकि एक बार की धुलाई में करीब दो लीटर पानी कमरे की नमीं बढ़ाता है। इसमें फंगस के पनपने का रिस्क बढ़ता है और इससे लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।''
क्या है एर्स्पेगिलोसिस
एर्स्पेगिलोसिस एक ऐसा संक्रमण है जो एर्स्पेगिलस नामक फंगस से होता है। यह श्वासन प्रक्रिया को प्रभावित करता है, खासतौर पर श्वास नली, साइनस और फेफड़े।
कमजोर प्रतिरोधी क्षमता वाले लोगों को इसका रिस्क अधिक होता है।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में माना है कि वाशिंग मशीन का इस्तेमाल लिविंग रूम या बेडरूम में करने के बजाय खुली जगह पर करना ही समझदारी है। खुली बालकनी या धूप वाली जगह पर कपड़ों को धोना और सुखाना इसलिए ही सबसे उपयुक्त माना जाता है कि इसससे सफाई के साथ-साथ कीटाणु भी दूर होते हैं।